वाराणसी में MSc छात्रा श्रेया की हत्या, शादी से पहले उजड़ा परिवार, आरोपी रिश्तेदार पर अपहरण का आरोप
Digital UP News Desk
वाराणसी: वाराणसी जिले में जगतपुर पीजी कॉलेज की एमएससी छात्रा श्रेया उर्फ मोनू (22) की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या से सनसनी फैल गई। छात्रा का शव बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक किराये के कमरे से बरामद हुआ। परिजनों ने दूर के रिश्तेदार विवेक चौबे पर श्रेया को अगवा कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े लोगों से पूछताछ की जा रही है।
श्रेया अपने परिवार की इकलौती बेटी थी। परिजनों के अनुसार उसकी शादी मिर्जापुर में तय हो चुकी थी। आगामी 22 नवंबर को उसकी रिंग सेरेमनी और 26 फरवरी को शादी होनी थी। परिवार में शादी की तैयारियां शुरू हो चुकी थीं, लेकिन इससे पहले ही श्रेया की मौत की खबर ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
कॉलेज जाने के लिए घर से निकली थी श्रेया
परिजनों के मुताबिक, श्रेया 18 अगस्त को घर से कॉलेज जाने की बात कहकर निकली थी। देर शाम तक जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार को चिंता हुई। इसके बाद परिजन कॉलेज पहुंचे और वहां जानकारी की। कॉलेज प्रशासन से पता चला कि श्रेया उस दिन कॉलेज आई ही नहीं थी।
इसके बाद परिवार ने राजातालाब थाने और जक्खिनी पुलिस चौकी में सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर छात्रा के मोबाइल फोन की लोकेशन खंगालनी शुरू की। जांच के दौरान मोबाइल की लोकेशन बच्छांव पश्चिमपुरा स्थित एक मकान के आसपास मिली।
परिजन पुलिस के साथ रात करीब 11 बजे उस मकान तक पहुंचे। बताया गया कि उस समय भी श्रेया का मोबाइल सक्रिय था और उसकी लोकेशन उसी मकान से मिल रही थी। ऐसे में परिवार को उम्मीद थी कि श्रेया कमरे के अंदर मौजूद होगी।
कमरे का दरवाजा नहीं खुला, अगले दिन मिला शव
मृतका के पिता सुनील उपाध्याय का आरोप है कि रात में पुलिस और परिवार के लोग मकान तक पहुंचे थे, लेकिन काफी प्रयास के बावजूद कमरे का दरवाजा नहीं खुला। परिवार का आरोप है कि उस समय कमरे की तलाशी नहीं ली गई।
अगली सुबह 19 अगस्त को परिजनों ने दोबारा बच्छांव पहुंचकर आसपास जानकारी जुटानी शुरू की। इस दौरान मकान मालिक विवेक द्विवेदी से पता चला कि विवेक चौबे नाम का युवक करीब दो महीने से वहां किराये पर रह रहा था। मकान मालिक ने विवेक का आधार कार्ड भी परिजनों को उपलब्ध कराया। इसके बाद परिवार का शक और गहरा गया।
परिजन विवेक के ननिहाल भुवालपुर, सीखड़, मिर्जापुर पहुंचे। वहां लोगों ने बताया कि विवेक 18 अगस्त की शाम वहां आया था और अपनी मोटरसाइकिल व बैग छोड़कर चला गया था। बैग की जांच करने पर कमरे की चाबी मिली। इसके बाद परिजन चाबी लेकर बच्छांव स्थित मकान पर पहुंचे।
बृहस्पतिवार सुबह करीब 10:30 बजे कमरे का दरवाजा खोला गया। अंदर बाथरूम में श्रेया का शव मिला। इसके बाद परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
परिजनों ने विवेक चौबे पर लगाए गंभीर आरोप
परिजनों का आरोप है कि विवेक चौबे श्रेया से जबरन बातचीत करता था। परिवार के अनुसार, वह वीडियो कॉल के दौरान श्रेया के पिता को धमकाने जैसी बातें भी करता था। श्रेया ने इस संबंध में अपने पिता को जानकारी दी थी। परिजनों का कहना है कि उन्होंने विवेक को समझाने का प्रयास भी किया था।
