यूपी की 3.53 लाख रसोइयों को बड़ी सौगात, कैशलेस इलाज समेत चार योजनाओं का ऐलान

WhatsApp Image 2026-08-23 at 12.26.03 PM

Digital UP News Desk

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के परिषदीय और एडेड स्कूलों में पीएम पोषण योजना के तहत बच्चों के लिए भोजन तैयार करने वाली 3.53 लाख रसोइयों को योगी सरकार ने बड़ी सौगात दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को राजधानी लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में आयोजित कार्यक्रम में रसोइयों को कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए। मुख्यमंत्री ने मंच से 11 रसोइयों को प्रतीकात्मक रूप से कैशलेस चिकित्सा कार्ड प्रदान किया। इस अवसर पर प्रदेशभर से करीब 1500 रसोइयों ने कार्यक्रम में सहभागिता की।

इसके साथ ही जिला और तहसील स्तर पर भी कार्यक्रम आयोजित किए गए, जहां जनप्रतिनिधियों के माध्यम से रसोइयों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य पीएम पोषण योजना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली रसोइयों के सामाजिक और आर्थिक हितों को मजबूत करना रहा।

रसोइयों के लिए चार बड़ी योजनाओं की घोषणा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रक्षाबंधन से पहले प्रदेश की 3.53 लाख रसोइयों के लिए चार महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत की जा रही है। सरकार ने रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी के साथ-साथ उनके लिए दुर्घटना बीमा, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि में वृद्धि का फैसला किया है।

पहली बड़ी घोषणा रसोइयों के मानदेय में बढ़ोतरी से जुड़ी है। वहीं दूसरी योजना के तहत उन्हें दो लाख रुपये का दुर्घटना बीमा उपलब्ध कराया जाएगा। तीसरी योजना में रसोइयों और उनके परिवार को पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा देने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा चौथी योजना के तहत ड्रेस के लिए मिलने वाली राशि को दोगुना कर दिया गया है।

सरकार के मुताबिक, साड़ी खरीदने के लिए पहले 500 रुपये की राशि दी जाती थी, जिसे अब बढ़ाकर 1000 रुपये कर दिया गया है। इस तरह सरकार ने रसोइयों के काम के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा और सम्मान से जुड़े पहलुओं पर भी ध्यान देने का प्रयास किया है।

एसबीआई में खाते के जरिए मिलेगा मानदेय

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले रसोइयों के लिए ऐसी व्यापक सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। अब सरकार उनके लिए बैंकिंग सुविधा को भी मजबूत करेगी। इसके तहत भारतीय स्टेट बैंक में खाते खुलवाने की व्यवस्था की जाएगी और उसी खाते में मानदेय भेजा जाएगा।

उन्होंने कहा कि दुर्घटना की स्थिति में दो लाख रुपये की सहायता मिलने से रसोइयों और उनके परिवारों को आर्थिक सुरक्षा मिलेगी। इसके अलावा परिवार के किसी सदस्य के बीमार होने पर भी इंपैनल्ड अस्पताल में पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा का लाभ लिया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने रसोइयों की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि वे स्कूलों में बच्चों के लिए भोजन तैयार करती हैं और इस तरह प्रदेश के लाखों बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण में योगदान देती हैं। इसलिए उनके स्वास्थ्य की चिंता करना भी सरकार की जिम्मेदारी है।

लकड़ी से गैस तक बदली रसोई की व्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले स्कूलों में भोजन बनाने के लिए लकड़ी का इस्तेमाल किया जाता था। इससे रसोई में काम करने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता था। अब प्रदेश की रसोइयों में गैस की व्यवस्था की गई है। सरकार के अनुसार, इससे खाना बनाने वाली महिलाओं के स्वास्थ्य और कार्य परिस्थितियों में सुधार हुआ है।

उन्होंने कहा कि पीएम पोषण योजना केवल बच्चों को भोजन उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके जरिए बच्चों के पोषण और स्वास्थ्य पर भी ध्यान दिया जा रहा है। वहीं, भोजन तैयार करने वाली रसोइयों की सुरक्षा और सुविधाओं को बेहतर बनाना भी जरूरी है।

डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक ने स्थानीय अंदाज में रखी बात

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने अपने स्थानीय अंदाज में रसोइयों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि अब सरकार उनकी सुध ले रही है और उनके मानदेय में बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं।

उन्होंने कहा कि पहले रसोइयों को मिलने वाला मानदेय 2000 रुपये था, जिसे बढ़ाकर 3000 रुपये किया गया है। साथ ही बीमारी की स्थिति में पांच लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा मिलने की बात भी उन्होंने कही।

