जन्माष्टमी पर मथुरा-वृंदावन में ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान, इस बार प्लास्टिक मुक्त भंडारे पर जोर

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रिपोर्ट – योगेश भारद्वाज 

मथुरा-वृंदावन: जन्माष्टमी के अवसर पर मथुरा-वृंदावन में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को लेकर नगर निगम मथुरा-वृंदावन एवं प्रोजेक्ट मथुरा की ओर से संचालित ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान इस बार और व्यापक रूप लेने जा रहा है। पिछले चार वर्षों से चल रहे इस अभियान के माध्यम से भंडारा आयोजकों को स्वच्छता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन, बेहतर आयोजन व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

इस वर्ष अभियान का मुख्य संदेश ‘प्लास्टिक मुक्त भंडारा’ रखा गया है। नगर निगम की ओर से भंडारा संचालकों से अपील की गई है कि वे जन्माष्टमी के दौरान होने वाले आयोजनों में सिंगल यूज प्लास्टिक का इस्तेमाल यथासंभव कम करें। इसके साथ ही भंडारे के दौरान निकलने वाले कचरे के उचित निस्तारण और आसपास की स्वच्छता पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया है।

‘लल्ला आ रहो है’ अभियान का उद्देश्य

मथुरा-वृंदावन भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि और प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है। जन्माष्टमी के अवसर पर यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में शहर में विभिन्न स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया जाता है। इन आयोजनों के दौरान बड़ी मात्रा में भोजन और अन्य सामग्री वितरित होती है, जिसके कारण कचरा प्रबंधन एक महत्वपूर्ण विषय बन जाता है।

इसी को ध्यान में रखते हुए ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान के जरिए भंडारा आयोजकों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य यह संदेश देना है कि श्रद्धालुओं की सेवा और धार्मिक आस्था के साथ ब्रज की स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाई जाए।

नगर आयुक्त ओजस्वी राज ने भंडारा संचालकों से अपील की है कि वे प्लास्टिक के ग्लास, बोतल, प्लेट, सजावटी सामग्री और अन्य सिंगल यूज प्लास्टिक वस्तुओं के इस्तेमाल से बचें।

इस बार मुख्य संदेश ‘प्लास्टिक मुक्त भंडारा’

अभियान के तहत इस बार प्लास्टिक मुक्त भंडारे को प्रमुखता दी जा रही है। आयोजकों से कहा गया है कि वे ऐसे विकल्पों का इस्तेमाल करें, जिनसे आयोजन के बाद प्लास्टिक कचरे की मात्रा कम हो।

इसके अलावा भंडारा स्थल पर पर्याप्त संख्या में डस्टबिन लगाने और आयोजन टीम के सदस्यों को सफाई व्यवस्था की जिम्मेदारी देने पर भी जोर दिया जा रहा है। इससे श्रद्धालुओं को भी कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया जा सकता है।

नगर निगम और प्रोजेक्ट मथुरा का प्रयास है कि जन्माष्टमी जैसे बड़े धार्मिक आयोजन के दौरान स्वच्छता व्यवस्था केवल प्रशासन की जिम्मेदारी न रहे, बल्कि इसमें आयोजकों और श्रद्धालुओं की भी सक्रिय भागीदारी हो।

2025 में इन आधारों पर हुआ था मूल्यांकन

पिछली जन्माष्टमी यानी वर्ष 2025 के दौरान शहर में आयोजित भंडारों का स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और आयोजन व्यवस्था के आधार पर अवलोकन किया गया था। इसके लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को मूल्यांकन का आधार बनाया गया।

इनमें भंडारा स्थल पर डस्टबिन की पर्याप्त और उचित व्यवस्था, आयोजन टीम की सक्रिय भागीदारी, प्लास्टिक का न्यूनतम अथवा शून्य उपयोग, भंडारे और उसके आसपास के क्षेत्र की स्वच्छता तथा सजावट में प्लास्टिक और गुब्बारों से परहेज जैसे बिंदु शामिल रहे।

इस मूल्यांकन के माध्यम से ऐसे आयोजकों को प्रोत्साहित किया गया, जिन्होंने धार्मिक सेवा के साथ-साथ स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी प्राथमिकता दी।

स्वच्छता के आधार पर चुने गए 10 भंडारे

जन्माष्टमी 2025 के दौरान बेहतर व्यवस्थाओं और जिम्मेदार आयोजन के आधार पर 10 भंडारों का चयन किया गया। चयनित भंडारा आयोजकों को नगर आयुक्त ओजस्वी राज द्वारा सम्मानित किए जाने के लिए आमंत्रित किया गया।

इन चयनित आयोजकों में भक्त सेवा मंडल, प्रमोद गर्ग कसेरे (जलपुरुष), रोटरी क्लब ऑफ मथुरा रैशनल, मां वैष्णो देवी मित्र मंडल, जेसीआई मथुरा रॉयल, खंडेलवाल यूथ फेडरेशन, अंतर्राष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन मथुरा, जमुना विहार कॉलोनी, चौधरी दाऊ दयाल सुरेश चंद चैरिटेबल समिति और स्माइल फॉर ऑल फाउंडेशन शामिल रहे।

इन आयोजकों ने अपने-अपने स्तर पर भंडारा आयोजन के दौरान स्वच्छता और बेहतर कचरा प्रबंधन को लेकर प्रयास किए।

