मुजफ्फरनगर में चलती ट्रेन में मदरसा छात्र से अभद्रता, शराब पिलाने की कोशिश का आरोप
Digital UP News Desk
मुजफ्फरनगर: खतौली क्षेत्र में चलती ट्रेन में एक मदरसा छात्र के साथ कथित तौर पर मारपीट और अभद्रता का मामला सामने आया है। छात्र ने आरोप लगाया है कि ट्रेन के एक कोच में मौजूद करीब 10-12 युवकों ने शराब के नशे में उसके साथ बदसलूकी की और जबरन शराब पिलाने की कोशिश की। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। छात्र का यह भी आरोप है कि उसे चलती ट्रेन से बाहर फेंकने का प्रयास किया गया। हालांकि, कोच में मौजूद कुछ यात्रियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली और छात्र को बचा लिया गया।
पीड़ित छात्र ने खतौली पुलिस को तहरीर देकर पूरे मामले की जांच और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना सकौती क्षेत्र के आसपास की बताई जा रही है।
देवबंद में पढ़ाई कर रहा है छात्र
जानकारी के अनुसार, सरधना क्षेत्र के देवली खेड़ा उर्फ जेनपुर गांव निवासी मोहम्मद मुंतजिर पुत्र क्यूम दारुल उलूम देवबंद में मौलवियत की पढ़ाई कर रहा है। छात्र के मुताबिक, शनिवार को वह मेरठ कैंट से देवबंद जाने वाली ट्रेन में सवार हुआ था। वह ट्रेन के एक कोच में बैठा था, जहां पहले से करीब 10-12 युवक मौजूद थे।
पीड़ित का आरोप है कि ट्रेन के सफर के दौरान युवक कथित तौर पर शराब का सेवन कर रहे थे। शुरुआत में छात्र ने इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन बाद में युवकों ने उसके साथ अभद्रता शुरू कर दी। छात्र के अनुसार, मामला धीरे-धीरे बढ़ता गया और विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई।
दौराला-सकौती के बीच बढ़ा विवाद
छात्र द्वारा पुलिस को दी गई तहरीर के मुताबिक, ट्रेन जब दौराला और सकौती के बीच पहुंची तो युवकों ने उसके साथ कथित तौर पर बदसलूकी शुरू कर दी। आरोप है कि युवकों ने उसकी दाढ़ी पकड़कर उसे परेशान किया और जबरन शराब पिलाने की कोशिश की।
छात्र ने इसका विरोध किया तो कथित तौर पर उसके साथ मारपीट की गई। इसके बाद वह आरोपियों से बचने के लिए दूसरे कोच की ओर जाने लगा। हालांकि, छात्र का कहना है कि आरोपियों ने उसे रोक लिया और उसका बैग भी अपने कब्जे में ले लिया।
इसके बाद स्थिति और गंभीर हो गई। पीड़ित के अनुसार, दो युवकों ने उसे पकड़कर ट्रेन की खिड़की के पास ले जाने का प्रयास किया। छात्र ने शोर मचाकर मदद की गुहार लगाई। उसकी आवाज सुनकर कोच में मौजूद कुछ यात्रियों ने हस्तक्षेप किया और उसे युवकों से अलग कराया।
यात्रियों के हस्तक्षेप से बचा छात्र
घटना के दौरान यात्रियों के हस्तक्षेप को अहम माना जा रहा है। छात्र के मुताबिक, यदि समय रहते अन्य यात्री बीच में नहीं आते तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। यात्रियों ने कथित तौर पर युवकों को रोककर छात्र को सुरक्षित किया।
इसके बाद ट्रेन सकौती स्टेशन पर रुकी। छात्र का आरोप है कि वहां आरोपी उसे धमकी देते हुए चले गए। घटना के बाद छात्र काफी परेशान रहा और खतौली स्टेशन पहुंचने पर उसने पुलिस को मामले की जानकारी दी।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे महत्वपूर्ण सवाल ट्रेन के अंदर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी उठ रहा है। छात्र ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा है कि कोच में कई यात्री मौजूद थे और आरोपी कथित तौर पर खुलेआम शराब पी रहे थे। इसके बावजूद मौके पर कोई जीआरपी पुलिसकर्मी मौजूद नहीं था।
खतौली स्टेशन पहुंचकर पुलिस को दी सूचना
खतौली स्टेशन पहुंचने के बाद पीड़ित ने पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। घटना की सूचना मिलने के बाद एआईएमआईएम जिलाध्यक्ष इमरान कासमी भी समर्थकों के साथ स्टेशन पहुंचे और मामले की जानकारी ली।
वहीं, घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस अधिकारियों ने भी मामले को गंभीरता से लिया। पुलिस अब छात्र की शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि घटना के समय ट्रेन के संबंधित कोच में कौन-कौन लोग मौजूद थे।
पुलिस के सामने आरोपियों की पहचान करना भी एक अहम चुनौती है। इसके लिए ट्रेन के रूट, संबंधित स्टेशन और संभावित यात्रियों से जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके अलावा, यदि ट्रेन या स्टेशन परिसर में उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज घटना से संबंधित है तो उससे भी जांच में मदद मिल सकती है।
पुलिस ने शुरू की जांच
खतौली कोतवाल दिनेश बघेल के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में घटना सकौती क्षेत्र की बताई जा रही है। छात्र की तहरीर प्राप्त कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आरोपियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि के लिए सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। घटना के दौरान ट्रेन में मौजूद यात्रियों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। इसके साथ ही ट्रेन के संबंधित रूट और समय के बारे में भी जानकारी एकत्र की जा रही है।
ट्रेन में सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
इस घटना के सामने आने के बाद रेल यात्रा के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर चलती ट्रेन में किसी यात्री के साथ विवाद या अभद्रता की स्थिति में तत्काल सहायता मिलना बेहद जरूरी होता है। रेलवे और जीआरपी की सुरक्षा व्यवस्था का उद्देश्य यात्रियों को ऐसी परिस्थितियों में सहायता उपलब्ध कराना है।
हालांकि, इस मामले में पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि घटना वास्तव में किस तरह हुई और इसमें कितने लोग शामिल थे। फिलहाल छात्र की ओर से लगाए गए आरोपों के आधार पर जांच आगे बढ़ रही है।
मामले में पुलिस द्वारा आरोपियों की पहचान और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की पुष्टि के बाद आगे की कार्रवाई की उम्मीद है। वहीं, पीड़ित छात्र ने दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

