हमीरपुर में सड़क की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे स्कूली बच्चे, डीएम से मिलने की जिद पर बैठे धरने पर

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रिपोर्ट – मोहम्मद अकरम 

हमीरपुर: जिले में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर स्कूली बच्चों का प्रदर्शन सामने आया है। कुरारा ब्लॉक के जमरेही गांव के कई स्कूली बच्चे अपनी समस्या को लेकर हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंच गए। बच्चों का कहना है कि गांव की कच्ची सड़क बारिश के मौसम में कीचड़ और दलदल में तब्दील हो जाती है। ऐसे में उन्हें स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बच्चों ने अपनी समस्या सीधे जिलाधिकारी तक पहुंचाने की मांग की। हालांकि, कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर समझाने का प्रयास किया। बाद में एडीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे और बच्चों से बातचीत कर उनकी समस्या जानी। इसके बावजूद बच्चे जिलाधिकारी से सीधे मुलाकात करने की मांग पर अड़े रहे और डीएम कार्यालय के पास धरने पर बैठ गए।

सड़क की समस्या को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे बच्चे

जमरेही गांव के स्कूली बच्चों का कहना है कि गांव से स्कूल तक आने-जाने वाली सड़क लंबे समय से परेशानी का कारण बनी हुई है। विशेष रूप से बरसात के दिनों में कच्ची सड़क पर पानी जमा होने के कारण रास्ता बेहद खराब हो जाता है।

बच्चों के मुताबिक, बारिश के बाद सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और दलदल की स्थिति बन जाती है। इसके कारण पैदल चलने वाले विद्यार्थियों को काफी कठिनाई होती है। वहीं, दोपहिया और अन्य वाहनों से आने-जाने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

बच्चों ने प्रशासन से सड़क का स्थायी निर्माण कराने की मांग की है। उनका कहना है कि हर वर्ष बारिश के मौसम में इसी तरह की समस्या सामने आती है, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पा रहा है।

हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर पहुंचे

अपनी मांग को प्रशासन तक पहुंचाने के लिए बच्चे हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। बच्चों ने सड़क निर्माण की मांग को प्रमुखता से उठाया और जिलाधिकारी से मुलाकात करने की इच्छा जताई।

बच्चों का कहना है कि खराब सड़क के कारण स्कूल पहुंचने में देरी होती है। इसके अलावा कीचड़ और पानी भरे रास्ते से गुजरते समय कपड़े और स्कूल की किताबें भी खराब होने की समस्या रहती है।

उन्होंने प्रशासन से मांग की कि बारिश के मौसम को देखते हुए तत्काल रास्ते को आवागमन योग्य बनाया जाए। साथ ही भविष्य में ऐसी समस्या न हो, इसके लिए सड़क का स्थायी निर्माण कराया जाए।

पुलिस ने बच्चों को समझाने का प्रयास किया

जब बच्चे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रोककर समझाने का प्रयास किया। प्रशासनिक अधिकारियों को बच्चों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद एडीएम और एसपी भी मौके पर पहुंचे।

अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास किया। बच्चों ने अधिकारियों के सामने अपनी सड़क की समस्या रखी और जिलाधिकारी से मुलाकात कराने की मांग की।

हालांकि, बच्चे अपनी मांग को लेकर काफी देर तक डीएम से सीधे मिलने पर अड़े रहे। इसके बाद वे जिलाधिकारी कार्यालय के पास बैठ गए।

डीएम से मिलने की मांग पर धरने पर बैठे

बच्चों का कहना था कि उनकी समस्या कई बार सामने आ चुकी है। इसलिए वे इस बार सीधे जिलाधिकारी से मिलकर अपनी बात रखना चाहते हैं।

बच्चों ने कहा कि सड़क की खराब स्थिति का सबसे अधिक असर विद्यार्थियों पर पड़ता है। बारिश के दौरान उन्हें स्कूल जाने के लिए खराब रास्ते से गुजरना पड़ता है। ऐसे में उन्होंने प्रशासन से सड़क निर्माण की मांग को प्राथमिकता के साथ पूरा करने की अपील की।

धरने पर बैठे बच्चों का कहना था कि वे किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि अपने रोजमर्रा के आवागमन की समस्या का समाधान कराने के लिए कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं।

