बहराइच में आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने की जनसुनवाई, अधिकारियों को प्राथमिकता से शिकायतें निस्तारित करने के निर्देश

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रिपोर्ट – महेश मिश्रा 

बहराइच: जनसमस्याओं के त्वरित और प्रभावी निस्तारण को लेकर बहराइच में जनसुनवाई का आयोजन किया गया। देवीपाटन मंडल, गोंडा की आयुक्त श्रीमती दुर्गा शक्ति नागपाल ने कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी की उपस्थिति में जनसुनवाई की। इस दौरान जिले के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचे फरियादियों ने अपनी समस्याएं और शिकायतें आयुक्त के समक्ष रखीं।

आयुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों से प्रकरण के संबंध में आवश्यक जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित न रहे, बल्कि संबंधित शिकायतकर्ता को वास्तविक रूप से राहत मिले।

कलेक्ट्रेट सभागार में हुई जनसुनवाई

जनसुनवाई के लिए बहराइच के कलेक्ट्रेट सभागार में विभिन्न क्षेत्रों से लोग पहुंचे। फरियादियों ने अपने-अपने मामलों से संबंधित समस्याओं को आयुक्त के सामने रखा। इस दौरान अलग-अलग विभागों से जुड़ी शिकायतें और प्रकरण प्रस्तुत किए गए।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने एक-एक करके फरियादियों की बात सुनी। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से आवश्यक जानकारी लेते हुए मामलों की वर्तमान स्थिति के बारे में भी जानकारी प्राप्त की। इसके बाद अधिकारियों को शिकायतों के समाधान के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जनसुनवाई के दौरान प्रशासन का मुख्य जोर इस बात पर रहा कि आम नागरिकों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े और संबंधित विभाग निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार मामलों का निस्तारण करें।

शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित करने के निर्देश

आयुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लिया जाए। उन्होंने कहा कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से समझने के बाद उसके समाधान की दिशा में प्रभावी कार्रवाई की जानी चाहिए।

इसके अलावा अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। संबंधित विभाग अपनी जिम्मेदारी के अनुसार मामलों को निर्धारित समय में निस्तारित करें।

आयुक्त ने अधिकारियों से कहा कि जनसुनवाई का उद्देश्य केवल शिकायतों को दर्ज करना नहीं है। बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य लोगों की समस्याओं का समाधान कर उन्हें राहत प्रदान करना है। इसलिए शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

कागजी कार्रवाई के बजाय वास्तविक राहत पर जोर

जनसुनवाई के दौरान आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने शिकायत निस्तारण की प्रक्रिया को लेकर विशेष रूप से अधिकारियों को निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि किसी शिकायत को केवल रिपोर्ट तैयार करके समाप्त न माना जाए।

उनका जोर इस बात पर रहा कि शिकायतकर्ता को वास्तव में राहत मिले। इसके लिए संबंधित अधिकारी मौके की परिस्थितियों को समझें और आवश्यकतानुसार जांच कराकर उचित कार्रवाई सुनिश्चित करें।

इससे प्रशासनिक स्तर पर शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिल सकती है। साथ ही शिकायतकर्ता को भी यह भरोसा मिलता है कि उसकी समस्या को गंभीरता से लिया जा रहा है।

फरियादियों से सीधे सुनी गई समस्याएं

जनसुनवाई की खास बात यह रही कि फरियादियों को अपनी समस्याएं सीधे मंडलायुक्त के समक्ष रखने का अवसर मिला। लोगों ने अपनी शिकायतों से जुड़े तथ्य और परिस्थितियां अधिकारियों के सामने रखीं।

आयुक्त ने उनकी बात ध्यानपूर्वक सुनी और आवश्यकता के अनुसार संबंधित विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। इसके बाद प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जनसुनवाई जैसे कार्यक्रम प्रशासन और आम नागरिकों के बीच सीधे संवाद का माध्यम भी बनते हैं। इसके जरिए लोगों को अपनी शिकायत उच्च स्तर के अधिकारियों के समक्ष रखने का अवसर मिलता है। वहीं, अधिकारियों को भी जमीनी स्तर पर सामने आ रही समस्याओं की जानकारी मिलती है।