परिवार ने किसी प्रेम संबंध की बात से इनकार किया है। उनका आरोप है कि विवेक की नजर परिवार की संपत्ति पर थी और वह चाहता था कि घर की इकलौती बेटी से उसका विवाह हो जाए। इसी बीच श्रेया का विवाह मिर्जापुर में तय हो गया। परिवार का आरोप है कि इसी बात से नाराज होकर विवेक ने कथित तौर पर श्रेया को अगवा किया और उसकी हत्या कर दी।
हालांकि, पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही हत्या की वास्तविक वजह और घटना में आरोपी की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस फिलहाल सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
मोबाइल फोन से खुलेगा घटना का राज
घटना की जांच में श्रेया का मोबाइल फोन अहम साक्ष्य माना जा रहा है। फॉरेंसिक टीम ने मोबाइल को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस मोबाइल की कॉल डिटेल, चैट, फोटो, वीडियो और अन्य डिजिटल साक्ष्यों को खंगाल रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि श्रेया ने घटना से पहले किन लोगों से बातचीत की थी और 18 अगस्त को वह किन परिस्थितियों में बच्छांव पहुंची। इसके अलावा मोबाइल की लोकेशन और अन्य डिजिटल जानकारी से भी घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।
मकान मालिक से भी पूछताछ
घटना के बाद रोहनिया पुलिस ने मकान मालिक विवेक द्विवेदी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि विवेक चौबे कब से कमरे में रह रहा था, वह वहां किन लोगों से मिलता था और 18 अगस्त को कमरे में क्या हुआ।
पुलिस के अनुसार, विवेक चौबे एक बैंक में संविदाकर्मी रह चुका है और प्रधानी का चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहा था। दूसरी ओर, क्राइम ब्रांच की टीम ने आरोपी के गांव पहुंचकर उसके पिता को भी हिरासत में लिया और पूछताछ की।
जांच टीम यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी घटना के बाद कहां-कहां गया और उसके संपर्क में कौन-कौन लोग रहे। उसकी मोटरसाइकिल और बैग को भी जांच के दायरे में रखा गया है।
पुलिस की कार्यप्रणाली पर परिजनों ने उठाए सवाल
इस मामले में मृतका के परिजनों ने पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। पिता सुनील उपाध्याय का आरोप है कि जब मोबाइल लोकेशन बच्छांव के मकान में मिल रही थी, तब पुलिस को कमरे की तत्काल तलाशी लेनी चाहिए थी।
परिवार का कहना है कि अगर उस समय कमरे को खुलवाकर जांच की जाती तो शायद घटना की सच्चाई पहले सामने आ सकती थी। हालांकि, पुलिस की ओर से मामले की जांच जारी है और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शादी की तैयारियों के बीच मातम
श्रेया अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। परिवार के अनुसार, उसके विवाह की तैयारियां चल रही थीं। घर में खुशियों का माहौल था और रिश्तेदार शादी की तैयारियों में जुटने लगे थे। ऐसे में बेटी की मौत की खबर ने परिवार को पूरी तरह तोड़ दिया।
श्रेया की मां रीता उपाध्याय ने बताया कि उनकी बेटी कॉलेज पहुंची ही नहीं थी। परिवार को आशंका है कि उसे रास्ते से ही अगवा किया गया और बाद में किराये के कमरे में ले जाकर घटना को अंजाम दिया गया।
फिलहाल पुलिस हत्या के इस मामले में उपलब्ध साक्ष्यों को जुटा रही है। मोबाइल फोन, कमरे से मिले सामान, आरोपी की गतिविधियों और संबंधित लोगों से पूछताछ के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि श्रेया बच्छांव स्थित कमरे तक कैसे पहुंची और उसकी मौत के पीछे वास्तविक कारण क्या था।

