कानपुर में विश्व सीनियर सिटीजंस डे पर बुजुर्गों का सम्मान, निशुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य परीक्षण

51

रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुर ः बिठूर स्थित आरोहम वृद्ध आश्रम में विश्व सीनियर सिटीजंस डे के अवसर पर बुजुर्गों के सम्मान और स्वास्थ्य सेवा के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान 60 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों का निशुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया और जरूरत के अनुसार दवाइयां वितरित की गईं। कार्यक्रम में बुजुर्गों को शॉल, माला और अंगवस्त्र पहनाकर सम्मानित किया गया। साथ ही मिष्ठान वितरित कर उनके चरण स्पर्श करके आशीर्वाद लिया गया।

कार्यक्रम का उद्देश्य वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश देना रहा। आयोजन के दौरान चिकित्सकों और अन्य सहयोगियों ने बुजुर्गों को अपने माता-पिता के समान मानते हुए उनकी कुशलक्षेम जानी। इसके बाद स्वास्थ्य संबंधी आवश्यक जांच की गई।

चरण स्पर्श कर लिया बुजुर्गों का आशीर्वाद

विश्व सीनियर सिटीजंस डे के अवसर पर आरोहम वृद्ध आश्रम में आयोजित कार्यक्रम में डॉक्टर उमेश पालीवाल, डॉक्टर मुकेश पालीवाल और डॉक्टर हेमंत मोहन ने बुजुर्गों को सम्मानित किया। उन्होंने वरिष्ठ नागरिकों को अंगवस्त्र, माला और अन्य सम्मान सामग्री भेंट की। इसके साथ ही मिष्ठान वितरित किया गया।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बुजुर्गों के चरण स्पर्श कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान वातावरण आत्मीय और भावनात्मक रहा। आयोजकों ने कहा कि बुजुर्ग समाज की महत्वपूर्ण धरोहर हैं और उनके अनुभव से नई पीढ़ी को बहुत कुछ सीखने को मिलता है। इसलिए उनके सम्मान और स्वास्थ्य की देखभाल के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को आगे आना चाहिए।

बदलते मौसम में स्वास्थ्य जांच पर रहा जोर

वरिष्ठ होम्योपैथिक फिजिशियन डॉक्टर हेमंत मोहन ने बुजुर्गों का स्वास्थ्य परीक्षण किया। बदलते मौसम को देखते हुए सर्दी, जुकाम, खांसी, बुखार और चर्म रोग से संबंधित स्वास्थ्य समस्याओं की जांच की गई। जिन वरिष्ठ नागरिकों को इनसे जुड़ी परेशानी मिली, उन्हें चिकित्सकीय परामर्श के साथ आवश्यक होम्योपैथिक दवाइयां निशुल्क उपलब्ध कराई गईं।

इसके अलावा बुजुर्गों में उच्च रक्तचाप और डायबिटीज की स्थिति की भी जांच की गई। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान ऑक्सीजन सैचुरेशन भी मापा गया। चिकित्सकों के अनुसार, कुछ बुजुर्गों में सांस से संबंधित परेशानी के कारण ऑक्सीजन सैचुरेशन अपेक्षाकृत कम पाया गया। ऐसे वरिष्ठ नागरिकों को उनकी स्थिति के अनुसार आवश्यक चिकित्सकीय सलाह दी गई।

जोड़ों के दर्द की समस्या भी सामने आई

बदलते मौसम के दौरान कई बुजुर्गों में जोड़ों के दर्द से संबंधित समस्या भी सामने आई। स्वास्थ्य परीक्षण के दौरान चिकित्सकों ने उनकी शिकायतों को सुना और आवश्यक परामर्श दिया। इसके साथ ही जरूरत के अनुसार दवाइयां वितरित की गईं।

आयोजकों के अनुसार, बुजुर्गों में उम्र के साथ स्वास्थ्य संबंधी कई तरह की समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण बेहद उपयोगी हो सकता है। खासतौर पर रक्तचाप, ब्लड शुगर और ऑक्सीजन सैचुरेशन जैसी सामान्य जांचों से स्वास्थ्य की स्थिति को समझने में मदद मिलती है।

आरोग्यधाम ग्वालटोली की ओर से निशुल्क दवा वितरण

कार्यक्रम के दौरान वितरित की गई होम्योपैथिक दवाइयां आरोग्यधाम ग्वालटोली के डॉक्टर हेमंत मोहन के सौजन्य से निशुल्क उपलब्ध कराई गईं। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद वरिष्ठ नागरिकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार दवाएं दी गईं और बदलते मौसम में स्वास्थ्य का ध्यान रखने के लिए आवश्यक सुझाव भी दिए गए।

इस पहल के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि वरिष्ठ नागरिकों की देखभाल केवल परिवार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज को भी उनके प्रति अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। इसके अलावा स्वास्थ्य सेवाओं को जरूरतमंद बुजुर्गों तक पहुंचाना सामाजिक सहयोग का महत्वपूर्ण उदाहरण है।

60 से अधिक बुजुर्गों को मिला स्वास्थ्य सेवा का लाभ

कार्यक्रम में 60 से अधिक वृद्ध जनों का निशुल्क होम्योपैथिक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। इस दौरान डॉक्टर पुनीत मिश्रा, देवेंद्र सिंह, कामिनी सिंह, प्रिया शर्मा, वीना टंडन, योगेंद्र दुबे, एम. रस्तोगी, करुणा अग्रवाल, दिलीप नाटोनी, साई रक्षा जायसवाल और राकेश कुमार समेत कई लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में शामिल लोगों ने बुजुर्गों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। वहीं, स्वास्थ्य जांच के बाद उन्हें आवश्यक दवाइयां उपलब्ध कराई गईं। सम्मान समारोह के दौरान वरिष्ठ नागरिकों के प्रति सम्मान और अपनत्व का भाव भी देखने को मिला।

बुजुर्गों के सम्मान का दिया संदेश

विश्व सीनियर सिटीजंस डे जैसे अवसर समाज को यह याद दिलाते हैं कि वरिष्ठ नागरिकों का अनुभव और योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। बुजुर्गों ने अपने जीवन के लंबे अनुभव से परिवार और समाज को दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इसलिए उनके सम्मान के साथ-साथ उनके स्वास्थ्य और भावनात्मक जरूरतों का भी ध्यान रखा जाना आवश्यक है।

आरोहम वृद्ध आश्रम में आयोजित यह कार्यक्रम इसी भावना को मजबूत करता दिखाई दिया। एक ओर जहां बुजुर्गों को सम्मानित किया गया, वहीं दूसरी ओर उनके स्वास्थ्य की जांच कर उन्हें आवश्यक दवाएं भी उपलब्ध कराई गईं। इससे वरिष्ठ नागरिकों को यह भरोसा मिला कि समाज में ऐसे लोग और संस्थाएं मौजूद हैं, जो उनकी जरूरतों को समझने और सहयोग करने के लिए आगे आ रहे हैं।

You may have missed