यूपी की 3.54 लाख रसोइयों को योगी सरकार का बड़ा तोहफा, मानदेय बढ़कर 3 हजार रुपये
Digital UP News Desk
लखनऊ: रक्षाबंधन से पहले उत्तर प्रदेश की 3.54 लाख रसोइयों के लिए योगी सरकार ने महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश की रसोइयों के हित में चार बड़े फैसलों का ऐलान किया। इनमें मानदेय में बढ़ोतरी, कैशलेस इलाज, सुरक्षा कवर और परिधान भत्ते में वृद्धि शामिल है। सरकार के इस फैसले से खासतौर पर महिला रसोइयों को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा मिलने की उम्मीद है। प्रदेश में कार्यरत कुल रसोइयों में करीब 93 प्रतिशत महिलाएं हैं।
मुख्यमंत्री की घोषणा के मुताबिक, रसोइयों को अब तक मिलने वाला 2 हजार रुपये का मासिक मानदेय बढ़ाकर 3 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा उन्हें सालाना 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा देने की घोषणा की गई है। साथ ही 2 लाख रुपये का सुरक्षा कवर भी मिलेगा। वहीं, परिधान के लिए दिए जाने वाले भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 1 हजार रुपये कर दिया गया है।
इन घोषणाओं के बाद प्रदेश के अलग-अलग जिलों में कार्यरत रसोइयों में खुशी का माहौल देखने को मिला। रसोइयों ने सरकार के इस निर्णय को अपने श्रम और जिम्मेदारियों के सम्मान से जोड़कर देखा। उनका कहना है कि बढ़ा हुआ मानदेय रोजमर्रा के घरेलू खर्चों में मदद करेगा, जबकि स्वास्थ्य सुविधा बीमारी के समय आर्थिक चिंता को कम करेगी।
चार बड़े फैसलों से रसोइयों को राहत
योगी सरकार की घोषणाओं में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव मासिक मानदेय में हुआ है। पहले रसोइयों को 2 हजार रुपये का मानदेय मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 3 हजार रुपये कर दिया गया है। यानी उनके मासिक मानदेय में सीधे 1 हजार रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इससे सालाना आधार पर भी उनकी आय में इजाफा होगा।
इसके साथ ही सरकार ने स्वास्थ्य सुरक्षा को लेकर भी बड़ा कदम उठाया है। अब रसोइयों को साल में 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बीमारी की स्थिति में इलाज के लिए तत्काल बड़ी रकम जुटाने की चिंता कम हो सकेगी।
इसके अलावा 2 लाख रुपये का सुरक्षा कवर भी घोषित किया गया है। वहीं, काम के दौरान उपयोग होने वाले परिधान के लिए मिलने वाला भत्ता भी दोगुना कर दिया गया है। पहले जहां 500 रुपये मिलते थे, वहीं अब 1 हजार रुपये दिए जाएंगे।
महिला रसोइयों में खुशी की लहर
प्रदेश की अधिकांश रसोइयां महिलाएं हैं। इसलिए सरकार के इन फैसलों का सीधा असर बड़ी संख्या में महिला कामगारों पर पड़ने की उम्मीद है। सहारनपुर के पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय जाटोवाला की रसोइया रीता देवी ने इस निर्णय पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि मानदेय और अन्य सुविधाओं में वृद्धि उनके श्रम और समर्पण के प्रति सम्मान को दर्शाती है।
उनके मुताबिक, इस फैसले से रसोइया बहनों का उत्साह और मनोबल बढ़ा है। दरअसल, विद्यालयों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाली रसोइयां लंबे समय से अपनी आर्थिक स्थिति को बेहतर बनाने की उम्मीद करती रही हैं। ऐसे में मानदेय बढ़ने से उन्हें घरेलू जरूरतों को पूरा करने में कुछ अतिरिक्त सहारा मिलेगा।
आजमगढ़ के नेहरू हॉल में लखनऊ में आयोजित मुख्य समारोह का सीधा प्रसारण भी देखा गया। यहां बड़ी संख्या में रसोइयां मौजूद थीं। जैसे ही 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की घोषणा हुई, सभागार तालियों से गूंज उठा। इससे साफ हुआ कि स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़ी घोषणा को रसोइयों ने विशेष रूप से महत्वपूर्ण माना।
बढ़े मानदेय से घर के बजट को मिलेगी राहत
