बिजनौर के नजीबाबाद में गुलदार के हमले से 7 साल के बच्चे की मौत, ब्लॉक प्रमुख ने वन विभाग पर उठाए सवाल
रिपोर्ट – ताबिश मिर्जा
बिजनौर: नजीबाबाद क्षेत्र में गुलदार के हमले से 7 वर्षीय बच्चे की मौत के बाद ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। थाना नजीबाबाद क्षेत्र के खुशहालपुर गांव में बच्चे के अवशेष मिलने के बाद इलाके में शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और गुलदार की तलाश शुरू की गई है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी के ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया और वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने पीड़ित परिवार को हरसंभव मदद का भरोसा दिलाते हुए मृतक बच्चे के परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने की बात कही। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को देखते हुए वन विभाग को सुरक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
खुशहालपुर में बच्चे की मौत से शोक
जानकारी के अनुसार, नजीबाबाद थाना क्षेत्र के खुशहालपुर इलाके में 7 वर्षीय बच्चा जंगल के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान गुलदार के हमले की घटना सामने आई। बच्चे के काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की।
तलाश के दौरान जंगल क्षेत्र में बच्चे के अवशेष मिलने की जानकारी सामने आई। इसके बाद गांव में सूचना फैल गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दी गई।
बच्चे की मौत से परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, घटना के बाद गांव और आसपास के इलाकों में लोगों की चिंता बढ़ गई है। ग्रामीण अब बच्चों और परिवार के सदस्यों की सुरक्षा को लेकर अतिरिक्त सावधानी बरत रहे हैं।
वन विभाग ने शुरू की गुलदार की तलाश
घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल और आसपास के जंगल क्षेत्र का निरीक्षण किया। साथ ही गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने के लिए निगरानी बढ़ाई गई है।
वन विभाग की ओर से गुलदार को पकड़ने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को जंगल और उसके आसपास जाने से बचने की सलाह दी जा रही है।
विशेष रूप से बच्चों को जंगल क्षेत्र में अकेले नहीं भेजने और शाम के समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की गई है। वन विभाग की टीम क्षेत्र में संभावित गतिविधियों पर नजर रख रही है।
ब्लॉक प्रमुख ने पीड़ित परिवार से की मुलाकात
घटना की जानकारी मिलने के बाद बीजेपी ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर घटना पर दुख जताया और उन्हें हरसंभव सहयोग का भरोसा दिया।
तपराज सिंह ने कहा कि परिवार के लिए यह बेहद कठिन समय है। उन्होंने प्रशासन से नियमानुसार पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने की बात कही। साथ ही उन्होंने क्षेत्र में वन्यजीवों की गतिविधियों को लेकर भी चिंता व्यक्त की।
ब्लॉक प्रमुख ने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने संबंधित विभाग से गुलदार को पकड़ने और प्रभावित क्षेत्र में निगरानी बढ़ाने की मांग की।
वन विभाग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल
बीजेपी ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने वन विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में गुलदार की गतिविधियों को लेकर लोगों में पहले से चिंता है। ऐसे में वन विभाग को सक्रियता के साथ काम करना चाहिए।
उन्होंने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के ग्रामीण लगातार चिंता में हैं और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया जाना चाहिए।
हालांकि, वन विभाग की ओर से इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने आना अभी बाकी है। ऐसे में विभाग की ओर से मामले में उठाए गए कदम और आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होना महत्वपूर्ण होगा।
ग्रामीणों में बढ़ी चिंता
7 वर्षीय बच्चे की मौत की घटना के बाद खुशहालपुर और आसपास के इलाकों में ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। जंगल से सटे गांवों में लोग बच्चों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरत रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जंगल के आसपास गुलदार की गतिविधियां दिखाई देने पर वन विभाग को तत्काल सूचना दी जाती है। इसके बावजूद लोगों में यह चिंता बनी हुई है कि गुलदार को जल्द पकड़ना जरूरी है।
ग्रामीणों ने प्रशासन और वन विभाग से मांग की है कि प्रभावित क्षेत्र में नियमित गश्त बढ़ाई जाए। इसके अलावा जंगल के आसपास रहने वाले परिवारों को वन्यजीवों से बचाव के लिए आवश्यक जानकारी भी दी जाए।
मुआवजे की मांग पर जोर
घटना के बाद पीड़ित परिवार के लिए आर्थिक सहायता की मांग भी सामने आई है। ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने कहा कि मृतक बच्चे के परिवार को नियमानुसार मुआवजा दिलाने के लिए प्रशासन के स्तर पर प्रयास किया जाएगा।
वन्यजीव हमले की स्थिति में सरकारी नियमों के तहत पात्र परिवारों को सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था होती है। ऐसे में प्रशासन और वन विभाग की ओर से मामले की जांच और आवश्यक औपचारिकताओं के बाद मुआवजे की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा सकती है।
परिवार के लिए इस समय आर्थिक सहायता के साथ-साथ प्रशासनिक सहयोग भी महत्वपूर्ण है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की ओर से भी परिवार को सहायता का भरोसा दिया गया है।
सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों से अपील
घटना के बाद वन विभाग और स्थानीय प्रशासन की ओर से ग्रामीणों को सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। लोगों से कहा गया है कि वे जंगल में अकेले न जाएं और बच्चों को भी जंगल के आसपास खेलने के लिए न भेजें।
यदि किसी व्यक्ति को गुलदार दिखाई देता है तो उसके पास जाने या उसे पकड़ने का प्रयास नहीं करना चाहिए। इसके बजाय तुरंत वन विभाग को सूचना दी जानी चाहिए।
ग्रामीणों को यह भी सलाह दी जा रही है कि वे समूह में ही जंगल क्षेत्र की ओर जाएं और रात या सुबह के समय विशेष सावधानी बरतें। इसके अलावा घर के आसपास रोशनी की उचित व्यवस्था रखने और पशुओं को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह भी दी जा सकती है।
गुलदार को पकड़ना बनी प्राथमिकता
बच्चे की मौत के बाद वन विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती गुलदार की पहचान कर उसे सुरक्षित तरीके से पकड़ना है। इसके लिए क्षेत्र में निगरानी बढ़ाई जा रही है।
वन विभाग की टीम संभावित स्थानों पर नजर रख रही है और गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास कर रही है। आवश्यकता के अनुसार पिंजरा और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा सकती हैं।
वहीं, प्रशासनिक अधिकारी भी स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
आगे की कार्रवाई पर नजर
खुशहालपुर में हुई घटना के बाद अब ग्रामीण वन विभाग की अगली कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। लोगों की मांग है कि गुलदार को जल्द पकड़ा जाए और जंगल से सटे गांवों में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाए।
वहीं, बीजेपी ब्लॉक प्रमुख तपराज सिंह ने पीड़ित परिवार को मुआवजा दिलाने और वन विभाग की कार्यप्रणाली में सुधार की मांग उठाई है। उन्होंने कहा कि ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
फिलहाल घटना के बाद वन विभाग की टीम क्षेत्र में सक्रिय है और गुलदार की तलाश की जा रही है। प्रशासन की ओर से भी स्थिति की निगरानी की जा रही है। अब सभी की नजर गुलदार को पकड़ने के लिए की जा रही कार्रवाई और पीड़ित परिवार को मिलने वाली सहायता पर है।