बरसात में बढ़ जाती है परेशानी

जमरेही गांव में सड़क की समस्या बरसात के दौरान और अधिक गंभीर हो जाती है। बारिश का पानी कच्चे रास्ते पर जमा होने से वहां की मिट्टी गीली हो जाती है। इसके बाद सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है।

ग्रामीणों के अनुसार, सामान्य दिनों में भी सड़क की स्थिति बेहतर नहीं रहती, लेकिन बारिश में स्थिति ज्यादा खराब हो जाती है। विद्यार्थियों को रोजाना इसी रास्ते से स्कूल जाना पड़ता है। ऐसे में बच्चों की परेशानी को देखते हुए ग्रामीण भी सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क बनने से विद्यार्थियों के साथ-साथ गांव के अन्य लोगों को भी बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावा बरसात में गांव तक आने-जाने वाले वाहनों की आवाजाही भी सुचारु हो सकेगी।

प्रशासन के सामने सड़क निर्माण की चुनौती

स्कूली बच्चों के कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद यह मामला प्रशासन के सामने एक बार फिर प्रमुखता से आया है। बच्चों की मांग के बाद अधिकारियों ने उनकी समस्या को सुना।

प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि बारिश के मौसम में तत्काल रास्ते को बेहतर बनाया जाए और दीर्घकालिक समाधान के लिए सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जाए।

सड़क निर्माण से संबंधित विभागों को मौके की स्थिति का आकलन कर आवश्यक कार्रवाई करनी होगी। इसके साथ ही यह भी देखना होगा कि गांव की जल निकासी व्यवस्था कैसी है, क्योंकि बारिश का पानी सड़क पर जमा होने से समस्या और बढ़ जाती है।

बच्चों के प्रदर्शन से प्रशासन का ध्यान आकर्षित

स्कूली बच्चों के कलेक्ट्रेट पहुंचने और धरने पर बैठने की घटना ने सड़क की समस्या को प्रशासनिक स्तर पर चर्चा में ला दिया है। बच्चों का शांतिपूर्ण तरीके से अपनी समस्या सामने रखना इस बात को भी दर्शाता है कि खराब सड़क का असर उनकी पढ़ाई और रोजमर्रा की गतिविधियों पर पड़ रहा है।

बच्चों ने प्रशासन से उम्मीद जताई कि उनकी मांग पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई होगी। वहीं, अधिकारियों ने उनकी बात सुनी और समस्या के समाधान की दिशा में आवश्यक कदम उठाने का भरोसा दिया।

सड़क निर्माण से मिलेगी ग्रामीणों को राहत

यदि जमरेही गांव की सड़क का स्थायी निर्माण होता है तो इसका लाभ केवल स्कूली बच्चों को ही नहीं, बल्कि पूरे गांव के लोगों को मिलेगा। सड़क बेहतर होने से स्कूल, बाजार, अस्पताल और अन्य जरूरी स्थानों तक पहुंच आसान होगी।

इसके साथ ही बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए नालियों और जल निकासी की व्यवस्था पर भी ध्यान देना जरूरी होगा। सड़क निर्माण और जल निकासी दोनों व्यवस्थाओं को साथ लेकर चलने से समस्या का स्थायी समाधान संभव हो सकता है।

प्रशासन से ग्रामीणों को समाधान की उम्मीद

फिलहाल स्कूली बच्चों के प्रदर्शन के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने उनकी समस्या सुनी है। बच्चों की प्रमुख मांग गांव की सड़क का निर्माण कराना है। अब ग्रामीणों और विद्यार्थियों को उम्मीद है कि प्रशासन इस समस्या को प्राथमिकता से लेते हुए आवश्यक कार्रवाई करेगा।

कुल मिलाकर, हमीरपुर के जमरेही गांव के स्कूली बच्चों का कलेक्ट्रेट पहुंचना सड़क की बदहाली का मुद्दा प्रशासन के सामने मजबूती से रखने का प्रयास है। बारिश के मौसम में सड़क की स्थिति खराब होने से विद्यार्थियों को होने वाली परेशानी को देखते हुए स्थायी समाधान की आवश्यकता महसूस की जा रही है। यदि सड़क निर्माण और जल निकासी की व्यवस्था बेहतर होती है, तो इससे गांव के विद्यार्थियों के साथ-साथ बड़ी संख्या में ग्रामीणों को भी राहत मिल सकती है।

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