जागरूकता से जुड़े प्रयासों को मिली सराहना

‘लल्ला आ रहो है’ अभियान के दौरान कुछ भंडारा आयोजकों ने स्वच्छता को केवल आयोजन स्थल की सफाई तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे जन-जागरूकता से भी जोड़ा।

खंडेलवाल यूथ फेडरेशन की ओर से तैयार की गई स्वच्छता जागरूकता वीडियो प्रस्तुति को विशेष सराहना मिली। वहीं स्माइल फॉर ऑल फाउंडेशन की ओर से स्वच्छता संदेश वाले पोस्टर लगाए गए।

इसी तरह जमुना विहार कॉलोनी की ओर से संचालित प्लास्टिक मुक्त प्याऊ भी अभियान के दौरान विशेष उदाहरण बना। इन प्रयासों का उद्देश्य लोगों को यह समझाना रहा कि छोटे-छोटे बदलावों के जरिए भी बड़े धार्मिक आयोजनों को अधिक स्वच्छ और पर्यावरण अनुकूल बनाया जा सकता है।

वीडियो संदेशों के जरिए लोगों को किया जागरूक

अभियान को आगे बढ़ाने के लिए नमित मित्तल, शशांक गर्ग और सचिन खंडेलवाल ने वीडियो संदेशों के माध्यम से लोगों को स्वच्छता और जिम्मेदार भंडारा आयोजन के प्रति जागरूक किया।

इन संदेशों के जरिए आयोजकों और आम लोगों को स्वच्छता बनाए रखने, प्लास्टिक का इस्तेमाल कम करने और भंडारा स्थल पर कचरा निर्धारित स्थान पर डालने के लिए प्रेरित किया गया।

इसके साथ ही अभियान को धरातल पर आगे बढ़ाने में राजेश बजाज और राजू हाथी वालों का भी सहयोग रहा।

प्रोजेक्ट मथुरा की टीम ने निभाई सक्रिय भूमिका

अभियान के संचालन और जागरूकता गतिविधियों में प्रोजेक्ट मथुरा की टीम की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम से मनीष, कृष्णा श्री, अभिषेक और नवज्योति ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।

टीम ने भंडारा संचालकों से संवाद करने के साथ-साथ स्वच्छता और जिम्मेदार आयोजन को लेकर जागरूकता गतिविधियां संचालित कीं। इसके माध्यम से आयोजकों को बताया गया कि श्रद्धालुओं की सेवा के साथ आयोजन स्थल की सफाई और कचरा प्रबंधन भी उनकी जिम्मेदारी का हिस्सा है।

25 अगस्त तक अनुमति लेने की अपील

नगर निगम मथुरा-वृंदावन ने सभी भंडारा संचालकों से 25 अगस्त 2026 तक अनुमति प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है।

समय से अनुमति मिलने पर प्रशासन को भंडारों के स्थान निर्धारण, सफाई व्यवस्था, कचरा प्रबंधन और यातायात समेत अन्य जरूरी व्यवस्थाओं की बेहतर योजना बनाने में मदद मिलेगी।

इसके अलावा पहले से जानकारी उपलब्ध होने के कारण अंतिम समय में होने वाली अव्यवस्थाओं को भी कम किया जा सकता है। इसलिए नगर निगम ने आयोजकों से समयसीमा का ध्यान रखने और आवश्यक प्रक्रिया समय से पूरी करने का आग्रह किया है।

जनभागीदारी को अभियान की सबसे बड़ी ताकत बताया

प्रोजेक्ट मथुरा के संस्थापक सीए विपुल अग्रवाल ने कहा कि ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान का उद्देश्य केवल जन्माष्टमी के दौरान सफाई कराना नहीं है, बल्कि लोगों के व्यवहार और आयोजन संस्कृति में स्थायी बदलाव लाना है।

उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में अभियान धीरे-धीरे जनभागीदारी का रूप ले चुका है। अब भंडारा आयोजक स्वयं स्वच्छता, बेहतर कचरा प्रबंधन और प्लास्टिक के कम उपयोग को लेकर आगे आ रहे हैं।

उनके अनुसार, यदि सेवा करने वाले आयोजक स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण को भी अपनी जिम्मेदारी मानें, तो जन्माष्टमी जैसे बड़े पर्व के दौरान भी शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित रखा जा सकता है।

स्वच्छ ब्रज की दिशा में पहल

मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी के दौरान लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए स्वच्छता और कचरा प्रबंधन का महत्व और बढ़ जाता है। ऐसे में ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान धार्मिक आयोजन और पर्यावरण संरक्षण के बीच बेहतर संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है।

नगर निगम और प्रोजेक्ट मथुरा का संदेश साफ है कि श्रद्धालुओं की सेवा के साथ ब्रज की स्वच्छता भी सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। इसके लिए भंडारा आयोजकों, स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं की भागीदारी जरूरी है।

कुल मिलाकर, जन्माष्टमी 2026 के लिए ‘लल्ला आ रहो है’ अभियान के तहत प्लास्टिक मुक्त भंडारे पर जोर दिया जा रहा है। 25 अगस्त तक अनुमति प्रक्रिया पूरी करने की अपील के साथ नगर निगम और प्रोजेक्ट मथुरा स्वच्छता, जिम्मेदार कचरा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण को लेकर जागरूकता बढ़ाने में जुटे हैं। अभियान का लक्ष्य है कि सेवा भी हो, स्वच्छता भी हो और जन्माष्टमी पर भंडारा प्लास्टिक मुक्त हो।

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