श्रावस्ती के जुड़पनिया में प्रशासन की बड़ी कार्रवाई, खलिहान और चकमार्ग की जमीन कराई कब्जामुक्त
रिपोर्ट – सूर्य प्रकाश शुक्ला
श्रावस्ती: सिरसिया क्षेत्र के जुड़पनिया गांव में सरकारी जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद प्रशासन ने अभियान चलाकर कार्रवाई की। नायब तहसीलदार प्रशांत सिंह की मौजूदगी में राजस्व और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर खलिहान तथा चकमार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की। इस दौरान प्रशासन की टीम ने जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।
बताया गया कि गांव में स्कूल की बाउंड्री से सटी जमीन को लेकर प्रशासन के पास अतिक्रमण की शिकायत पहुंची थी। शिकायत में गाटा संख्या 356 की जमीन पर कब्जे का आरोप लगाया गया था। मामले की जांच के बाद राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर जमीन की स्थिति का जायजा लिया और कार्रवाई की।
गाटा संख्या 356 की जमीन को लेकर हुई कार्रवाई
प्रशासन के अनुसार, गाटा संख्या 356 से संबंधित जमीन को लेकर अतिक्रमण की शिकायत मिली थी। शिकायत के बाद राजस्व अधिकारियों ने संबंधित अभिलेखों और मौके की स्थिति का परीक्षण किया। इसके बाद प्रशासन की टीम कार्रवाई के लिए जुड़पनिया पहुंची।
मौके पर पहुंचने के बाद अधिकारियों ने जमीन की स्थिति देखी और संबंधित स्थान से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीन भी मौके पर मौजूद रही।
कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी उपयोग की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराना और राजस्व अभिलेखों के अनुसार भूमि की स्थिति बहाल करना बताया गया।
स्कूल की बाउंड्री से सटी जमीन पर पहुंची टीम
प्रशासन की कार्रवाई उस स्थान पर की गई, जो स्कूल की बाउंड्री से सटा हुआ बताया जा रहा है। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को जमीन से संबंधित स्थिति के बारे में जानकारी दी।
इसके बाद अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई। प्रशासन की टीम ने स्पष्ट किया कि सार्वजनिक उपयोग से जुड़ी जमीन पर किसी भी प्रकार का अनधिकृत कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौजूद रही, ताकि कार्रवाई शांतिपूर्ण तरीके से पूरी कराई जा सके।
खलिहान और चकमार्ग की जमीन पर विशेष ध्यान
कार्रवाई के दौरान खलिहान और चकमार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने पर विशेष जोर दिया गया। ग्रामीण क्षेत्रों में खलिहान की जमीन का उपयोग कृषि संबंधी कार्यों के लिए किया जाता है, जबकि चकमार्ग खेतों और ग्रामीण इलाकों तक आवागमन का महत्वपूर्ण माध्यम होता है।
ऐसे में इन जमीनों पर अतिक्रमण होने से ग्रामीणों को आवागमन और अन्य कार्यों में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। इसी वजह से प्रशासन ने संबंधित जमीन को कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई की।
अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों को सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीन की स्थिति से छेड़छाड़ नहीं करने की चेतावनी भी दी।
जेसीबी के सामने पहुंचे कब्जेदार के परिजन
कार्रवाई के दौरान स्थिति उस समय कुछ देर के लिए बदल गई, जब कथित कब्जेदार के परिजन जेसीबी के सामने पहुंच गए। परिजनों ने मौके पर प्रशासन की कार्रवाई के बीच अपनी बात रखने का प्रयास किया।
हालांकि, प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थिति को नियंत्रित रखा और संबंधित परिवार को अपना सामान हटाने के लिए समय देने का निर्णय लिया। अधिकारियों की ओर से परिवार को सामान हटाने के लिए चार दिन की मोहलत दी गई।
इस दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय के भीतर सामान हटाना होगा। इसके बाद जमीन को पूरी तरह कब्जामुक्त कराने की कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
परिवार को चार दिन की मोहलत
प्रशासन ने मौके पर मौजूद परिवार को सामान हटाने के लिए चार दिन का समय दिया। यह मोहलत इसलिए दी गई, ताकि परिवार अपने सामान को व्यवस्थित तरीके से दूसरी जगह स्थानांतरित कर सके।
इसके साथ ही प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के बाद अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी प्रकार की बाधा स्वीकार नहीं की जाएगी।
अधिकारियों ने परिवार से सहयोग करने की अपील की और कहा कि सरकारी जमीन को निर्धारित उपयोग के लिए खाली रखना आवश्यक है।
नायब तहसीलदार प्रशांत सिंह की मौजूदगी में कार्रवाई
