कानपुर में ‘Silent Crimes’ की विशेष स्क्रीनिंग, साइबर अपराध से बचाव के लिए जागरूकता पर जोर
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: डिजिटल तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर अपराध की चुनौतियां भी लगातार सामने आ रही हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कानपुर में साइबर अपराध के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शॉर्ट फिल्म ‘Silent Crimes’ की विशेष स्क्रीनिंग आयोजित की गई। कार्यक्रम का आयोजन इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) कानपुर शाखा और कानपुर पुलिस कमिश्नरेट के संयुक्त तत्वावधान में किया गया, जबकि रोटरी क्लब सूर्या, कानपुर ने इसमें सहयोग किया।
करीब 40 मिनट की यह शॉर्ट फिल्म साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों, अपराधियों की कार्यप्रणाली और डिजिटल प्लेटफॉर्म का सुरक्षित इस्तेमाल करने के उपायों को प्रभावी ढंग से सामने रखती है। फिल्म के माध्यम से यह संदेश देने का प्रयास किया गया कि डिजिटल दुनिया में सतर्कता और जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का महत्वपूर्ण आधार है।
साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने की पहल
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि आज मोबाइल फोन, इंटरनेट, ऑनलाइन बैंकिंग और डिजिटल भुगतान लोगों के दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इसके साथ ही साइबर अपराधियों ने भी अपराध के नए तरीके अपनाए हैं। ऐसे में जरूरी है कि नागरिक डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें।
‘Silent Crimes’ इसी उद्देश्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। फिल्म में साइबर ठगी के अलग-अलग तरीकों को समझाने का प्रयास किया गया है, ताकि आम नागरिक संदिग्ध गतिविधियों को पहचान सकें और किसी संभावित धोखाधड़ी से बच सकें।
फिल्म का मूल संदेश यही है कि साइबर अपराध के खिलाफ केवल कानूनी कार्रवाई ही पर्याप्त नहीं है। इसके साथ-साथ नागरिकों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक होना होगा। इसलिए फिल्म के जरिए लोगों को रोजमर्रा की डिजिटल गतिविधियों में सावधानी बरतने के लिए प्रेरित किया गया।
अन्नू कपूर ने निभाई साइबर क्राइम इंस्पेक्टर की भूमिका
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा निर्मित इस शॉर्ट फिल्म में प्रसिद्ध अभिनेता अन्नू कपूर ने साइबर क्राइम इंस्पेक्टर करतार सिंह की प्रमुख भूमिका निभाई है। वहीं, ACP आनंद ओझा ने ACP अंगद वर्मा की भूमिका निभाई है।
फिल्म की कहानी के माध्यम से यह दिखाने की कोशिश की गई है कि आधुनिक समय में अपराध का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। अब अपराधी केवल पारंपरिक तरीकों तक सीमित नहीं हैं, बल्कि मोबाइल फोन, इंटरनेट और दूसरे डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बना रहे हैं।
ऐसे में फिल्म दर्शकों को साइबर अपराध के संभावित तरीकों को समझने और समय रहते सावधानी बरतने का संदेश देती है। इसके अलावा डिजिटल माध्यमों के इस्तेमाल के दौरान व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी की सुरक्षा को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।
अनजान लिंक और संदिग्ध संदेशों से रहें सावधान
कार्यक्रम में मौजूद वक्ताओं ने साइबर सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया। उन्होंने कहा कि किसी भी अनजान व्यक्ति द्वारा भेजे गए लिंक पर जल्दबाजी में क्लिक नहीं करना चाहिए।
इसी तरह, OTP, पासवर्ड, बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी और अन्य संवेदनशील विवरण किसी अनजान व्यक्ति के साथ साझा नहीं किए जाने चाहिए। साइबर अपराधी अक्सर भरोसा पैदा करने के बाद लोगों से ऐसी जानकारी हासिल करने का प्रयास करते हैं।
इसके अलावा संदिग्ध फोन कॉल, मैसेज, ई-मेल या सोशल मीडिया संदेशों को लेकर भी सावधानी बरतने की जरूरत है। यदि किसी व्यक्ति को किसी डिजिटल लेनदेन या ऑनलाइन गतिविधि में संदेह महसूस होता है, तो उसे तत्काल संबंधित बैंक या आधिकारिक संस्था से संपर्क करना चाहिए।
