फतेहपुर में OPS तिरंगा यात्रा, सीमा पर डटे जवानों और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन बहाली की मांग

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रिपोर्ट- राम चन्द्र सैनी 

फतेहपुर। अटेवा पेंशन बचाओ मंच फतेहपुर के तत्वावधान में शुक्रवार को शिक्षक-कर्मचारियों ने भारत के सैनिकों के सम्मान और पुरानी पेंशन व्यवस्था (OPS) की बहाली की मांग को लेकर तिरंगा यात्रा निकाली। यात्रा में विभिन्न विभागों के शिक्षक, कर्मचारी और संगठनों के पदाधिकारी हाथों में तिरंगा लेकर शामिल हुए। इस दौरान केंद्र और प्रदेश सरकार से शिक्षक-कर्मचारियों के साथ-साथ देश की सीमाओं पर तैनात जवानों के लिए भी पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की मांग उठाई गई।

यात्रा में शामिल लोगों ने कहा कि पुरानी पेंशन केवल कर्मचारियों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा का विषय नहीं है, बल्कि देश की सेवा में अपना जीवन समर्पित करने वाले जवानों के सम्मान और उनके भविष्य से भी जुड़ा मुद्दा है। इसी भावना के साथ अटेवा ने OPS तिरंगा यात्रा के माध्यम से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाने का प्रयास किया।

नहर कॉलोनी से शुरू हुई तिरंगा यात्रा

OPS तिरंगा यात्रा की शुरुआत फतेहपुर की नहर कॉलोनी से हुई। यहां बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी एकत्र हुए। इसके बाद सभी लोग पटेल नगर चौराहे पहुंचे। यहां सामूहिक रूप से राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ और ‘वंदे मातरम’ का गायन किया गया। राष्ट्रगान के बाद भारत माता की जय और पुरानी पेंशन बहाली के नारों के साथ यात्रा आगे बढ़ी।

इसके बाद तिरंगा यात्रा वर्मा चौराहा, ज्वालागंज, सदर अस्पताल, पत्थरकटा चौराहा और विद्यार्थी चौराहा होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंची। पूरे मार्ग में शिक्षक-कर्मचारी हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने की मांग करते रहे। यात्रा के समापन पर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया।

सीमा पर तैनात जवानों के लिए भी उठी पेंशन की मांग

यात्रा में शामिल स्नातक विधायक झांसी खंड मान सिंह यादव ने कहा कि तिरंगा देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसकी रक्षा करते हुए देश के अनेक वीर सपूतों ने अपने प्राण न्योछावर किए हैं। उन्होंने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा करने वाले जवानों के भविष्य की सामाजिक सुरक्षा पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।

मान सिंह यादव ने सवाल उठाया कि यदि एक दिन के सांसद या विधायक को पेंशन का प्रावधान हो सकता है तो सीमा पर तैनात बीएसएफ, पैरामिलिट्री और सीआरपीएफ के जवानों के लिए पेंशन व्यवस्था क्यों नहीं होनी चाहिए। उन्होंने पुरानी पेंशन की मांग को कर्मचारियों और जवानों के भविष्य से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया।

शिक्षक-कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा पर जोर

उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के अध्यक्ष विनोद सिंह ने कहा कि सरकार देश को दुनिया की तीसरी बड़ी अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में आगे बढ़ने की बात करती है। ऐसे में शिक्षक और कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को भी प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक सरकारी सेवा करने वाले कर्मचारियों के भविष्य को लेकर स्पष्ट और सुरक्षित व्यवस्था होना आवश्यक है।

वहीं, नगर पालिका परिषद फतेहपुर के अध्यक्ष राजकुमार मौर्य ने भी तिरंगा यात्रा में शामिल होकर पुरानी पेंशन बहाली की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कर्मचारियों की मांग को उचित बताते हुए सरकार से इस विषय पर सकारात्मक विचार करने की अपील की।

OPS को कर्मचारी हित में बेहतर विकल्प बताया

अटेवा की जिला संयोजिका डॉ. असफिया मजहर ने कहा कि पुरानी पेंशन व्यवस्था शिक्षक और कर्मचारी हित में बेहतर विकल्प है। उनके अनुसार कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के बाद आर्थिक सुरक्षा की आवश्यकता होती है और इसी कारण पुरानी पेंशन बहाली की मांग लगातार उठाई जा रही है।

इसी क्रम में कृषि मिनिस्ट्रियल एसोसिएशन के अध्यक्ष जितेंद्र त्रिवेदी ने कहा कि राजस्थान, छत्तीसगढ़, झारखंड, हिमाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों में पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू की जा सकती है तो उत्तर प्रदेश में भी इस पर विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार से प्रदेश के कर्मचारियों की मांग पर निर्णय लेने की अपील की।

NPS को लेकर कर्मचारियों ने जताई चिंता

अटेवा जिलाध्यक्ष निधान सिंह ने कहा कि नई पेंशन व्यवस्था यानी NPS को लेकर कर्मचारियों में भविष्य की आर्थिक सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है। उन्होंने सरकार से कर्मचारियों को OPS, NPS और UPS तीनों विकल्प उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि कर्मचारी अपनी परिस्थितियों और भविष्य की जरूरतों के अनुसार उचित विकल्प चुन सकें।

उन्होंने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर कर्मचारियों की आवाज लगातार उठाई जा रही है। तिरंगा यात्रा के माध्यम से संगठन ने सरकार को यह संदेश देने का प्रयास किया है कि यह मांग केवल एक विभाग या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी इससे जुड़े हुए हैं।

करीब 2000 शिक्षक-कर्मचारी हुए शामिल

अटेवा के अनुसार, फतेहपुर में आयोजित इस OPS तिरंगा यात्रा में करीब 2000 शिक्षक और कर्मचारी शामिल हुए। यात्रा में पीडब्ल्यूडी, कृषि विभाग, जल निगम, नगर पालिका, पोस्ट ऑफिस, माध्यमिक शिक्षक संघ, कलेक्ट्रेट, लेखपाल, स्वास्थ्य विभाग, फार्मासिस्ट और नर्सेज सहित विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की।

यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने पुरानी पेंशन के मुद्दे को लेकर कर्मचारियों के बीच मौजूद समर्थन को सामने रखा। हालांकि, इस मांग पर अंतिम निर्णय सरकार के स्तर पर होना है। कर्मचारियों और संगठनों का कहना है कि वे लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांग सरकार तक पहुंचाते रहेंगे।

ज्ञापन के जरिए सरकार से कार्रवाई की मांग

कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद संगठन की ओर से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन के माध्यम से पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल करने तथा कर्मचारियों और सीमा पर तैनात जवानों की सामाजिक सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विचार करने की मांग की गई।

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