कानपुर में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सपा का प्रदर्शन, पुतला जलाने की कोशिश के दौरान पुलिस से हुई खींचतान

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रिपोर्ट – हनुमंत सिंह 

कानपुर: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के कई हिस्सों में राजनीतिक विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। इसी क्रम में कानपुर में भी समाजवादी युवजन सभा के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने विरोध जताया। समाजवादी युवजन सभा के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी के नेतृत्व में कार्यकर्ता बड़ा चौराहा पहुंचे और इसके बाद के.के. तिवारी चौराहे, जिसे लॉयर्स चौराहा भी कहा जाता है, पर विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार की तस्वीर के साथ अपना विरोध दर्ज कराया और उनके इस्तीफे की मांग को लेकर नारे लगाए। इस दौरान पुलिस भी मौके पर मौजूद रही। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने का प्रयास किया और तस्वीर को आग के हवाले किए जाने के बाद उसे अपने कब्जे में लेने की कोशिश की। कुछ देर तक पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच खींचतान की स्थिति बनी रही।

शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर प्रदर्शन का दावा

समाजवादी युवजन सभा की ओर से बताया गया कि यह कार्यक्रम शीर्ष नेतृत्व के निर्देश पर आयोजित किया गया था। संगठन के अध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी अपने साथियों के साथ पहले बड़ा चौराहा पहुंचे। इसके बाद कार्यकर्ता के.के. तिवारी चौराहे की ओर गए, जहां उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विरोध जताया।

प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और ज्ञानेश कुमार को लेकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं। साथ ही उन्होंने “ज्ञानेश कुमार इस्तीफा दो” के नारे लगाए।

देश के अन्य हिस्सों में भी ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। इन प्रदर्शनों के पीछे मतदाता सूची के विशेष पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर विपक्षी दलों और विभिन्न संगठनों की आपत्तियां बताई जा रही हैं। हालांकि, चुनाव आयोग और सरकार की ओर से लगाए गए आरोपों को लेकर अलग पक्ष भी सामने आया है।

पुलिस ने मौके पर संभाला मोर्चा

कानपुर में प्रदर्शन के दौरान पुलिस को उस समय हस्तक्षेप करना पड़ा, जब कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार की तस्वीर को आग के हवाले कर दिया। स्क्रिप्ट के अनुसार, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से तस्वीर छीनने का प्रयास किया और बाद में उसे अपने कब्जे में ले लिया।

इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच कुछ समय तक खींचतान भी हुई। बताया गया कि इसी दौरान एक कार्यकर्ता की हाथ की उंगली में चोट आई। हालांकि, उपलब्ध जानकारी में चोट की स्थिति को लेकर विस्तृत चिकित्सकीय जानकारी सामने नहीं आई है।

पुलिस की मौजूदगी के चलते प्रदर्शन को आगे बढ़ने से रोकने और मौके पर स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया गया। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी जारी रखी।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग

प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई। उनका कहना था कि चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही सुनिश्चित होनी चाहिए।

हाल के दिनों में ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन हुए हैं। विपक्षी दलों और कुछ संगठनों ने SIR प्रक्रिया तथा मतदाता सूची से जुड़े मामलों को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। दूसरी ओर, चुनाव आयोग इन आरोपों का खंडन करता रहा है।

इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में कानपुर का यह प्रदर्शन भी सामने आया है। समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने स्थानीय स्तर पर विरोध दर्ज कराते हुए अपनी मांगों को सार्वजनिक किया।

ये कार्यकर्ता रहे मौजूद

प्रदर्शन के दौरान समाजवादी युवजन सभा और समाजवादी पार्टी से जुड़े कई कार्यकर्ताओं के मौजूद रहने की बात कही गई। इनमें रामा यादव, विनोद यादव, अभिजीत गुप्ता, विकास वर्मा, अनुराग पांडे, बाबू अली, सत्यम पांडे, शिवम खन्ना, हिमांशु तिवारी, पवन कनौजिया, जीतू तिवारी, दिलीप मिश्रा, सुधांशु पटेल, दक्ष यादव, शैलेंद्र यादव, आदित्य सिंह, हर्ष मिश्रा, मनीष यादव और जयकुमार सहित अन्य कार्यकर्ताओं के नाम शामिल हैं।

कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन के दौरान संगठन की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों पर अपनी एकजुटता दिखाई। वहीं, पुलिस ने भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को नियंत्रित रखने का प्रयास किया।

देशभर में चल रहा है विरोध का दौर

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ इस्तीफे की मांग केवल कानपुर तक सीमित नहीं है। पिछले दिनों दिल्ली, मुंबई और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों में भी इसी मुद्दे को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए हैं। कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और अन्य विपक्षी समूहों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन कर अपनी मांग रखी है।

कानपुर में भी समाजवादी युवजन सभा का प्रदर्शन इसी व्यापक राजनीतिक विरोध का हिस्सा बताया गया है। संगठन की ओर से कार्यकर्ताओं को एकजुट कर मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी की गई और इस्तीफे की मांग दोहराई गई।

आगे भी जारी रह सकता है विरोध

प्रदर्शन के बाद अब यह देखना होगा कि समाजवादी युवजन सभा और अन्य विपक्षी संगठन इस मुद्दे को लेकर आगे किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। फिलहाल कानपुर में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने मौके पर हस्तक्षेप कर स्थिति को नियंत्रित किया।

वहीं, ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर देश के अन्य हिस्सों में भी राजनीतिक गतिविधियां जारी हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में यह मुद्दा और अधिक राजनीतिक चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा लगाए गए आरोप और मांगें राजनीतिक पक्ष हैं, जबकि संबंधित संवैधानिक संस्थाओं की ओर से सामने आने वाले आधिकारिक तथ्यों के आधार पर ही पूरे विवाद की स्थिति स्पष्ट होगी।

कुल मिलाकर, कानपुर में समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं ने ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। के.के. तिवारी चौराहे पर तस्वीर जलाने की कोशिश के दौरान पुलिस ने हस्तक्षेप किया और प्रदर्शनकारियों से तस्वीर अपने कब्जे में ले ली। इस दौरान एक कार्यकर्ता के उंगली में चोट लगने की बात भी सामने आई है।

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