मुरादाबाद में एसपी सिटी ने जनसुनवाई में सुनीं फरियादें, अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश
रिपोर्ट- मो. अरशद
जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी और सरल माध्यम उपलब्ध कराना रहा। पुलिस अधीक्षक नगर ने फरियादियों की बात सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता के तौर पर नहीं, बल्कि उनकी वास्तविक स्थिति को समझते हुए किया जाए। साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी न हो।
फरियादियों की समस्याओं पर त्वरित कार्रवाई के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न प्रकार की शिकायतें पुलिस अधीक्षक नगर के समक्ष पहुंचीं। फरियादियों ने अपनी समस्याओं से संबंधित जानकारी अधिकारियों को दी। एसपी सिटी ने शिकायतों को ध्यानपूर्वक सुनने के बाद संबंधित अधिकारियों और थाना प्रभारियों को निर्देश दिए कि प्रत्येक मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को अपनी समस्या के समाधान के लिए बार-बार पुलिस कार्यालयों या अन्य अधिकारियों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके लिए थाना स्तर पर ही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इसके अलावा, जिन मामलों में तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता है, उनमें प्राथमिकता के आधार पर कदम उठाने के निर्देश दिए गए। वहीं, ऐसे मामलों में जिनमें जांच या अन्य प्रक्रिया की आवश्यकता है, उन्हें भी निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरा करने पर जोर दिया गया।
थाना स्तर पर शिकायतों के समाधान पर जोर
पुलिस अधीक्षक नगर कुमार रणविजय सिंह ने नगर क्षेत्र के सभी थाना प्रभारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि आमजन की शिकायतों को थाना स्तर पर ही प्रभावी तरीके से सुना जाए। उन्होंने कहा कि पुलिस का पहला उद्देश्य लोगों को सहज और सुलभ तरीके से न्याय दिलाने की दिशा में काम करना होना चाहिए।
एसपी सिटी ने थाना प्रभारियों से कहा कि जिन समस्याओं का समाधान स्थानीय स्तर पर संभव है, उनका निस्तारण वहीं किया जाए। इससे न केवल फरियादियों को राहत मिलेगी, बल्कि उच्चाधिकारियों के कार्यालयों में अनावश्यक रूप से पहुंचने वाली शिकायतों का दबाव भी कम होगा।
उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि शिकायतों के निस्तारण की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दिया जाए। केवल शिकायत का निस्तारण दर्ज कर देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया जाए कि शिकायतकर्ता को वास्तविक समाधान मिला है या नहीं।
महिला हेल्पडेस्क को प्रभावी बनाने के निर्देश
जनसुनवाई के दौरान पुलिस अधीक्षक नगर ने महिला हेल्पडेस्क की भूमिका को भी प्रभावी बनाने पर जोर दिया। उन्होंने सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिला शिकायतकर्ताओं की समस्याओं को संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ सुना जाए।
महिला हेल्पडेस्क के माध्यम से महिलाओं को अपनी शिकायत दर्ज कराने और पुलिस सहायता प्राप्त करने में आसानी हो, इसके लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को मजबूत करने के निर्देश दिए गए। साथ ही अधिकारियों से कहा गया कि महिला संबंधी शिकायतों में नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
पुलिस प्रशासन का मानना है कि थाना स्तर पर बेहतर जनसुनवाई व्यवस्था होने से लोगों को अपनी समस्याओं के समाधान के लिए उच्चाधिकारियों तक जाने की आवश्यकता कम होगी। इसलिए थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में शिकायतों की सुनवाई और निस्तारण व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए कहा गया है।
गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को प्राथमिकता
एसपी सिटी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत को उसके तथ्यों के आधार पर देखा जाए और नियमानुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही शिकायतकर्ता को कार्रवाई की स्थिति के बारे में आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पुलिस और आमजन के बीच बेहतर संवाद व्यवस्था कायम करना जरूरी है। इसके लिए लोगों की शिकायतों को सुनना और उनकी समस्याओं पर समय से कार्रवाई करना महत्वपूर्ण है।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जनसुनवाई में प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं होनी चाहिए। संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित करें।
आमजन को राहत पहुंचाना पुलिस की प्राथमिकता
मुरादाबाद पुलिस प्रशासन की ओर से लगातार यह प्रयास किया जा रहा है कि नागरिकों को पुलिस संबंधी समस्याओं के समाधान के लिए सरल और प्रभावी व्यवस्था उपलब्ध हो। जनसुनवाई इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण माध्यम है। इसके जरिए अधिकारी सीधे नागरिकों की समस्याओं को सुनते हैं और संबंधित विभागों या थाना प्रभारियों को कार्रवाई के लिए निर्देशित करते हैं।
सोमवार को आयोजित जनसुनवाई में भी पुलिस अधीक्षक नगर ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके अलावा, थाना स्तर पर शिकायतों के निस्तारण को प्राथमिकता देने के साथ महिला हेल्पडेस्क को भी अधिक प्रभावशाली बनाने पर जोर दिया गया।

