फतेहपुर में NHM संविदा कर्मचारियों ने CMO को सौंपा 8 सूत्रीय मांग पत्र, मानदेय समय पर देने की मांग
रिपोर्ट – राम चंद्र सैनी
फतेहपुर: राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत जिले में कार्यरत संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) को आठ सूत्रीय सामूहिक ज्ञापन सौंपा। उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन संविदा कर्मचारी संघ की जिला शाखा की ओर से दिए गए ज्ञापन में कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव कम करने, शासनादेशों का पालन सुनिश्चित कराने और कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों का समयबद्ध निस्तारण करने की मांग उठाई।
संगठन ने अधिकारियों से एनएचएम के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों, अधिकारियों और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने का अनुरोध किया। कर्मचारियों का कहना है कि स्वास्थ्य सेवाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में संविदा कर्मचारियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए उनकी समस्याओं का समाधान होने से वे बेहतर तरीके से अपने दायित्वों का निर्वहन कर सकेंगे।
ज्ञापन में मानदेय के समय पर भुगतान से लेकर स्थानांतरण, शिकायत निवारण समिति की बैठक, फील्ड कर्मचारियों की उपस्थिति, बीमा राशि और कार्यस्थल पर दबाव जैसे कई विषयों को शामिल किया गया है।
पहले सप्ताह में मानदेय भुगतान की मांग
संविदा कर्मचारियों ने ज्ञापन में सबसे प्रमुख मांग के रूप में समय पर मानदेय भुगतान का मुद्दा उठाया। संगठन ने कहा कि जनपद में कार्यरत सभी संविदा कर्मचारी, अधिकारी और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का मानदेय शासन की मंशा के अनुरूप महीने के पहले सप्ताह में हर हाल में आहरित किया जाना सुनिश्चित किया जाए।
कर्मचारियों के मुताबिक, मानदेय में देरी होने से उन्हें व्यक्तिगत और पारिवारिक स्तर पर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसलिए उन्होंने संबंधित अधिकारियों से भुगतान प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने की मांग की।
संगठन का कहना है कि समय पर मानदेय मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक स्थिरता मिलेगी और वे अपने कार्य पर बेहतर तरीके से ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।
शासनादेश के विपरीत स्थानांतरण निरस्त करने की मांग
दूसरी मांग के तहत कर्मचारियों ने शासनादेश के विपरीत किए गए स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग की है। संगठन ने विशेष रूप से पीएचसी बहुआ की महिला चिकित्सक डॉ. आभा श्रीवास्तव, पीएचसी दमापुर के एलटी विशाल मिश्रा और पीएचसी असोथर के आयुष फार्मासिस्ट बुद्धि लाल गुप्ता के स्थानांतरण को निरस्त करने की मांग रखी।
संघ का कहना है कि यदि किसी कर्मचारी का स्थानांतरण शासन के निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं हुआ है तो संबंधित मामले की समीक्षा कर नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।
कर्मचारियों ने अधिकारियों से इस मामले में शासनादेशों और निर्धारित प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित करने का अनुरोध किया।
हर महीने GRC बैठक कराने की मांग
ज्ञापन में कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान के लिए गठित Grievance Redressal Committee (GRC) की बैठक नियमित रूप से आयोजित कराने की मांग भी शामिल रही।
संघ के अनुसार, कर्मचारियों और अधिकारियों से जुड़ी शिकायतों तथा समस्याओं के समाधान के लिए GRC की मासिक बैठक महत्वपूर्ण है। हालांकि, संगठन का कहना है कि जनपद में यह बैठक नियमित रूप से आयोजित नहीं हो रही है।
इसलिए कर्मचारियों ने शासन के निर्देशों के अनुसार प्रत्येक माह GRC की बैठक आयोजित करने की मांग की, ताकि कर्मचारियों की शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के सामने रखा जा सके और उनका समाधान समय पर हो सके।
फील्ड कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर आपत्ति
एनएचएम संविदा कर्मचारियों ने सीएचसी और पीएचसी के भ्रमण के दौरान फील्ड कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर होने वाली कार्रवाई पर भी आपत्ति जताई।
कर्मचारियों का कहना है कि कई फील्ड कर्मचारी अपने निर्धारित कार्य के लिए क्षेत्र में मौजूद रहते हैं। ऐसे में यदि निरीक्षण के दौरान वे कार्यालय या निर्धारित स्थान पर मौजूद नहीं मिलते हैं तो उनकी उपस्थिति को लेकर कार्रवाई अथवा मानदेय में कटौती की जाती है।
संघ ने ऐसी कार्रवाई को लेकर अपनी चिंता जाहिर की और कहा कि इससे कर्मचारियों पर अनावश्यक दबाव बन सकता है। संगठन ने मांग की कि फील्ड कर्मचारियों की वास्तविक कार्यस्थिति को ध्यान में रखते हुए उपस्थिति का मूल्यांकन किया जाए।
मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को बीमा राशि दिलाने की मांग
ज्ञापन में एनएचएम के तहत कार्यरत रहे मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को देय बीमा राशि उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई।
संगठन ने कहा कि जिन कर्मचारियों की सेवा अवधि के दौरान मृत्यु हो चुकी है, उनके आश्रितों को नियमानुसार मिलने वाली बीमा राशि उपलब्ध कराई जानी चाहिए। इससे संबंधित परिवारों को आर्थिक सहायता मिल सकेगी।
कर्मचारियों ने अधिकारियों से ऐसे मामलों को प्राथमिकता के आधार पर देखते हुए आवश्यक प्रक्रिया पूरी कराने की मांग की।
कार्यालय कर्मचारियों की ड्यूटी का समय तय करने की मांग
संविदा कर्मचारी संघ ने कार्यालय में कार्यरत कर्मचारियों के ड्यूटी समय को लिखित रूप से निर्धारित करने की मांग भी की। संगठन का कहना है कि ड्यूटी के निर्धारित समय की स्पष्ट जानकारी होने से कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच कार्य को लेकर बेहतर समन्वय स्थापित हो सकता है।
इसके साथ ही कर्मचारियों ने कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव कम करने की मांग की। संगठन ने कहा कि कर्मचारियों को निर्धारित जिम्मेदारियों के अनुसार कार्य करने का उचित वातावरण मिलना चाहिए।
चिकित्सा अवकाश मामले में कार्रवाई की मांग
ज्ञापन में सतारी चंद्र विश्वकर्मा, ब्लॉक अकाउंट मैनेजर, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हसवा से संबंधित चिकित्सा अवकाश मामले को भी शामिल किया गया।
संगठन ने इस मामले में शासनादेश के अनुसार उचित कार्रवाई किए जाने की मांग की है। कर्मचारियों का कहना है कि अवकाश से जुड़े मामलों में निर्धारित नियमों का पालन किया जाना चाहिए, ताकि कर्मचारियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।
कार्यक्रम की प्रगति कम रहने पर उचित अवसर देने की मांग
आठवीं मांग में कर्मचारियों ने कार्यक्रमों की प्रगति से जुड़ा मुद्दा उठाया। संगठन ने कहा कि यदि किसी कार्यक्रम की प्रगति कम या शून्य रहती है तो संविदा कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई से पहले उन्हें निर्धारित समय और उचित अवसर दिया जाना चाहिए।
इसके बाद ही शासनादेश में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार कार्रवाई की जाए। कर्मचारियों का कहना है कि किसी कार्यक्रम की प्रगति कई प्रशासनिक और स्थानीय कारणों पर निर्भर कर सकती है। इसलिए कार्रवाई से पहले संबंधित कर्मचारी का पक्ष जानना जरूरी है।
संघ ने मांग की कि कर्मचारियों को अपनी स्थिति स्पष्ट करने का अवसर देने के बाद ही नियमानुसार कोई निर्णय लिया जाए।
अधिकारियों से सकारात्मक रवैये की अपील
एनएचएम संविदा कर्मचारी संघ ने ज्ञापन के माध्यम से अधिकारियों से कर्मचारियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की। संगठन का कहना है कि संविदा कर्मचारी स्वास्थ्य सेवाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ऐसे में उनकी समस्याओं का समय पर समाधान होने से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने कार्य को अधिक प्रभावी तरीके से कर सकेंगे।
संघ ने सभी आठ मांगों पर गंभीरता से विचार करने और जल्द समाधान कराने की मांग की है। कर्मचारियों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी ज्ञापन में उठाए गए मुद्दों पर शासनादेशों और नियमों के अनुसार कार्रवाई करेंगे।
स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ा है कर्मचारियों का काम
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत कार्यरत संविदा कर्मचारियों की जिम्मेदारियां स्वास्थ्य सेवाओं के विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी होती हैं। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में स्वास्थ्य कार्यक्रमों को लागू करने में फील्ड कर्मचारियों की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहती है।
ऐसे में कर्मचारियों का कहना है कि उन्हें समय पर मानदेय, स्पष्ट कार्य व्यवस्था और शिकायतों के समाधान की सुविधा मिलनी चाहिए। इसके अलावा शासनादेशों के अनुसार कर्मचारी हितों से जुड़े मामलों का निस्तारण भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, फतेहपुर में NHM संविदा कर्मचारियों ने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर CMO को ज्ञापन सौंपा है। कर्मचारियों ने समय पर मानदेय भुगतान, शासनादेश के अनुरूप स्थानांतरण, नियमित GRC बैठक, फील्ड कर्मचारियों की उपस्थिति को लेकर उचित व्यवस्था, मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को बीमा राशि और कार्यस्थल पर अनावश्यक दबाव कम करने समेत कई मांगें उठाई हैं। अब कर्मचारियों की नजरें इन मांगों पर विभागीय स्तर से होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।