डिजिटल सुरक्षा प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी
कार्यक्रम के दौरान यह संदेश भी दिया गया कि साइबर सुरक्षा केवल पुलिस या किसी एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं है। बल्कि डिजिटल सेवाओं का इस्तेमाल करने वाले प्रत्येक नागरिक को इसके प्रति सजग रहना होगा।
आज ऑनलाइन खरीदारी, डिजिटल भुगतान, सोशल मीडिया, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल एप्लिकेशन का इस्तेमाल काफी बढ़ गया है। इसलिए व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा भी पहले की तुलना में अधिक महत्वपूर्ण हो गई है।
वक्ताओं ने कहा कि थोड़ी सी सावधानी कई बार बड़ी समस्या से बचा सकती है। इसलिए किसी भी डिजिटल गतिविधि में जल्दबाजी करने के बजाय जानकारी की पुष्टि करना जरूरी है। विशेष रूप से वित्तीय लेनदेन के मामलों में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में कई गणमान्य लोग रहे मौजूद
‘Silent Crimes’ की विशेष स्क्रीनिंग के अवसर पर कानपुर पुलिस आयुक्त श्री रघुबीर लाल, IMA कानपुर के अध्यक्ष डॉ. अनुराग मेहरोत्रा, मानद सचिव डॉ. (प्रो.) शालिनी मोहन, रोटरी क्लब सूर्या कानपुर के अध्यक्ष डॉ. रोटेरियन प्रशांत गुप्ता और सचिव डॉ. कुनाल सहाय समेत कई गणमान्य अतिथि एवं सदस्य मौजूद रहे।
कार्यक्रम में फिल्म के माध्यम से प्रस्तुत साइबर सुरक्षा संदेश पर चर्चा की गई। उपस्थित लोगों ने डिजिटल अपराधों को लेकर जागरूकता बढ़ाने के इस प्रयास की सराहना की।
पुलिस और सामाजिक संस्थाओं की संयुक्त पहल
कानपुर पुलिस कमिश्नरेट, IMA कानपुर और रोटरी क्लब सूर्या का संयुक्त प्रयास साइबर अपराध के खिलाफ जनजागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस की ओर से अपराध की रोकथाम के लिए कार्रवाई की जाती है, जबकि सामाजिक संस्थाएं लोगों तक जागरूकता का संदेश पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
इसी उद्देश्य से ‘Silent Crimes’ को केवल मनोरंजन के माध्यम के रूप में नहीं, बल्कि साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने वाले माध्यम के तौर पर प्रस्तुत किया गया।
फिल्म के जरिए यह समझाने का प्रयास किया गया कि साइबर अपराध अक्सर हमारी छोटी-सी लापरवाही का फायदा उठाकर अंजाम दिए जाते हैं। इसलिए इंटरनेट और मोबाइल का इस्तेमाल करते समय सतर्क रहना जरूरी है।
साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत उठाएं कदम
कार्यक्रम में यह भी संदेश दिया गया कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है, तो उसे मामले को छिपाने या देर करने के बजाय तत्काल संबंधित अधिकारियों को जानकारी देनी चाहिए। समय पर सूचना मिलने से संबंधित एजेंसियों को आवश्यक कार्रवाई करने में मदद मिल सकती है।
इसके साथ ही नागरिकों को अपने बैंकिंग खातों, डिजिटल भुगतान और ऑनलाइन गतिविधियों पर नियमित नजर रखने की सलाह दी गई। संदिग्ध लेनदेन या गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत संबंधित सेवा प्रदाता से संपर्क करना उपयोगी हो सकता है।
जागरूकता ही साइबर सुरक्षा की पहली सीढ़ी
‘Silent Crimes’ की स्क्रीनिंग के जरिए यह संदेश सामने आया कि डिजिटल युग में तकनीक का सुरक्षित इस्तेमाल बेहद जरूरी है। तकनीक ने जीवन को आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ जिम्मेदारी भी बढ़ी है।
इसलिए अनजान लिंक से बचना, गोपनीय जानकारी साझा न करना, संदिग्ध कॉल और संदेशों पर भरोसा न करना तथा ऑनलाइन लेनदेन में सावधानी बरतना आवश्यक है। साथ ही परिवार के सदस्यों, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों को भी डिजिटल सुरक्षा के बारे में जानकारी देना उपयोगी होगा।
कुल मिलाकर, कानपुर में आयोजित ‘Silent Crimes’ की विशेष स्क्रीनिंग ने साइबर अपराध के प्रति जागरूकता बढ़ाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। पुलिस, चिकित्सा क्षेत्र और सामाजिक संगठनों की संयुक्त भागीदारी से आयोजित यह पहल लोगों को डिजिटल दुनिया में अधिक सतर्क और जिम्मेदार बनने के लिए प्रेरित करती है।
‘Silent Crimes’ का संदेश स्पष्ट है—साइबर सुरक्षा के लिए जागरूक रहें, सतर्क रहें और डिजिटल माध्यमों का जिम्मेदारी से इस्तेमाल करें।