मेरठ के खानपुर जूनियर हाईस्कूल की रसोइया विमलेश ने कहा कि मानदेय बढ़ने से उनके घर के खर्च में राहत मिलेगी। उनके मुताबिक, परिवार के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलना भी बड़ी राहत है। बीमारी के समय इलाज का खर्च परिवार के बजट पर भारी पड़ सकता है। ऐसे में कैशलेस इलाज की सुविधा आर्थिक दबाव को कम कर सकती है।
इसी तरह आगरा के प्राथमिक विद्यालय नगला डिठवार की रसोइया आशा देवी ने भी सरकार के फैसले पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि बढ़ा हुआ मानदेय और कैशलेस इलाज दोनों उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। आशा देवी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने रसोइयों की मेहनत और जरूरतों को समझने का प्रयास किया है।
इलाज के लिए कर्ज लेने की चिंता होगी कम
मुरादाबाद के प्राथमिक विद्यालय मिलक नगरिया जट में करीब 10-12 वर्षों से कार्यरत रसोइया सूरजमुखी ने भी सरकार के फैसले को राहत देने वाला बताया। वह चार बच्चों के परिवार की जिम्मेदारी संभालती हैं। उनके अनुसार, मानदेय में 1 हजार रुपये की वृद्धि से घर के बजट को संभालने में मदद मिलेगी।
हालांकि, उनके लिए सबसे बड़ी राहत स्वास्थ्य सुविधा है। उनका कहना है कि गंभीर बीमारी की स्थिति में इलाज का खर्च परिवार के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है। ऐसे में 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा मिलने से कर्ज लेने की चिंता कम होगी।
वाराणसी के ग्राम लेढ़ूपुर, विकासखंड चिरईगांव की रसोइया संतरा देवी ने भी इसे रक्षाबंधन से पहले मिला बड़ा तोहफा बताया। उन्होंने कहा कि पहले बीमारी की स्थिति में इलाज कराने से पहले कई बार आर्थिक स्थिति के बारे में सोचना पड़ता था। अब कैशलेस इलाज की सुविधा से परिवार को स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों में राहत मिल सकती है।
समय पर इलाज मिलने की उम्मीद
सोनभद्र के प्राथमिक विद्यालय दुरावलखुर्द, घोरावल की रसोइया अमरावती देवी ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कई बार स्वास्थ्य संबंधी परेशानी के बावजूद काम करना पड़ता था। उनके मुताबिक, कैशलेस इलाज की सुविधा से अब जरूरत पड़ने पर समय पर डॉक्टर से सलाह और उपचार लेने में मदद मिलेगी।
कानपुर के प्राथमिक विद्यालय दूल, कल्याणपुर की रसोइया मंजू ने भी मानदेय बढ़ाए जाने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि 2 हजार रुपये के मानदेय में घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता था। अब 3 हजार रुपये मिलने से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि, उन्होंने स्वास्थ्य सुविधा को भी बेहद अहम बताया। उनके अनुसार, बीमारी के समय इलाज के लिए कर्ज लेने की नौबत न आए, यह परिवार के लिए बड़ी राहत होगी।
आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में कदम
योगी सरकार की इन घोषणाओं को रसोइयों के आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े फैसले के तौर पर देखा जा रहा है। एक ओर मानदेय बढ़ने से नियमित आय में वृद्धि होगी, वहीं दूसरी ओर स्वास्थ्य सुविधा और सुरक्षा कवर से भविष्य की अनिश्चितताओं को लेकर चिंता कम हो सकती है।
इसके अलावा, परिधान भत्ते को 500 रुपये से बढ़ाकर 1 हजार रुपये किए जाने से भी रसोइयों को काम से जुड़ी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। खास बात यह है कि प्रदेश की 3.54 लाख रसोइयों में लगभग 93 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसलिए इन घोषणाओं का लाभ बड़ी संख्या में महिला कामगारों तक पहुंचने की संभावना है।
कुल मिलाकर, रक्षाबंधन से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ओर से की गई इन घोषणाओं ने प्रदेश की रसोइयों को आर्थिक राहत और सामाजिक सुरक्षा की उम्मीद दी है। बढ़ा हुआ मानदेय उनके घरेलू बजट में सहारा बनेगा, जबकि कैशलेस इलाज और सुरक्षा कवर मुश्किल परिस्थितियों में आर्थिक बोझ कम करने में मददगार हो सकते हैं। यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग जिलों में रसोइयाओं ने इस फैसले पर खुशी जताते हुए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया है।

