उन्नाव में छात्रों ने शिक्षकों की कमी और खराब खाने को लेकर मोहान चौराहा किया जाम, डीएम-एसपी ने बच्चों संग किया नाश्ता
Digital UP News Desk
उन्नाव: उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में बुधवार सुबह जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालय, न्योतनी मोहान के छात्रों ने विद्यालय की व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताते हुए सड़क पर प्रदर्शन किया। छात्रों ने शिक्षकों की कमी, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल और विद्यालय परिसर में साफ-सफाई समेत कई समस्याओं को लेकर मोहान चौराहे पर पहुंचकर सड़क जाम कर दी। हाथों में तख्तियां लेकर छात्र अपनी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे थे।
प्रदर्शन की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा, पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह, मुख्य विकास अधिकारी कृति राज समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को विस्तार से सुना। इसके बाद छात्रों को जल्द समाधान का आश्वासन दिया गया। प्रशासन के भरोसे के बाद छात्रों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया।
शिक्षकों की कमी से पढ़ाई प्रभावित होने का आरोप
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि विद्यालय में पर्याप्त संख्या में शिक्षक नहीं हैं। इसके कारण नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें शैक्षणिक गतिविधियों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। छात्रों ने प्रशासन से विद्यालय में शिक्षकों की कमी को जल्द दूर करने की मांग की।
छात्रों के मुताबिक, वे लंबे समय से विद्यालय की विभिन्न समस्याओं की ओर ध्यान दिलाने का प्रयास कर रहे थे। हालांकि, जब उनकी शिकायतों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई तो उन्हें मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ा। छात्रों ने तख्तियों के माध्यम से अपनी मांगें प्रशासन तक पहुंचाईं।
दरअसल, आवासीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्रों के लिए बेहतर शिक्षा के साथ-साथ भोजन, स्वच्छ पानी और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भी बेहद महत्वपूर्ण होती हैं। ऐसे में छात्रों की ओर से इन व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठाए जाने के बाद प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को समझने का प्रयास किया।
खाने की गुणवत्ता को लेकर भी छात्रों में नाराजगी
छात्रों ने विद्यालय में मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि उन्हें जो खाना दिया जाता है, उसकी गुणवत्ता संतोषजनक नहीं है। इसके अलावा छात्रों ने पीने के लिए शुद्ध पानी उपलब्ध नहीं होने की समस्या भी अधिकारियों के सामने रखी।
छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और पुलिस अधीक्षक जयप्रकाश सिंह ने भोजन की गुणवत्ता को स्वयं देखने का फैसला किया। अधिकारियों ने छात्रों के साथ बैठकर सुबह का नाश्ता किया। प्रशासन की ओर से उठाया गया यह कदम छात्रों की शिकायतों को मौके पर समझने की कोशिश के तौर पर देखा गया।
डीएम और एसपी के छात्रों के साथ बैठकर नाश्ता करने से मौके पर मौजूद छात्रों को भी यह संदेश मिला कि उनकी समस्याओं को प्रशासन गंभीरता से सुन रहा है। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत करते हुए उनकी अन्य परेशानियों की जानकारी भी ली।
साफ-सफाई और पेयजल की समस्या भी उठाई
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विद्यालय परिसर में साफ-सफाई की व्यवस्था को लेकर भी शिकायत की। छात्रों का कहना था कि परिसर में पर्याप्त स्वच्छता नहीं है। इसके साथ ही शुद्ध पेयजल की उपलब्धता को लेकर भी उन्होंने अपनी परेशानी अधिकारियों के सामने रखी।
छात्रों ने कहा कि विद्यालय में पढ़ाई के लिए उचित माहौल के साथ-साथ बुनियादी सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है। यदि शिक्षकों की कमी, भोजन की गुणवत्ता और साफ-सफाई जैसी समस्याएं बनी रहेंगी तो इसका असर छात्रों की पढ़ाई और दिनचर्या पर पड़ सकता है।
इसी वजह से छात्रों ने प्रशासन से सभी समस्याओं का स्थायी समाधान कराने की मांग की। अधिकारियों ने भी छात्रों को भरोसा दिलाया कि उनकी शिकायतों की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
मोहान चौराहे पर पहुंचकर किया प्रदर्शन
बुधवार सुबह विद्यालय के छात्र स्कूल की ड्रेस पहनकर और हाथों में तख्तियां लेकर बाहर निकले। इसके बाद वे मोहान चौराहे पर पहुंचे और वहां अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। छात्रों के सड़क पर उतरने से चौराहे पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
प्रदर्शन की जानकारी प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मिली तो तत्काल मौके पर पहुंचने की कार्रवाई शुरू की गई। जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और मुख्य विकास अधिकारी सहित कई अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने छात्रों से बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और उनसे प्रदर्शन समाप्त करने की अपील की।
हालांकि, छात्रों का कहना था कि वे अपनी समस्याओं के समाधान को लेकर आश्वासन चाहते हैं। इसके बाद अधिकारियों ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
अधिकारियों ने छात्रों को दिया समाधान का भरोसा
जिलाधिकारी घनश्याम मीणा और एसपी जयप्रकाश सिंह ने छात्रों से बातचीत के दौरान उनकी समस्याओं को सुना। अधिकारियों ने कहा कि विद्यालय से जुड़ी शिकायतों की जांच कराई जाएगी और जो भी कमियां सामने आएंगी, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
खास तौर पर भोजन की गुणवत्ता को लेकर छात्रों की शिकायत को मौके पर ही समझने की कोशिश की गई। डीएम और एसपी ने बच्चों के साथ बैठकर नाश्ता किया और भोजन की गुणवत्ता की जांच की। इसके अलावा विद्यालय में शिक्षकों की उपलब्धता, पेयजल और साफ-सफाई से संबंधित शिकायतों को भी प्रशासन के संज्ञान में लिया गया।
प्रशासन के आश्वासन के बाद छात्रों ने प्रदर्शन समाप्त कर दिया। इसके बाद चौराहे पर स्थिति सामान्य होने लगी और यातायात भी सुचारू हो गया।
छात्रों की शिकायतों से सामने आया व्यवस्थाओं का मुद्दा
इस पूरे घटनाक्रम ने आवासीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं को लेकर चर्चा जरूर छेड़ दी है। ऐसे विद्यालयों में छात्र शिक्षा के साथ-साथ भोजन, आवास, स्वच्छ पानी और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं पर भी निर्भर रहते हैं। इसलिए इन व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण महत्वपूर्ण माना जाता है।
छात्रों ने जिस तरह एक साथ अपनी समस्याओं को प्रशासन के सामने रखा, उससे यह भी स्पष्ट हुआ कि वे विद्यालय की व्यवस्थाओं में सुधार चाहते हैं। प्रशासन की ओर से मौके पर पहुंचकर छात्रों से बातचीत करना और उनकी शिकायतों को सुनना इस मामले में महत्वपूर्ण कदम रहा।
अब छात्रों को उम्मीद है कि प्रशासन की ओर से दिए गए आश्वासन के अनुसार विद्यालय की समस्याओं का जल्द समाधान किया जाएगा। खासकर शिक्षकों की कमी, भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई जैसी मांगों पर छात्रों की नजर रहेगी।
फिलहाल, अधिकारियों के आश्वासन के बाद छात्रों का प्रदर्शन समाप्त हो गया है। प्रशासन ने समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया है। ऐसे में अब देखना होगा कि विद्यालय की व्यवस्थाओं में कितनी जल्दी सुधार होता है और छात्रों की शिकायतों पर क्या कार्रवाई की जाती है।

