अमरोहा में उफान पर गंगा, कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी; डीएम-एसपी ने नाव से किया निरीक्षण

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अमरोहा में उफान पर गंगा, कई गांवों में पहुंचा बाढ़ का पानी; डीएम-एसपी ने नाव से किया निरीक्षण

रिपोर्ट – इकबाल अंसारी 

अमरोहा: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और तिगरी गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण अमरोहा जिले के तटीय इलाकों में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। कई गांवों के आसपास और निचले क्षेत्रों में पानी पहुंचने से ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। वहीं, खेतों में पानी भरने से किसानों की फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

गंगा के जलस्तर में वृद्धि के बीच जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया। अधिकारियों ने नाव के माध्यम से जलभराव वाले इलाकों का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी समस्याओं की जानकारी ली। जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित लोगों को आवश्यक राहत सामग्री भी वितरित की गई।

अमरोहा जिला प्रशासन की वेबसाइट पर डॉ. नितिन गौड़ को जिलाधिकारी और लखन सिंह यादव को पुलिस अधीक्षक के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।

गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता

लगातार बारिश के बीच गंगा का जलस्तर बढ़ने से अमरोहा के गंगा किनारे बसे क्षेत्रों में प्रशासन की निगरानी बढ़ा दी गई है। हालिया स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, हसनपुर क्षेत्र में गंगा का पानी तटबंध के नजदीक तक पहुंचा है और कुछ टापू वाले गांवों के आसपास बाढ़ का खतरा बना हुआ है।

वर्तमान स्थिति को देखते हुए प्रशासन की प्राथमिकता ग्रामीणों की सुरक्षा और प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों को सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।

डीएम-एसपी ने नाव से लिया जायजा

बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिलाधिकारी डॉ. नितिन गौड़ और पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव स्वयं मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने नाव के माध्यम से जलभराव वाले क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से बातचीत की और उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह भी देखा कि किन स्थानों पर पानी का प्रभाव अधिक है और कहां ग्रामीणों को अतिरिक्त सहायता की जरूरत हो सकती है। इसके बाद संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखी जाए। साथ ही, यदि किसी गांव या बस्ती में स्थिति अधिक गंभीर होती है तो वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से तैयार रखी जाए।

प्रभावित लोगों तक पहुंचाई जा रही राहत सामग्री

बाढ़ की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से प्रभावित ग्रामीणों को आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने प्रभावित लोगों को राहत सामग्री का वितरण भी कराया।

प्रशासन का प्रयास है कि जिन परिवारों को जलभराव या बाढ़ की वजह से परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, उन्हें समय पर जरूरी सहायता मिल सके। इसके लिए संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, संवेदनशील क्षेत्रों में प्रशासन की टीमों को सक्रिय रखा गया है, ताकि जलस्तर में अचानक बढ़ोतरी होने की स्थिति में तत्काल आवश्यक कदम उठाए जा सकें।

किसानों की फसलों को नुकसान

गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर किसानों पर भी पड़ रहा है। तटीय इलाकों के कई खेतों में पानी पहुंचने से फसलों को नुकसान होने की स्थिति बनी है। स्थानीय रिपोर्टों में भी गंगा के जलस्तर बढ़ने से खेतों और फसलों पर असर पड़ने की आशंका जताई गई है।

किसानों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय है, क्योंकि खेतों में लंबे समय तक पानी रहने से खड़ी फसलों को नुकसान हो सकता है। ऐसे में प्रशासन की ओर से प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति का आकलन किया जा रहा है।

बाढ़ की स्थिति सामान्य होने के बाद फसलों को हुए नुकसान का सर्वे कराया जा सकता है। इसके आधार पर संबंधित किसानों को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

संवेदनशील क्षेत्रों में बढ़ाई गई निगरानी

प्रशासन ने बाढ़ की संभावित स्थिति को देखते हुए संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे लगातार क्षेत्र में भ्रमण करें और जलस्तर तथा जलभराव की स्थिति पर नजर रखें।

