कानपुर सेंट्रल स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों का डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने किया निरीक्षण
रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी
कानपुर। उत्तर मध्य रेलवे के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) रजनीश अग्रवाल ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन का निरीक्षण कर स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता, यात्रियों की सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय सीमा के भीतर पूरे किए जाएं, ताकि यात्रियों को बेहतर सुविधाओं का लाभ समय पर मिल सके।
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर के विभिन्न हिस्सों का जायजा लिया और चल रहे निर्माण कार्यों की स्थिति के बारे में अधिकारियों से जानकारी ली। उन्होंने कार्यों की प्रगति की समीक्षा करते हुए कहा कि पुनर्विकास परियोजना में गुणवत्ता के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। इसके साथ ही निर्माण क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
पुनर्विकास कार्यों की समयबद्धता पर जोर
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास का उद्देश्य यात्रियों को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है। इसी क्रम में डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने निर्माण कार्यों से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों से प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रत्येक कार्य की नियमित निगरानी की जाए और निर्धारित समय सीमा के भीतर उसे पूरा किया जाए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि निर्माण कार्यों के दौरान तकनीकी मानकों और रेलवे के निर्धारित दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जाए। साथ ही, जहां निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को असुविधा की संभावना हो, वहां उचित प्रबंधन किया जाए। इसके अलावा कार्यस्थल पर सुरक्षा मानकों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
डीआरएम ने कहा कि स्टेशन विकास से जुड़े कार्यों का सीधा संबंध यात्रियों की सुविधा से है। इसलिए निर्माण की गति के साथ गुणवत्ता और सुरक्षा का संतुलन बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से नियमित निरीक्षण और प्रगति की निगरानी जारी रखने को कहा।
खानपान स्टॉलों पर स्वच्छता और गुणवत्ता की जांच
निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने स्टेशन परिसर में संचालित खानपान स्टॉलों की व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, स्वच्छता और यात्रियों को उपलब्ध कराई जा रही सेवाओं के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए।
उन्होंने अधिकारियों को सख्ती से निर्देशित किया कि सभी खानपान स्टॉलों पर स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा जाए। खाद्य पदार्थ निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होने चाहिए और यात्रियों से निर्धारित दरों के अनुसार ही भुगतान लिया जाए। इसके साथ ही स्टॉल संचालकों द्वारा दर सूची को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित करने तथा यात्रियों को उचित बिल उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया।
डीआरएम ने कहा कि रेलवे स्टेशन पर खानपान सेवाएं यात्रियों की सुविधा का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। इसलिए गुणवत्ता, स्वच्छता और पारदर्शिता के मानकों का पालन हर स्थिति में किया जाना चाहिए। यदि किसी स्तर पर निर्धारित नियमों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के निरीक्षण के दौरान डीआरएम ने निर्माण कार्यों से जुड़े सुरक्षा इंतजामों की भी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। इसलिए निर्माण स्थलों पर सुरक्षा संबंधी सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रियों के आवागमन वाले क्षेत्रों में पर्याप्त संकेतक लगाए जाएं और जहां आवश्यक हो, वहां सुरक्षित मार्ग उपलब्ध कराया जाए। इसके अलावा निर्माण सामग्री को व्यवस्थित तरीके से रखने तथा यात्रियों की आवाजाही में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न होने देने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि स्टेशन का विकास केवल भवन और सुविधाओं के विस्तार तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके साथ यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
मेमू कार शेड और ओल्ड वॉशिंग लाइन का निरीक्षण
कानपुर सेंट्रल स्टेशन के बाद डीआरएम रजनीश अग्रवाल ने मेमू कार शेड और ओल्ड वॉशिंग लाइन का भी निरीक्षण किया। यहां उन्होंने ट्रेनों और रेल परिसंपत्तियों के रखरखाव से संबंधित व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने रखरखाव कार्यों को निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही, सभी कार्यों को तय समय सीमा के भीतर पूरा करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि रेल परिचालन की सुचारु व्यवस्था के लिए रखरखाव कार्यों में समयबद्धता और गुणवत्ता दोनों आवश्यक हैं।
डीआरएम ने संबंधित अधिकारियों से रखरखाव प्रक्रिया, उपलब्ध संसाधनों और कार्यों की प्रगति के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी कार्य में अनावश्यक देरी न हो और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार ही कार्य किया जाए।
पनकी धाम स्टेशन पर स्टेशन मास्टर कक्ष का निरीक्षण
निरीक्षण के क्रम में डीआरएम रजनीश अग्रवाल पनकी धाम स्टेशन भी पहुंचे। यहां उन्होंने स्टेशन मास्टर कक्ष का गहन निरीक्षण किया और स्टेशन संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्टेशन पर सुरक्षा, स्वच्छता और यात्री सुविधाओं के उच्च मानक बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्टेशन मास्टर कक्ष सहित सभी परिचालन क्षेत्रों में निर्धारित प्रक्रियाओं और सुरक्षा नियमों का पूरी तरह पालन किया जाना चाहिए।
इसके अलावा उन्होंने स्टेशन परिसर में साफ-सफाई की स्थिति पर भी ध्यान देने को कहा। यात्रियों को बेहतर अनुभव देने के लिए प्रतीक्षालय, प्लेटफॉर्म और अन्य सार्वजनिक क्षेत्रों में नियमित सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
अधिकारियों और कर्मचारियों को दिए आवश्यक निर्देश
डीआरएम के निरीक्षण का मुख्य फोकस स्टेशन विकास, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, स्वच्छता और रेल परिसंपत्तियों के बेहतर रखरखाव पर रहा। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि निरीक्षण के दौरान सामने आए बिंदुओं पर समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
उन्होंने कहा कि रेलवे की कार्यप्रणाली में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च महत्व दिया जाना चाहिए। इसके लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय जरूरी है। साथ ही, नियमित निगरानी के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित मानकों में किसी तरह की कमी न रहे।
कानपुर सेंट्रल जैसे महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन पर बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में स्टेशन के पुनर्विकास कार्यों के साथ-साथ मौजूदा सुविधाओं का सुचारु संचालन भी महत्वपूर्ण है। इसी को ध्यान में रखते हुए डीआरएम ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।
आधुनिक सुविधाओं की दिशा में महत्वपूर्ण कदम
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के पुनर्विकास से जुड़ी गतिविधियों की निगरानी के लिए अधिकारियों का नियमित निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे एक ओर निर्माण कार्यों की प्रगति पर नजर बनी रहती है, वहीं दूसरी ओर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों का भी समय पर समाधान किया जा सकता है।
इस निरीक्षण के माध्यम से डीआरएम ने स्पष्ट संदेश दिया कि विकास कार्यों की गति के साथ गुणवत्ता, स्वच्छता और सुरक्षा के मानकों को भी समान महत्व दिया जाएगा। इसके अलावा खानपान सेवाओं में निर्धारित दरों और गुणवत्ता का पालन सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

