सहारनपुर में इमरान मसूद के दामाद पर पत्नी से मारपीट का आरोप, सियासी विवाद के बीच परिवार आमने-सामने

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Digital UP News Desk

सहारनपुर: कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के परिवार में इन दिनों राजनीतिक मतभेद के साथ-साथ पारिवारिक विवाद भी सामने आया है। इमरान मसूद के दामाद शायान मसूद पर उनकी पत्नी सुबिया मसूद के साथ कथित तौर पर मारपीट, गाली-गलौज और घर से निकालने के आरोप लगाए गए हैं। ये आरोप इमरान मसूद के भतीजे हमजा नोमान मसूद ने शनिवार को फेसबुक लाइव के जरिए लगाए। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो पाई है।

यह मामला ऐसे समय सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही शायान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी का दामन थामा था। लखनऊ में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाई थी।

इसके बाद शायान मसूद ने अपने ससुर इमरान मसूद की राजनीतिक भूमिका और कांग्रेस की रणनीति पर सवाल उठाते हुए भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता की जरूरत पर जोर दिया था। अब राजनीतिक मतभेद के बीच परिवार के भीतर लगाए गए गंभीर आरोपों ने इस पूरे मामले को और चर्चा में ला दिया है।

हमजा नोमान मसूद ने फेसबुक लाइव में लगाए आरोप

हमजा नोमान मसूद ने अपने फेसबुक लाइव में दावा किया कि उनकी बहन सुबिया मसूद के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्र व्यवहार किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि सुबिया को घर से बाहर कर दिया गया और इस घटनाक्रम के बाद परिवार के सामने उनकी बहन और उसके छोटे बच्चे की जिम्मेदारी आ गई है।

हमजा के मुताबिक, परिवार पिछले कई वर्षों से रिश्तेदारी और पारिवारिक सम्मान को ध्यान में रखते हुए सार्वजनिक रूप से कुछ कहने से बचता रहा। उनका कहना है कि करीब पांच वर्षों से परिवार ने कई परिस्थितियों में संयम बनाए रखा, लेकिन अब जब उनकी बहन के साथ कथित ज्यादती की बात सामने आई है, तो चुप रहना संभव नहीं है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि उनके पास कुछ ऑडियो और वीडियो रिकॉर्डिंग मौजूद हैं। हमजा के अनुसार, जरूरत पड़ने पर इन रिकॉर्डिंग को सार्वजनिक किया जा सकता है। हालांकि, इन रिकॉर्डिंग की वास्तविकता, संदर्भ और प्रामाणिकता की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

राजनीतिक विवाद को लेकर भी लगाए गंभीर आरोप

हमजा नोमान मसूद ने अपने बयान में पारिवारिक विवाद को राजनीतिक घटनाक्रम से भी जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक मतभेदों का असर उनकी बहन की जिंदगी पर पड़ा है। साथ ही उन्होंने दावा किया कि परिवार के भीतर राजनीतिक कारणों से तनाव बढ़ता गया।

हमजा ने यह भी कहा कि उनके पिता की बीमारी के दौरान राजनीतिक विरोधियों ने उनका हालचाल लिया, जबकि परिवार के ही कुछ लोगों की भूमिका उनके अनुसार अलग रही। इसके अलावा उन्होंने कुछ ऐसी कथित रिकॉर्डिंग होने का दावा किया, जिनमें राजनीतिक तौर पर उन्हें और इमरान मसूद को रास्ते से हटाने जैसी बातें होने का आरोप है।

हालांकि, इन दावों को लेकर भी अभी तक कोई स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है। इसलिए इन आरोपों को फिलहाल संबंधित पक्षों के दावों के तौर पर ही देखा जाना चाहिए।

शायान मसूद ने आरोपों पर दिया जवाब

दूसरी ओर, शायान मसूद ने अपने साले हमजा नोमान मसूद के आरोपों पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यदि राजनीतिक लड़ाई लड़नी है तो उसे राजनीतिक मैदान में लड़ा जाना चाहिए। उनके अनुसार, परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक मंच पर नहीं लाया जाना चाहिए।

शायान मसूद ने संकेत दिया कि उनके पास भी परिवार से जुड़ी कई बातें हैं, जिन्हें वह सार्वजनिक कर सकते हैं। हालांकि, उन्होंने कहा कि वह परिवार की निजी बातों को सार्वजनिक करने के पक्ष में नहीं हैं।

