फर्रुखाबाद में साइबर फ्रॉड के 1.30 लाख रुपये और मोबाइल बरामद, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद: कोतवाली पुलिस ने साइबर फ्रॉड के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी के कब्जे से साइबर फ्रॉड की रकम में से 1.30 लाख रुपये नकद और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मामले में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच आगे बढ़ा दी है। पुलिस अब साइबर धोखाधड़ी से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद साइबर अपराध के मामलों में तकनीकी जांच और शिकायत के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की प्रक्रिया एक बार फिर सामने आई है। वहीं, पुलिस ने लोगों से साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्क रहने और किसी अनजान व्यक्ति के साथ बैंकिंग संबंधी जानकारी साझा नहीं करने की अपील भी की है।
25 सितंबर को दर्ज हुई थी साइबर फ्रॉड की रिपोर्ट
पुलिस के मुताबिक, सेनापति स्ट्रीट निवासी रीना शुक्ला ने 25 सितंबर को साइबर फ्रॉड को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिकायत में उन्होंने बताया था कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने धोखाधड़ी करते हुए उनके साथ करीब 1.38 लाख रुपये का साइबर फ्रॉड किया। शिकायत मिलने के बाद फर्रुखाबाद कोतवाली पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने शिकायत से जुड़े लेनदेन और उपलब्ध जानकारी के आधार पर मामले की पड़ताल आगे बढ़ाई। जांच के दौरान पुलिस को साइबर फ्रॉड के मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति के बारे में जानकारी मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने उसकी पहचान और उसके संबंध में उपलब्ध तथ्यों की जांच की।
हरदोई के आरोपी का नाम जांच में आया सामने
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान हरदोई जनपद के सांडी थाना क्षेत्र के मदारा गांव निवासी शैलेंद्र कुमार का नाम प्रकाश में आया। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए शैलेंद्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर साइबर फ्रॉड के जरिए 1.38 लाख रुपये हासिल करने की बात स्वीकार की। हालांकि, मामले में पुलिस की जांच अभी जारी है और साइबर फ्रॉड से जुड़े पूरे नेटवर्क तथा रकम के लेनदेन की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बरामद रकम की भी जांच की। इस दौरान उसके पास से 1,30,000 रुपये नकद मिले। पुलिस के मुताबिक, यह रकम साइबर फ्रॉड से प्राप्त धनराशि में शामिल थी।
1.30 लाख रुपये नकद और Redmi मोबाइल बरामद
फर्रुखाबाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के कब्जे से कुल 1.30 लाख रुपये नकद बरामद किए हैं। इसके अलावा उसके पास से एक Redmi कंपनी का मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की जांच साइबर फ्रॉड से संबंधित गतिविधियों और अन्य डिजिटल जानकारी के लिहाज से की जा सकती है। इससे मामले में इस्तेमाल किए गए डिजिटल माध्यमों और संपर्कों के संबंध में भी जानकारी मिलने की संभावना है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि साइबर फ्रॉड से प्राप्त रकम का इस्तेमाल किन माध्यमों से किया गया और इस मामले में आरोपी के अलावा कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था या नहीं।
8 हजार रुपये खर्च करने की बात
पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि साइबर फ्रॉड के जरिए हासिल किए गए 1.38 लाख रुपये में से कुछ रकम उसके द्वारा खर्च कर दी गई थी। पुलिस के मुताबिक, शेष रकम में से 1.30 लाख रुपये बरामद कर लिए गए हैं। इस संबंध में पुलिस रकम के लेनदेन और उससे जुड़े अन्य विवरणों की जांच कर रही है। साइबर अपराध के मामलों में डिजिटल लेनदेन महत्वपूर्ण साक्ष्य होता है, इसलिए पुलिस संबंधित बैंकिंग और तकनीकी जानकारी को भी जांच का हिस्सा बना सकती है।
पुलिस ने शुरू की आगे की जांच
मामले में आरोपी की गिरफ्तारी और रकम बरामद होने के बाद पुलिस ने जांच को आगे बढ़ा दिया है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शिकायतकर्ता के साथ हुई धोखाधड़ी किस तरीके से की गई थी और आरोपी तक रकम किस माध्यम से पहुंची। इसके साथ ही पुलिस साइबर फ्रॉड में इस्तेमाल मोबाइल फोन तथा अन्य डिजिटल माध्यमों से संबंधित जानकारी जुटा सकती है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस की कार्रवाई से यह भी स्पष्ट होता है कि साइबर अपराध की शिकायत मिलने के बाद समय पर रिपोर्ट दर्ज कराना और उपलब्ध डिजिटल जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराना जांच में महत्वपूर्ण हो सकता है।
साइबर ठगी से बचने के लिए सतर्कता जरूरी
साइबर फ्रॉड के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों के लिए डिजिटल लेनदेन के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति के फोन, मैसेज या लिंक के आधार पर बैंकिंग जानकारी साझा नहीं करनी चाहिए। इसके अलावा OTP, ATM या डेबिट कार्ड संबंधी जानकारी और अन्य गोपनीय विवरण किसी के साथ साझा करने से बचना चाहिए। यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी हो जाती है तो उसे बिना देरी किए संबंधित पुलिस या साइबर अपराध सहायता व्यवस्था को इसकी जानकारी देनी चाहिए। समय पर शिकायत मिलने से लेनदेन से जुड़ी जानकारी जुटाने और रकम को ट्रेस करने की संभावना बढ़ सकती है। फिलहाल फर्रुखाबाद कोतवाली पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर 1.30 लाख रुपये और मोबाइल फोन बरामद किया है। पुलिस आगे की जांच के आधार पर साइबर फ्रॉड से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने का प्रयास कर रही है।

