कानपुर में खोया मंडियों पर खाद्य विभाग की कार्रवाई, 450 किलो दूषित खोया कराया नष्ट

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: रक्षाबंधन सहित आगामी त्योहारों को देखते हुए कानपुर नगर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी और दूषित खाद्य पदार्थों की बिक्री पर निगरानी बढ़ा दी है। इसी क्रम में शनिवार को शहर की प्रमुख खोया मंडियों में विशेष जांच अभियान चलाया गया। हटिया खोया मंडी, एक्सप्रेस रोड और फजलगंज में हुई कार्रवाई के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया और खाद्य पदार्थों के नमूने भी संग्रहित किए।

अभियान के दौरान कुल 19 नमूने जांच के लिए लिए गए। वहीं, हटिया खोया मंडी में बिक्री के लिए रखा लगभग 450 किलोग्राम दूषित एवं बदबूदार खोया पाया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की जांच के बाद संबंधित खाद्य कारोबारी की सहमति से इस खोये को मौके से हटवाया गया। इसके बाद बाबूपुरवा स्थित नगर निगम के यार्ड में ले जाकर उसका नियमानुसार विनष्टीकरण कराया गया।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई का उद्देश्य त्योहारों के दौरान बढ़ने वाली खोया और मिठाइयों की मांग के बीच खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि जांच अभियान आगे भी जारी रहेगा और प्रयोगशाला जांच में खाद्य पदार्थ मानकों के विपरीत पाए जाने पर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

त्योहार से पहले खाद्य सुरक्षा विभाग ने बढ़ाई निगरानी

आगामी त्योहारों को देखते हुए बाजारों में खोया, मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थों की मांग बढ़ जाती है। ऐसे में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के आदेश और जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देशन में शनिवार को खाद्य सुरक्षा विभाग की जनपदीय और अंतर्जनपदीय टीमों ने शहर की खोया मंडियों का निरीक्षण किया।

अभियान का नेतृत्व सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह ने किया। उनके नेतृत्व में राज्य सचल दल और खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर पहुंचकर खोया कारोबारियों के प्रतिष्ठानों और बिक्री के लिए रखे खाद्य पदार्थों की जांच की।

हटिया खोया मंडी में 450 किलो खोया मिला दूषित

अभियान के दौरान हटिया खोया मंडी में खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को बिक्री के लिए रखा लगभग 450 किलोग्राम खोया दूषित एवं बदबूदार मिला। अधिकारियों के अनुसार, खोये की स्थिति खाद्य उपयोग के लिए उपयुक्त नहीं थी।

मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित खाद्य कारोबारी से बातचीत की गई। कारोबारी की सहमति के बाद दूषित खोये को मंडी से हटवाया गया। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की निगरानी में उसे बाबूपुरवा स्थित नगर निगम के यार्ड में ले जाया गया, जहां उसका विनष्टीकरण कराया गया।

इस कार्रवाई के जरिए विभाग ने यह संदेश दिया कि त्योहारों के दौरान खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा।

एक्सप्रेस रोड और फजलगंज में भी जांच

हटिया के अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने एक्सप्रेस रोड और फजलगंज खोया मंडी में भी जांच अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न खाद्य कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया।

अभियान के दौरान कुल 19 खाद्य नमूने संग्रहित किए गए। इन नमूनों को प्रयोगशाला जांच के लिए भेजा गया है। अब प्रयोगशाला रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

अधिकारियों ने कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने और उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

व्यापार मंडल के पदाधिकारियों से अधिकारियों ने किया संवाद

एक्सप्रेस रोड स्थित प्रेम खोया भंडार पर निरीक्षण और नमूना संग्रहण के दौरान व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच प्रक्रिया को लेकर अपनी बात अधिकारियों के सामने रखी।

इस पर खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने व्यापारियों को जांच की प्रक्रिया और खाद्य सुरक्षा मानकों के संबंध में जानकारी दी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जांच का उद्देश्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना है। साथ ही, उन्होंने व्यापारियों से अभियान में सहयोग करने की अपेक्षा की।

इसके बाद प्रतिष्ठान का निरीक्षण किया गया और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार खाद्य पदार्थों के नमूने संग्रहित किए गए।

प्रयोगशाला रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा संग्रहित किए गए सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। अब इन नमूनों की रिपोर्ट आने के बाद यह स्पष्ट होगा कि संबंधित खाद्य पदार्थ निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हैं या नहीं।

यदि किसी नमूने में निर्धारित मानकों का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित खाद्य कारोबारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने कारोबारियों को खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए हैं।

इससे पहले भी खाद्य सुरक्षा विभाग समय-समय पर बाजारों में खाद्य पदार्थों की जांच करता रहा है। हालांकि, त्योहारों के दौरान विशेष अभियान के तहत निगरानी को और बढ़ाया जाता है, क्योंकि इस अवधि में खोया और मिठाइयों की मांग सामान्य दिनों की तुलना में अधिक रहती है।

त्योहारों को देखते हुए अभियान रहेगा जारी

खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि त्योहारों के दृष्टिगत यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। शहर की विभिन्न मंडियों, मिठाई की दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों में जांच की जाएगी।

अधिकारियों का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि उपभोक्ताओं को गुणवत्तापूर्ण और सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों। इसके लिए संदिग्ध खाद्य पदार्थों के नमूने लेकर उनकी प्रयोगशाला जांच कराई जा रही है।

वहीं, जहां मौके पर ही खाद्य पदार्थ मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जा रहे हैं, वहां नियमानुसार उन्हें हटाने और नष्ट कराने की कार्रवाई की जा रही है।

खाद्य कारोबारियों को मानकों के पालन की सलाह

खाद्य सुरक्षा विभाग ने कारोबारियों से अपील की है कि वे खाद्य पदार्थों के भंडारण, रखरखाव और बिक्री के दौरान निर्धारित मानकों का पालन करें। खासतौर पर खोया और मिठाई जैसे जल्दी खराब होने वाले खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।

इसके अलावा कारोबारियों को प्रतिष्ठानों में स्वच्छता बनाए रखने और खाद्य पदार्थों को उचित तरीके से रखने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन करना प्रत्येक खाद्य कारोबारी की जिम्मेदारी है।

अभियान में ये अधिकारी रहे शामिल

शनिवार को चलाए गए अभियान में सहायक आयुक्त (खाद्य) संजय प्रताप सिंह, सहायक आयुक्त (खाद्य) कानपुर मंडल सुनील शर्मा, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी विनोद कुमार पांडे, खाद्य सुरक्षा अधिकारी प्रदीप कुमार, संजय सिंह और पल्लवी शर्मा तथा आकांक्षा जायसवाल सहित राज्य सचल दल, जनपदीय और अंतर्जनपदीय टीमों के अन्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी शामिल रहे।

खाद्य सुरक्षा विभाग की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि आगामी त्योहारों को देखते हुए कानपुर नगर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर निगरानी बढ़ा दी गई है। हटिया खोया मंडी में 450 किलो दूषित खोये का विनष्टीकरण और विभिन्न स्थानों से 19 नमूने लिए जाने के बाद अब प्रयोगशाला रिपोर्ट पर विभाग की अगली कार्रवाई निर्भर करेगी।