बिजनौर में अंधविश्वास के नाम पर 70 लाख की ठगी का खुलासा, चार आरोपी गिरफ्तार

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रिपोर्ट – ताबिष मिर्ज़ा

बिजनौर। उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के नाम पर एक परिवार से कथित तौर पर करीब 70 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। धामपुर थाना क्षेत्र में हुई इस घटना का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने पीड़ित परिवार को उसके बीमार बेटे के इलाज का भरोसा दिलाया और कथित तौर पर काली माता के प्रकोप का भय दिखाकर लंबे समय तक अपने प्रभाव में रखा।

पुलिस का कहना है कि इसी दौरान आरोपियों ने पीड़ित से मकान, जेवरात और लोन के माध्यम से प्राप्त रकम समेत करीब 70 लाख रुपये हड़प लिए। इतना ही नहीं, कथित तौर पर पीड़ित को यह धमकी भी दी गई कि यदि उसने इस बारे में किसी को बताया तो उसकी जान को खतरा हो सकता है। मामले की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की और कार्रवाई करते हुए चार संदिग्ध आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

बीमार बेटे के इलाज का दिया भरोसा

पुलिस के अनुसार, ठगी का पूरा मामला पीड़ित के बीमार बेटे के इलाज के बहाने शुरू हुआ। आरोपियों ने परिवार को विश्वास दिलाया कि झाड़-फूंक और विशेष पूजा-पाठ के माध्यम से बीमारी को ठीक किया जा सकता है। इसके बाद पीड़ित परिवार को कथित तौर पर अंधविश्वास से जुड़ी बातों में उलझाया गया।

बताया जा रहा है कि आरोपियों ने परिवार को यह कहकर डराया कि उनके ऊपर काली माता का प्रकोप है और यदि बताए गए उपाय नहीं किए गए तो परिवार को गंभीर परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। इसके बाद अलग-अलग तरीकों से धन और कीमती सामान लेने का सिलसिला शुरू हुआ।

पुलिस जांच में सामने आए तथ्यों के मुताबिक, पीड़ित से धीरे-धीरे बड़ी रकम ली गई। इसके लिए मकान और जेवरात से जुड़ी संपत्ति के अलावा लोन की रकम का भी इस्तेमाल कराया गया। इस तरह कथित तौर पर कुल करीब 70 लाख रुपये की ठगी की गई।

डर दिखाकर चुप रहने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, जब पीड़ित को इस पूरे मामले पर संदेह होने लगा तो आरोपियों ने कथित तौर पर उसे डराकर चुप रहने के लिए कहा। पीड़ित को धमकी दी गई कि यदि उसने किसी अन्य व्यक्ति को घटना के बारे में जानकारी दी तो उसकी जान को खतरा हो सकता है।

इस कथित धमकी के कारण पीड़ित काफी समय तक मामले को लेकर खुलकर सामने नहीं आ सका। हालांकि, बाद में मामले की जानकारी पुलिस तक पहुंची और जांच शुरू की गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों और पीड़ित से कथित तौर पर ली गई रकम के संबंध में जानकारी जुटाई।

पुलिस ने चार आरोपियों को किया गिरफ्तार

मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 4 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि कथित ठगी की रकम का बाकी हिस्सा कहां और किस तरह इस्तेमाल किया गया।

पुलिस इस मामले में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साथ ही, ठगी से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा सकती है। पुलिस का उद्देश्य कथित तौर पर हड़पी गई पूरी रकम और संपत्ति से संबंधित जानकारी जुटाना है।

एसपी ग्रामीण ने किया मामले का खुलासा

पूरे मामले का खुलासा एसपी ग्रामीण गौतम राय ने किया। उन्होंने पुलिस कार्रवाई की जानकारी देते हुए बताया कि धामपुर थाना क्षेत्र में अंधविश्वास के नाम पर ठगी किए जाने की शिकायत और जांच के आधार पर आरोपियों तक पहुंच बनाई गई।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे मामलों में लोगों को बीमारी या पारिवारिक परेशानी का डर दिखाकर झाड़-फूंक, तंत्र-मंत्र और धार्मिक आस्था से जुड़ी बातों के नाम पर आर्थिक नुकसान पहुंचाया जा सकता है। इसलिए किसी भी बीमारी या परेशानी की स्थिति में बिना सत्यापन के ऐसे लोगों पर भरोसा करने के बजाय योग्य चिकित्सक और संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

अंधविश्वास के नाम पर ठगी से सावधान रहने की जरूरत

यह मामला एक बार फिर यह बताता है कि बीमारी या किसी पारिवारिक परेशानी के समय लोगों को भावनात्मक रूप से प्रभावित करके आर्थिक ठगी का शिकार बनाया जा सकता है। खास तौर पर जब किसी व्यक्ति को बीमारी के इलाज के नाम पर डराया जाए या बड़ी रकम देने का दबाव बनाया जाए, तो परिवार को सतर्क रहना चाहिए।

किसी भी व्यक्ति द्वारा बीमारी ठीक करने, किसी कथित प्रकोप को समाप्त करने या विशेष पूजा-पाठ के नाम पर बड़ी रकम की मांग की जाती है तो उसके दावों की जांच करना आवश्यक है। इसके अलावा, यदि कोई व्यक्ति धमकी देता है या जबरन पैसे अथवा संपत्ति लेने का प्रयास करता है, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दी जानी चाहिए।

फिलहाल धामपुर थाना पुलिस गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों से पूछताछ कर रही है। पुलिस की जांच के बाद ही मामले में ठगी की पूरी रकम, अन्य संभावित पीड़ितों और घटना से जुड़े अन्य लोगों के बारे में स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस कार्रवाई के बाद अब इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।

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