जिलाधिकारी की मौजूदगी में हुई सुनवाई

जनसुनवाई के दौरान बहराइच के जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी भी मौजूद रहे। उनकी उपस्थिति में आयुक्त ने विभिन्न शिकायतों की जानकारी ली और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिलाधिकारी और जिला प्रशासन की मौजूदगी से शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में समन्वय स्थापित करने में मदद मिली। संबंधित विभागों के अधिकारियों को भी अपने-अपने स्तर पर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय के जरिए शिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।

विभिन्न विभागों से जुड़ी शिकायतें पहुंचीं

जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित शिकायतें आयुक्त के समक्ष प्रस्तुत की गईं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में प्रत्येक शिकायत की विभागवार विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, लेकिन आयुक्त ने सभी प्रकरणों को गंभीरता से सुना।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामलों की स्थिति के बारे में जानकारी प्राप्त की और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए। इससे स्पष्ट है कि जनसुनवाई के दौरान शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से दर्ज करने के बजाय उनके समाधान की प्रक्रिया पर भी ध्यान दिया गया।

प्रशासन की ओर से शिकायतों के निस्तारण के बाद संबंधित शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलने की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया।

शिकायत निस्तारण में संवेदनशीलता जरूरी

आम नागरिक जब किसी समस्या को लेकर प्रशासन के पास पहुंचता है तो उसकी अपेक्षा होती है कि उसकी बात सुनी जाए और उचित समाधान मिले। ऐसे में अधिकारियों के लिए शिकायतों को संवेदनशीलता के साथ सुनना महत्वपूर्ण होता है।

आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने भी जनसुनवाई के दौरान फरियादियों की समस्याओं को गंभीरतापूर्वक सुना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतकर्ता की समस्या को समझते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

इसके अलावा, शिकायत के निस्तारण के बाद उसकी वास्तविक स्थिति की जानकारी रखना भी प्रशासनिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इससे यह पता चल सकता है कि संबंधित व्यक्ति को वास्तव में राहत मिली या नहीं।

जनसुनवाई से प्रशासन और जनता के बीच संवाद

जनसुनवाई कार्यक्रम प्रशासन और जनता के बीच संवाद स्थापित करने का महत्वपूर्ण माध्यम माना जाता है। इसके जरिए अधिकारी सीधे नागरिकों की समस्याओं से रूबरू होते हैं। वहीं, नागरिकों को भी अपनी बात जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिलता है।

बहराइच में आयोजित इस जनसुनवाई के दौरान भी यही प्रक्रिया देखने को मिली। अलग-अलग क्षेत्रों से आए लोगों ने अपनी समस्याएं रखीं और आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।

इस तरह जनसुनवाई के माध्यम से प्रशासनिक व्यवस्था में जवाबदेही और शिकायतों के प्रभावी निस्तारण पर जोर दिया गया।

समयबद्ध कार्रवाई पर प्रशासन का फोकस

आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में प्राथमिकता और समयबद्धता का ध्यान रखा जाए। किसी भी प्रकरण को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और निर्धारित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई पूरी की जाए।

साथ ही, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिकायतों के निस्तारण की प्रक्रिया वास्तविक परिणाम देने वाली होनी चाहिए। यानी केवल कागजी रिपोर्ट तैयार करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि संबंधित व्यक्ति को समस्या से राहत मिलना जरूरी है।

इस निर्देश के जरिए प्रशासनिक स्तर पर शिकायत निस्तारण की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का प्रयास किया गया।

आगे भी शिकायतों के प्रभावी समाधान पर जोर

बहराइच में हुई इस जनसुनवाई के दौरान आयुक्त दुर्गा शक्ति नागपाल ने अधिकारियों को नागरिकों की शिकायतों के प्रति गंभीर और संवेदनशील रवैया अपनाने के निर्देश दिए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से मामलों की जानकारी लेकर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

कुल मिलाकर, जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य लोगों की समस्याओं को सीधे सुनना और उनके समाधान के लिए संबंधित विभागों को जिम्मेदारी सौंपना रहा। प्रशासन की ओर से यह भी स्पष्ट किया गया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता नहीं होना चाहिए।

अब संबंधित विभागों की जिम्मेदारी होगी कि जनसुनवाई में प्राप्त प्रकरणों पर नियमानुसार कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ताओं को वास्तविक राहत उपलब्ध कराएं। इससे प्रशासन और जनता के बीच विश्वास मजबूत करने में भी मदद मिल सकती है।

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