फर्रुखाबाद में 10 हजार रिश्वत लेते JE और SSO गिरफ्तार, बिजली कनेक्शन के स्टीमेट का मामला
रिपोर्ट – हर्ष वर्मा
फर्रुखाबाद: बिजली कनेक्शन के स्टीमेट के नाम पर कथित तौर पर रिश्वत मांगने के मामले में एंटी करप्शन टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार को टीम ने याकूतगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े जूनियर इंजीनियर (JE) अजीत राजपूत और एसएसओ चंद्रभान को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। कार्रवाई बिजली कनेक्शन के स्टीमेट से संबंधित शिकायत के आधार पर की गई।
एंटी करप्शन टीम की इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में हलचल मच गई। कार्रवाई पूरी होने के बाद दोनों आरोपितों को फतेहगढ़ कोतवाली ले जाया गया, जहां आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई। मामले में टीम ने शिकायत से जुड़े तथ्यों और ट्रैप कार्रवाई की प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की।
बिजली कनेक्शन के स्टीमेट के नाम पर रिश्वत मांगने का आरोप
जानकारी के मुताबिक, गुगौरा निवासी मनसा राम अपने बिजली कनेक्शन के स्टीमेट को लेकर संबंधित विभागीय अधिकारियों के संपर्क में थे। आरोप है कि बिजली कनेक्शन के स्टीमेट के नाम पर उनसे 10 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की गई।
शिकायतकर्ता ने कथित रिश्वत मांगने की जानकारी एंटी करप्शन टीम को दी। शिकायत मिलने के बाद टीम ने मामले की जांच और सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की। इसके बाद शिकायत को आधार बनाकर ट्रैप कार्रवाई की योजना तैयार की गई।
बुधवार को टीम ने निर्धारित योजना के अनुसार कार्रवाई की। बताया गया कि गुगौरा सब स्टेशन पर जेई अजीत राजपूत और एसएसओ चंद्रभान को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते पकड़ा गया।
एंटी करप्शन टीम ने योजनाबद्ध तरीके से की कार्रवाई
कार्रवाई एंटी करप्शन टीम कानपुर के प्रभारी राम आसरे त्रिपाठी के नेतृत्व में की गई। ट्रैप कार्रवाई को निर्धारित प्रक्रिया के तहत अंजाम दिया गया। टीम के साथ कलेक्ट्रेट के दो कर्मचारियों को गवाह के रूप में भी शामिल किया गया था।
टीम द्वारा कार्रवाई किए जाने के बाद बिजली विभाग से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों में हलचल बढ़ गई। दोनों आरोपितों को टीम अपने साथ लेकर फतेहगढ़ कोतवाली पहुंची। यहां मामले से संबंधित आवश्यक कार्रवाई की गई।
इस दौरान बिजली विभाग के कई जेई और कर्मचारी भी कोतवाली पहुंच गए। कार्रवाई की जानकारी फैलने के बाद विभागीय कर्मचारियों के बीच मामले को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
शिकायत के बाद ट्रैप कार्रवाई तक पहुंचा मामला
इस मामले में शिकायतकर्ता की ओर से रिश्वत मांगने की शिकायत किए जाने के बाद एंटी करप्शन टीम सक्रिय हुई। सामान्य तौर पर ऐसी शिकायत मिलने पर टीम पहले शिकायत की पुष्टि और आवश्यक तथ्यों का सत्यापन करती है। इसके बाद नियमानुसार ट्रैप कार्रवाई की जाती है।
इसी क्रम में बुधवार को टीम ने कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपितों को कथित रूप से रिश्वत लेते पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने आवश्यक साक्ष्यों और प्रक्रिया को पूरा किया।
हालांकि, पूरे मामले में अंतिम स्थिति संबंधित जांच और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी। गिरफ्तार किए गए दोनों कर्मचारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा रही है।
फतेहगढ़ कोतवाली में चली कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपितों को लेकर फतेहगढ़ कोतवाली पहुंची। यहां काफी देर तक आवश्यक कार्रवाई चलती रही। मामले की लिखापढ़ी को लेकर टीम सिविल लाइन चौकी भी गई।
बताया गया कि कुछ प्रक्रिया सिविल लाइन चौकी में पूरी की गई। इसके बाद एंटी करप्शन टीम कोतवाली से रवाना हुई, लेकिन बाद में दोबारा फतेहगढ़ कोतवाली पहुंची। वहां बैठकर आगे की कार्रवाई पूरी की गई।