इस प्रतिक्रिया के बाद विवाद में दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आ गए हैं। ऐसे में पूरे मामले की वास्तविक स्थिति संबंधित पक्षों के आधिकारिक बयान, उपलब्ध साक्ष्यों और यदि कोई कानूनी शिकायत दर्ज होती है तो उसकी जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

तीन दिन पहले सपा में शामिल हुए थे शायान मसूद

इस पूरे घटनाक्रम का राजनीतिक पहलू भी महत्वपूर्ण है। 20 अगस्त को शायान मसूद ने कांग्रेस छोड़कर समाजवादी पार्टी की सदस्यता ग्रहण की थी। लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने उन्हें पार्टी में शामिल कराया था।

सपा में शामिल होने के बाद शायान मसूद ने भाजपा के खिलाफ विपक्षी एकजुटता को लेकर अपनी राय रखी थी। उन्होंने कहा था कि भाजपा को हराने के लिए अखिलेश यादव का साथ जरूरी है। उनके इस बयान को इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन से अलग रुख के तौर पर देखा गया।

इमरान मसूद कांग्रेस के प्रमुख पश्चिमी उत्तर प्रदेश के नेताओं में गिने जाते हैं और सहारनपुर से लोकसभा सांसद हैं। ऐसे में उनके दामाद का सपा में जाना राजनीतिक रूप से भी चर्चा का विषय बना। अब इसी राजनीतिक घटनाक्रम के कुछ दिनों बाद पारिवारिक विवाद से जुड़े आरोप सामने आने के कारण मामला और संवेदनशील हो गया है।

परिवार और राजनीति के बीच बढ़ा विवाद

राजनीतिक परिवारों में रिश्तों और विचारधाराओं को लेकर मतभेद सामने आना कोई नई बात नहीं है। हालांकि, इस मामले में राजनीतिक मतभेदों के साथ पारिवारिक आरोपों के जुड़ जाने से स्थिति अधिक गंभीर नजर आ रही है।

एक ओर हमजा नोमान मसूद ने अपनी बहन के साथ कथित व्यवहार को लेकर सार्वजनिक रूप से आवाज उठाई है। वहीं, दूसरी ओर शायान मसूद ने निजी पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक न करने की अपील की है। इसलिए फिलहाल दोनों पक्षों के दावों के बीच वास्तविक तथ्यों को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ नहीं है।

ऐसे मामलों में आरोपों को तथ्य मानने के बजाय संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध प्रमाणों के आधार पर ही निष्कर्ष निकालना उचित होगा। यदि मामले में कोई शिकायत या कानूनी कार्रवाई होती है, तो जांच के बाद सामने आने वाले तथ्यों से स्थिति अधिक स्पष्ट हो सकती है।

आगे क्या होगा?

फिलहाल इस विवाद का केंद्र पारिवारिक आरोप और राजनीतिक मतभेद दोनों बने हुए हैं। हमजा नोमान मसूद द्वारा रिकॉर्डिंग होने का दावा किए जाने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि क्या वे किसी स्तर पर इन कथित ऑडियो या वीडियो को सार्वजनिक करते हैं। दूसरी ओर, शायान मसूद के बयान से संकेत मिलता है कि वह निजी पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक बहस का हिस्सा नहीं बनाना चाहते।

इस घटनाक्रम का राजनीतिक असर भी देखने लायक होगा, क्योंकि शायान मसूद के सपा में शामिल होने के बाद यह विवाद सामने आया है। हालांकि, पारिवारिक आरोपों और राजनीतिक फैसले के बीच सीधा संबंध स्थापित करने के लिए अभी पर्याप्त स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं हैं।

आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है

सहारनपुर में इमरान मसूद के परिवार से जुड़ा यह विवाद फिलहाल आरोप-प्रत्यारोप के स्तर पर है। हमजा नोमान मसूद ने अपनी बहन के साथ कथित मारपीट और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए हैं, जबकि शायान मसूद ने निजी पारिवारिक मामलों को सार्वजनिक न करने की बात कही है। चूंकि आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है, इसलिए किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक शिकायत, जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का इंतजार करना जरूरी है।

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