कानपुर में अर्दली रूम के दौरान पुलिसिंग व्यवस्था की समीक्षा, डीसीपी दक्षिण ने दिए समयबद्ध निस्तारण के निर्देश

27

रिपोर्ट- विक्की रघुवंशी

कानपुरः पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और अनुशासित बनाने के उद्देश्य से पुलिस उपायुक्त दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने रिजर्व पुलिस लाइन में अर्दली रूम लिया। इस दौरान संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विभागीय अभिलेखों, कार्यप्रणाली तथा लंबित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। डीसीपी ने अधिकारियों और कर्मचारियों को अभिलेखों को व्यवस्थित एवं अद्यतन रखने के साथ-साथ विभागीय कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए।

अर्दली रूम के दौरान पुलिस उपायुक्त दक्षिण ने विभागीय कार्यप्रणाली से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर अधिकारियों और कर्मचारियों से जानकारी ली। विशेष रूप से अभिलेखों के रख-रखाव और उनकी वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी आवश्यक रिकॉर्ड नियमित रूप से अपडेट किए जाएं, ताकि आवश्यकता पड़ने पर संबंधित जानकारी आसानी से उपलब्ध हो सके।

अभिलेखों को व्यवस्थित रखने पर जोर

पुलिस उपायुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में अभिलेखों का महत्वपूर्ण स्थान है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी और कर्मचारी की जिम्मेदारी है कि विभागीय रिकॉर्ड सही, स्पष्ट और अद्यतन स्थिति में रहें। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से अभिलेखों की जांच करने और किसी भी कमी को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।

इसके साथ ही लंबित विभागीय कार्यों की भी समीक्षा की गई। डीसीपी ने कहा कि किसी भी कार्य को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाना चाहिए। प्राथमिकता वाले मामलों का समयबद्ध तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। इससे पुलिसिंग व्यवस्था में तेजी आने के साथ-साथ आमजन को भी बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी।

पारदर्शिता और जवाबदेही पर विशेष जोर

अर्दली रूम के दौरान पुलिस उपायुक्त दक्षिण ने विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही बनाए रखने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक कार्य को निर्धारित नियमों और विभागीय निर्देशों के अनुरूप पूरा किया जाए।

उन्होंने स्पष्ट किया कि पुलिस विभाग में जिम्मेदारी के साथ काम करना आवश्यक है। इसलिए अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को गंभीरता से समझें और निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्य करें। साथ ही विभागीय नियमों और वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा जारी निर्देशों का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।

लंबित कार्यों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

समीक्षा के दौरान लंबित कार्यों को लेकर भी अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि लंबित मामलों की नियमित समीक्षा की जानी चाहिए। जिन कार्यों का निस्तारण तत्काल संभव है, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए।

इसके अलावा अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया गया कि कार्यों की प्रगति पर नजर रखी जाए और किसी स्तर पर अनावश्यक देरी न होने दी जाए। इससे विभागीय कार्यों की गति बेहतर होगी और पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।

ड्यूटी के प्रति सजग रहने की अपील

पुलिस उपायुक्त दक्षिण ने अधिकारियों और कर्मचारियों को ड्यूटी के प्रति सजग और कर्तव्यनिष्ठ रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस सेवा में अनुशासन और जिम्मेदारी का विशेष महत्व है। इसलिए प्रत्येक कर्मचारी को अपनी ड्यूटी पूरी गंभीरता के साथ निभानी चाहिए।

उन्होंने पुलिसकर्मियों से अपेक्षा की कि वे अपने कार्यक्षेत्र में सक्रिय रहते हुए कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर लगातार नजर रखें। साथ ही विभागीय दायित्वों को समय पर पूरा करने के लिए आपसी समन्वय के साथ काम करें।

आमजन की शिकायतों के प्रति संवेदनशीलता जरूरी

अर्दली रूम के दौरान आमजन की शिकायतों और समस्याओं के निस्तारण को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। पुलिस उपायुक्त ने कहा कि पुलिस के पास आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की समस्या को संवेदनशीलता और गंभीरता से सुना जाना चाहिए।

उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक देरी न हो। शिकायतकर्ता को उपलब्ध नियमों और प्रक्रिया के अनुसार प्रभावी समाधान देने का प्रयास किया जाए। इसके साथ ही शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर भी ध्यान दिया जाए, ताकि लोगों का पुलिस व्यवस्था के प्रति विश्वास मजबूत हो।

बेहतर पुलिसिंग के लिए अनुशासन पर जोर

पुलिस उपायुक्त दक्षिण द्वारा लिए गए अर्दली रूम का मुख्य उद्देश्य पुलिस विभाग की आंतरिक कार्यप्रणाली को और अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाना रहा। विभागीय रिकॉर्ड की समीक्षा, लंबित कार्यों की निगरानी, पारदर्शिता, जवाबदेही और आमजन की शिकायतों के निस्तारण जैसे विषयों पर दिए गए निर्देशों से पुलिसिंग व्यवस्था को बेहतर बनाने पर जोर दिखाई दिया।

दरअसल, किसी भी पुलिस व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए केवल कानून-व्यवस्था पर ध्यान देना ही पर्याप्त नहीं होता, बल्कि विभाग के भीतर अनुशासन, रिकॉर्ड प्रबंधन और कार्यों की नियमित समीक्षा भी जरूरी होती है। इसी क्रम में अर्दली रूम को विभागीय कामकाज की समीक्षा और आवश्यक सुधार के लिए महत्वपूर्ण प्रक्रिया माना जाता है।

समयबद्ध और जिम्मेदार कार्यप्रणाली का संदेश

डीसीपी दक्षिण ने अधिकारियों और कर्मचारियों को यह संदेश दिया कि पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली में समयबद्धता, पारदर्शिता और जवाबदेही को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। साथ ही आमजन से जुड़े मामलों में संवेदनशील व्यवहार अपनाया जाए।

You may have missed