इस दौरान पुलिस और एंटी करप्शन अधिकारियों की गतिविधियां काफी देर तक जारी रहीं। वहीं, बिजली विभाग के कई कर्मचारी भी मामले की जानकारी लेने के लिए कोतवाली पहुंचे।
एटा के रहने वाले हैं SSO चंद्रभान
कार्रवाई में पकड़े गए एसएसओ चंद्रभान के संबंध में बताया गया है कि वह मूल रूप से पंचपुरा, थाना अलीगंज, जनपद एटा के निवासी हैं। वह याकूतगंज विद्युत उपकेंद्र से संबंधित जिम्मेदारी पर तैनात थे।
वहीं, जेई अजीत राजपूत के बारे में बताया गया है कि वह लखनऊ के ओमैक्स शहीद पथ, थाना गोमतीनगर क्षेत्र के निवासी हैं। वह गुगौरा सब स्टेशन में जूनियर इंजीनियर के पद पर तैनात थे।
एंटी करप्शन टीम ने दोनों को शिकायत से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है। अब मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया संबंधित अधिकारियों की निगरानी में पूरी की जाएगी।
बिजली विभाग में कार्रवाई के बाद बढ़ी चर्चा
बिजली कनेक्शन और स्टीमेट जैसे काम आम उपभोक्ताओं के लिए आवश्यक विभागीय प्रक्रियाओं का हिस्सा हैं। ऐसे में यदि किसी कर्मचारी पर इन कार्यों के बदले रिश्वत मांगने का आरोप लगता है तो मामला गंभीर हो जाता है।
फर्रुखाबाद में हुई इस कार्रवाई के बाद बिजली विभाग में चर्चा का दौर शुरू हो गया। विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के बीच भी कार्रवाई को लेकर जानकारी जुटाई जाती रही।
एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई का उद्देश्य सरकारी विभागों में रिश्वतखोरी पर रोक लगाना और शिकायतों के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई करना है। इससे पहले भी जिले में विभिन्न मामलों में एंटी करप्शन टीम की ओर से कार्रवाई किए जाने की जानकारी सामने आती रही है।
पहले भी हो चुकी हैं भ्रष्टाचार विरोधी कार्रवाई
फर्रुखाबाद जिले में इससे पहले भी एंटी करप्शन टीम द्वारा अलग-अलग मामलों में सरकारी कर्मचारियों और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है। रिश्वत लेने के आरोपों में पकड़े गए कर्मचारियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत कार्रवाई की जाती रही है।
बुधवार की कार्रवाई भी इसी क्रम में सामने आई है। हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होती है। फिलहाल दोनों आरोपित एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के दायरे में हैं और मामले की जांच आगे बढ़ाई जा रही है।
उपभोक्ताओं से शिकायत दर्ज कराने की अपील
इस तरह की कार्रवाई के बाद सरकारी विभागों में काम कराने वाले लोगों के बीच भी जागरूकता बढ़ती है। यदि किसी व्यक्ति से किसी सरकारी कार्य के बदले अवैध रूप से धन की मांग की जाती है तो वह संबंधित भ्रष्टाचार निरोधक एजेंसी या सक्षम अधिकारी के समक्ष शिकायत कर सकता है।
फर्रुखाबाद के इस मामले में भी शिकायत मिलने के बाद एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की। इससे यह संदेश जाता है कि रिश्वत की शिकायतों को जांच और सत्यापन के बाद नियमानुसार कार्रवाई के लिए लिया जा सकता है।
आगे की कानूनी प्रक्रिया पर रहेगी नजर
फिलहाल एंटी करप्शन टीम द्वारा दोनों आरोपितों को गिरफ्तार किए जाने के बाद मामले की कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। जांच के दौरान शिकायत, ट्रैप कार्रवाई और बरामदगी से संबंधित तथ्यों को रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा।
कुल मिलाकर, फर्रुखाबाद में बिजली कनेक्शन के स्टीमेट के नाम पर 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत के मामले में JE अजीत राजपूत और SSO चंद्रभान की गिरफ्तारी ने बिजली विभाग में चर्चा बढ़ा दी है। एंटी करप्शन टीम की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया और जांच के परिणाम पर नजर रहेगी।