पूरी कार्रवाई नायब तहसीलदार प्रशांत सिंह की मौजूदगी में हुई। उन्होंने राजस्व टीम के साथ मौके की स्थिति का निरीक्षण किया और कार्रवाई की निगरानी की।
प्रशांत सिंह ने मौके पर मौजूद लोगों को प्रशासन की कार्रवाई और जमीन से संबंधित स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कहा कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज सरकारी भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने के लिए नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने संबंधित लोगों से प्रशासन का सहयोग करने की अपील भी की।
पुलिस और राजस्व टीम रही मौजूद
अतिक्रमण हटाने के अभियान के दौरान पुलिस और राजस्व विभाग की टीम मौके पर मौजूद रही। प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए पुलिसकर्मियों की तैनाती की थी।
इससे कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिली। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद लोगों से शांतिपूर्ण तरीके से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की।
इसके अलावा, प्रशासन की ओर से किसी भी तरह की स्थिति उत्पन्न होने पर तत्काल नियंत्रण के लिए आवश्यक व्यवस्था भी की गई थी।
प्रशासन ने दी सख्त चेतावनी
अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने सरकारी जमीन पर दोबारा कब्जा करने या कार्रवाई में बाधा डालने को लेकर सख्त चेतावनी दी।
अधिकारियों ने कहा कि सार्वजनिक उपयोग की जमीन को अतिक्रमण से मुक्त रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। यदि भविष्य में दोबारा किसी प्रकार का अनधिकृत कब्जा पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन की ओर से ग्रामीणों से भी अपील की गई कि वे सरकारी जमीन पर निर्माण या कब्जा करने से बचें और जमीन से संबंधित किसी भी विवाद की स्थिति में राजस्व विभाग से संपर्क करें।
शिकायत के बाद प्रशासन ने की कार्रवाई
जुड़पनिया में हुई कार्रवाई की शुरुआत गाटा संख्या 356 की जमीन पर कब्जे की शिकायत के बाद हुई। शिकायत मिलने के बाद संबंधित अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया और मौके की स्थिति का परीक्षण किया।
जांच के बाद प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने का अभियान चलाया। इस दौरान खलिहान और चकमार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।
प्रशासन की कार्रवाई से यह संदेश भी गया कि सरकारी और सार्वजनिक उपयोग की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत मिलने पर राजस्व विभाग कार्रवाई कर सकता है।
ग्रामीणों की नजर आगे की कार्रवाई पर
चार दिन की मोहलत दिए जाने के बाद अब प्रशासन की अगली कार्रवाई पर ग्रामीणों की नजर रहेगी। निर्धारित समय के भीतर संबंधित परिवार की ओर से सामान हटाया जाता है या नहीं, इसके बाद प्रशासन की ओर से आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी।
वहीं, पुलिस और राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर स्थिति का जायजा लिया और कार्रवाई को नियमानुसार आगे बढ़ाने की बात कही।
प्रशासन की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सरकारी जमीन और सार्वजनिक उपयोग वाले स्थानों पर अतिक्रमण को लेकर चर्चा भी तेज हो गई है।
सरकारी जमीन को सुरक्षित रखने पर जोर
ग्रामीण क्षेत्रों में खलिहान, चकमार्ग और अन्य सार्वजनिक उपयोग की जमीन का अपना महत्व है। इन स्थानों का उपयोग सामुदायिक जरूरतों के लिए किया जाता है। इसलिए इन जमीनों को अतिक्रमण से मुक्त रखना प्रशासन के साथ-साथ स्थानीय लोगों की भी जिम्मेदारी है।
सिरसिया के जुड़पनिया में हुई कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने इसी दिशा में कदम उठाया। अधिकारियों ने मौके पर स्पष्ट किया कि राजस्व अभिलेखों के अनुसार सरकारी जमीन का उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।
श्रावस्ती के सिरसिया क्षेत्र के जुड़पनिया गांव में गाटा संख्या 356 की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की। नायब तहसीलदार प्रशांत सिंह की मौजूदगी में पुलिस और राजस्व टीम ने जेसीबी के माध्यम से अतिक्रमण हटाने की प्रक्रिया शुरू की। खलिहान और चकमार्ग की जमीन को कब्जामुक्त कराने पर विशेष जोर दिया गया।
कार्रवाई के दौरान कथित कब्जेदार के परिजन मौके पर पहुंचे, जिसके बाद प्रशासन ने परिवार को सामान हटाने के लिए चार दिन की मोहलत दी। साथ ही अधिकारियों ने सरकारी जमीन पर दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी। अब निर्धारित समय सीमा पूरी होने के बाद प्रशासन की आगे की कार्रवाई पर नजर रहेगी।