इसके साथ ही, जरूरत पड़ने पर ग्रामीणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं तैयार रखने को कहा गया है। अस्थायी आश्रय स्थलों और राहत व्यवस्था को लेकर भी प्रशासन सतर्क है।

हालिया स्थानीय रिपोर्ट के अनुसार, हसनपुर क्षेत्र में गंगा के टापू पर बसे कुछ गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर लाने और अस्थायी आश्रय की तैयारी की जा रही है।

ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील

जिला प्रशासन ने गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए ग्रामीणों और आम लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। लोगों से कहा गया है कि वे नदी के आसपास और जलभराव वाले क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से जाने से बचें।

विशेष रूप से बच्चों को नदी और बाढ़ प्रभावित इलाकों से दूर रखने की सलाह दी गई है। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के दौरान नदी के किनारे जाना जोखिमपूर्ण हो सकता है। इसलिए किसी भी तरह की लापरवाही से बचना जरूरी है।

यदि किसी क्षेत्र में पानी तेजी से बढ़ता है या कोई अन्य आपात स्थिति उत्पन्न होती है तो लोग तत्काल प्रशासन और पुलिस को सूचना दें।

आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क

जिला प्रशासन ने लोगों को आपात स्थिति में 112 पर संपर्क करने की सलाह दी है। इसके अलावा बाढ़ एवं आपदा प्रबंधन से संबंधित सहायता के लिए 9454416938 नंबर जारी किया गया है।

प्रशासन का कहना है कि किसी भी आपात स्थिति में लोगों को घबराने के बजाय संबंधित अधिकारियों को सूचना देनी चाहिए। राहत एवं बचाव दल जरूरत के अनुसार मौके पर पहुंचकर सहायता उपलब्ध कराएंगे।

प्रशासन ने तैयार रखी राहत और बचाव व्यवस्था

बाढ़ की आशंका के बीच जिला प्रशासन की ओर से राहत और बचाव की तैयारियों को तेज किया गया है। संबंधित विभागों को क्षेत्र में लगातार निगरानी रखने के साथ-साथ आवश्यक संसाधन तैयार रखने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके अलावा, जलस्तर में और वृद्धि होने की स्थिति में प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाने की योजना भी तैयार रखी जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य है कि किसी भी आकस्मिक स्थिति में लोगों तक सहायता जल्द पहुंचाई जा सके।

जिलाधिकारी के निर्देश के बाद अधिकारी प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। वहीं, पुलिस विभाग भी ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सहायता के लिए सक्रिय है।

तिगरी गंगा क्षेत्र पर प्रशासन की नजर

अमरोहा जिले में तिगरी गंगा क्षेत्र महत्वपूर्ण धार्मिक और पर्यटन क्षेत्र भी है। जिला प्रशासन की वेबसाइट पर तिगरी गंगा से संबंधित गतिविधियों और गंगा धाम तिगरी मेले का भी उल्लेख मिलता है।

फिलहाल गंगा के बढ़ते जलस्तर के कारण प्रशासन की प्राथमिकता बाढ़ प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना है। अधिकारी लगातार स्थिति का आकलन कर रहे हैं और जरूरत के अनुसार राहत कार्य बढ़ाए जा रहे हैं।

कुल मिलाकर, पहाड़ी क्षेत्रों में बारिश और गंगा के बढ़ते जलस्तर ने अमरोहा के तटीय गांवों में चिंता बढ़ा दी है। कई स्थानों पर पानी पहुंचने और किसानों की फसलों को नुकसान की स्थिति के बीच जिला प्रशासन सक्रिय है। डीएम और एसपी के मौके पर पहुंचकर निरीक्षण करने से प्रशासन की तैयारियों का जायजा भी लिया गया है।

फिलहाल प्रशासन ने ग्रामीणों से सतर्क रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखने और किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सूचना देने की अपील की है। वहीं, राहत सामग्री वितरण और निगरानी का काम लगातार जारी रखने के निर्देश दिए गए हैं।