कानपुर में पकड़ा गया अवैध गांजा का जखीरा: खुलासे में निकला ओडिशा से राजस्थान-NCR तक सप्लाई का नेटवर्क, जरूर पढ़ें
रिपोर्ट – सर्वेश सोनू शर्मा
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम ब्रांच और थाना सजेती पुलिस की संयुक्त टीम ने एक ट्रक से करीब 4.5 क्विंटल अवैध गांजा बरामद किया है। इस कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि यह खेप ओडिशा से लाई गई थी और इसे राजस्थान, हरियाणा तथा राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में सप्लाई किया जाना था।
पुलिस के अनुसार, तस्करों ने गांजे की खेप छिपाने के लिए ट्रक के कंटेनर में विशेष रूप से सीक्रेट कम्पार्टमेंट तैयार किया था, ताकि सामान्य जांच के दौरान इसकी पहचान न हो सके। हालांकि, पुलिस की सतर्कता और सटीक सूचना के आधार पर इस पूरे नेटवर्क का खुलासा करने में सफलता मिली।
संयुक्त कार्रवाई में मिली बड़ी सफलता
जानकारी के अनुसार, क्राइम ब्रांच और थाना सजेती पुलिस को मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त हुई थी। इसके बाद वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संयुक्त अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान संदिग्ध ट्रक को रोककर उसकी गहन तलाशी ली गई।
शुरुआती जांच में ट्रक सामान्य मालवाहक वाहन जैसा दिखाई दिया। हालांकि, पुलिस टीम ने जब कंटेनर की बारीकी से जांच की तो उसमें बने गुप्त कक्ष का पता चला। इसी सीक्रेट कम्पार्टमेंट से लगभग 4.5 क्विंटल अवैध गांजा बरामद किया गया।
एडीसीपी साउथ के नेतृत्व में कार्रवाई को दिया गया अंजाम
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह अभियान एडीसीपी साउथ सुमित रामटेके के नेतृत्व में संचालित किया गया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राजस्थान के जयपुर निवासी रामेश्वर को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसकी जड़ें किन राज्यों तक फैली हुई हैं।
ओडिशा से लाया गया था गांजा
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बरामद गांजा ओडिशा के नवरंगपुर क्षेत्र से लाया गया था। इसके बाद इसे सड़क मार्ग के जरिए विभिन्न राज्यों में पहुंचाने की योजना बनाई गई थी।
पुलिस के अनुसार, खेप को मुख्य रूप से राजस्थान, हरियाणा और एनसीआर क्षेत्र में सप्लाई किया जाना था। यह भी जांच की जा रही है कि क्या इस नेटवर्क का संबंध उत्तर प्रदेश के अन्य जिलों से भी है।
ट्रक में बनाया गया था सीक्रेट कम्पार्टमेंट
तस्करी को अंजाम देने के लिए ट्रक के कंटेनर में बेहद सावधानी से एक गुप्त कक्ष (सीक्रेट कम्पार्टमेंट) तैयार किया गया था। बाहरी रूप से वाहन पूरी तरह सामान्य दिखाई दे रहा था, जिससे किसी को संदेह न हो।
लेकिन, पुलिस की गहन जांच के दौरान इस छिपे हुए हिस्से का पता चल गया और उसमें रखी गई पूरी खेप बरामद कर ली गई। इस तरह की तस्करी पद्धति यह संकेत देती है कि अपराधी जांच एजेंसियों से बचने के लिए लगातार नए तरीके अपनाने का प्रयास कर रहे हैं।
कानपुर कनेक्शन की भी जांच
पुलिस अब इस मामले में कानपुर कनेक्शन की भी जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यह पता लगाया जा रहा है कि शहर या आसपास के क्षेत्रों में इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोग सक्रिय थे या नहीं।
इसके अलावा, यह भी जांच की जा रही है कि क्या पहले भी इसी मार्ग का उपयोग कर मादक पदार्थों की खेप विभिन्न राज्यों तक पहुंचाई गई थी। यदि जांच में अन्य लोगों की भूमिका सामने आती है, तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
एनडीपीएस एक्ट के तहत होगी कार्रवाई
बरामदगी के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंस (NDPS) Act के तहत आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
जांच अधिकारी बरामद सामग्री, वाहन और आरोपी से जुड़े अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रहे हैं, ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क की परतें खोली जा सकें।
अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका
जांच के शुरुआती तथ्यों से यह मामला केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं लग रहा है। दरअसल, गांजे की खेप ओडिशा से लाकर उत्तर प्रदेश के रास्ते राजस्थान, हरियाणा और एनसीआर तक भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद पुलिस को अंतरराज्यीय नेटवर्क सक्रिय होने की आशंका है।
इसी वजह से संबंधित राज्यों की एजेंसियों से भी समन्वय स्थापित किया जा सकता है, ताकि पूरे गिरोह तक पहुंचा जा सके।
पुलिस की सतर्कता से नाकाम हुई तस्करी
कानून विशेषज्ञों का मानना है कि मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए समय-समय पर चलाए जाने वाले संयुक्त अभियान बेहद प्रभावी साबित होते हैं। इस मामले में भी पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच के कारण बड़ी मात्रा में अवैध गांजा बरामद किया जा सका।
वहीं, अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जांच अभी जारी
फिलहाल पुलिस आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही है। इसके साथ ही मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, वित्तीय लेन-देन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की भी जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि इस नेटवर्क का संचालन कौन कर रहा था और इसमें कितने लोग शामिल हैं।
यदि जांच में नए तथ्य सामने आते हैं, तो पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। अधिकारियों का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष और व्यापक जांच जारी है।
कानपुर में क्राइम ब्रांच और थाना सजेती पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में करीब 4.5 क्विंटल अवैध गांजा बरामद होना मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता मानी जा रही है। प्रारंभिक जांच में ओडिशा से राजस्थान, हरियाणा और एनसीआर तक सप्लाई की योजना का खुलासा हुआ है।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि जांच अभी जारी है और पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर मामले में और भी महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