डिप्टी सीएम ने कहा कि प्रदेश सरकार का प्रयास है कि समाज के उन वर्गों तक भी सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचे, जो लंबे समय से जमीनी स्तर पर काम कर रहे हैं। रसोइयां स्कूलों में बच्चों के लिए प्रतिदिन भोजन तैयार करती हैं और पीएम पोषण योजना को सफल बनाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।

2027 के चुनाव का भी किया जिक्र

अपने संबोधन के दौरान ब्रजेश पाठक ने 2027 के विधानसभा चुनाव का भी जिक्र किया। उन्होंने चुनाव की तुलना परीक्षा से करते हुए कहा कि जिस तरह परीक्षा के समय विद्यार्थी अपनी तैयारी का आकलन करते हैं, उसी तरह जनता भी सरकार के कामकाज का आकलन करेगी।

उन्होंने सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि 2017 से पहले और अब के उत्तर प्रदेश में बड़ा बदलाव आया है। उन्होंने कानून-व्यवस्था, शिक्षा और सरकारी योजनाओं के क्षेत्र में हुए बदलावों को सरकार की उपलब्धि बताया।

हालांकि, कार्यक्रम का मुख्य केंद्र रसोइयों को मिलने वाली नई सुविधाएं और योजनाएं ही रहीं। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से प्रदेश की 3.53 लाख रसोइयों को सीधे लाभ मिलेगा।

स्कूलों की सुविधाओं में बदलाव का दावा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में प्रदेश के सरकारी स्कूलों में हुए बदलावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि अब बच्चों को स्कूल में ड्रेस, जूते-मोजे और स्वेटर जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को स्कूल जाने के लिए जरूरी संसाधनों की कमी का सामना करना पड़ता था। सरकार ने बच्चों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने की दिशा में काम किया है।

उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में सुधार का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान शिक्षा और ज्ञान की भूमि के रूप में रही है। सरकार का प्रयास है कि सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को बेहतर सुविधाएं मिलें और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का अवसर उपलब्ध हो।

रसोइयों की भूमिका को मिला सरकारी सम्मान

पीएम पोषण योजना के तहत स्कूलों में भोजन तैयार करने वाली रसोइयों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। वे प्रतिदिन बच्चों के लिए भोजन तैयार करने के साथ योजना के जमीनी क्रियान्वयन में भी योगदान देती हैं। ऐसे में कैशलेस चिकित्सा सुविधा, दुर्घटना बीमा और बढ़े हुए मानदेय जैसी घोषणाओं को उनके सामाजिक सुरक्षा कवच के विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।

कार्यक्रम से पहले शनिवार को महानिदेशक, स्कूल शिक्षा मोनिका रानी की ओर से सभी जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए थे कि रसोइया सम्मान समारोह को बेहतर ढंग से आयोजित किया जाए। इसके बाद प्रदेश के विभिन्न जिलों और तहसीलों में भी कार्यक्रम आयोजित किए गए।

स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा पर जोर

सरकार की ओर से घोषित योजनाओं में स्वास्थ्य और आर्थिक सुरक्षा को प्रमुखता दी गई है। पांच लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा से रसोइयों और उनके परिवारों को गंभीर बीमारी की स्थिति में आर्थिक बोझ से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा से आकस्मिक परिस्थितियों में परिवार को वित्तीय सहायता मिल सकेगी।

इसके अलावा मानदेय में बढ़ोतरी और ड्रेस के लिए अधिक राशि मिलने से रसोइयों की आर्थिक स्थिति को कुछ हद तक मजबूत करने का प्रयास किया गया है। इस प्रकार, सरकार ने पीएम पोषण योजना से जुड़ी महिलाओं के लिए रोजगार के साथ सामाजिक सुरक्षा को जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

कुल मिलाकर, लखनऊ में आयोजित यह कार्यक्रम प्रदेश की 3.53 लाख रसोइयों के लिए महत्वपूर्ण रहा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जहां कैशलेस चिकित्सा कार्ड वितरित किए, वहीं सरकार ने मानदेय, दुर्घटना बीमा, चिकित्सा सुविधा और ड्रेस राशि से जुड़ी चार घोषणाओं के जरिए रसोइयों को नई सुविधाएं देने का संदेश दिया। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक लाभ कितनी तेजी से और कितने प्रभावी तरीके से रसोइयों तक पहुंचता है, यह इनके क्रियान्वयन पर निर्भर करेगा।

You may have missed