भारत बनाम श्रीलंका टेस्ट: गॉल में जीत की दहलीज पर टीम इंडिया, श्रीलंका को 288 रन और बनाने होंगे
Digital UP News Desk
भारत और श्रीलंका के बीच गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच में टीम इंडिया जीत से महज छह विकेट दूर है। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका ने दूसरी पारी में 4 विकेट खोकर 84 रन बना लिए थे। उसे मुकाबला जीतने के लिए अब भी 288 रन की जरूरत है। वहीं, भारतीय टीम को टेस्ट सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल करने के लिए श्रीलंका के छह और विकेट झटकने होंगे।
पांचवें दिन का खेल इस मुकाबले का निर्णायक अध्याय होगा। हालांकि, गॉल में मौसम की स्थिति भी अहम भूमिका निभा सकती है। पिछले दिनों बारिश के कारण मुकाबले में कई बार व्यवधान आया है। ऐसे में भारतीय गेंदबाजों के सामने चुनौती सिर्फ श्रीलंकाई बल्लेबाजों को आउट करने की नहीं, बल्कि उपलब्ध समय का अधिकतम इस्तेमाल करने की भी होगी।
भारत ने श्रीलंका के सामने रखा 372 रन का लक्ष्य
मुकाबले में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। भारतीय बल्लेबाजों ने शुरुआत से ही श्रीलंकाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए अपने टेस्ट करियर का पहला शतक लगाया और 167 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली। उनके अलावा केएल राहुल ने भी 82 रन बनाकर टीम के स्कोर को मजबूती दी।
भारत की पहली पारी 462 रन पर समाप्त हुई। इसके बाद श्रीलंका की पहली पारी भारतीय गेंदबाजों के सामने ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी और मेजबान टीम 284 रन पर आउट हो गई। इस तरह भारत को पहली पारी में महत्वपूर्ण बढ़त हासिल हुई।
इसके बाद भारतीय टीम ने दूसरी पारी में तेजी से रन बनाने की रणनीति अपनाई। टीम का उद्देश्य ज्यादा समय बल्लेबाजी में खर्च करने के बजाय श्रीलंका के सामने ऐसा लक्ष्य रखना था, जिसे हासिल करना उसके लिए बेहद मुश्किल हो। इस रणनीति में ऋषभ पंत ने अहम भूमिका निभाई।
ऋषभ पंत ने खेली तेजतर्रार पारी
दूसरी पारी में ऋषभ पंत ने आक्रामक बल्लेबाजी करते हुए 69 गेंदों पर 66 रन बनाए। उनकी इस पारी ने भारत को तेजी से रन बनाने में मदद की। पंत ने अपनी बल्लेबाजी के दौरान टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के पूरे करने की ऐतिहासिक उपलब्धि भी हासिल की। वह टेस्ट क्रिकेट में 100 छक्के लगाने वाले पहले भारतीय बल्लेबाज बने।
पंत की तेज पारी का असर भारत के स्कोर और मैच की रणनीति पर साफ दिखाई दिया। भारतीय टीम ने श्रीलंका के सामने 372 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रखा। गॉल की परिस्थितियों को देखते हुए यह लक्ष्य श्रीलंका के लिए आसान नहीं था।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम को शुरुआत से ही भारतीय गेंदबाजों ने दबाव में रखा। एक समय ऐसा आया जब मेजबान टीम के शीर्ष चार बल्लेबाज पवेलियन लौट चुके थे। चौथे दिन का खेल समाप्त होने तक श्रीलंका का स्कोर 84/4 था। कप्तान धनंजय डी सिल्वा 31 रन और सोनल दिनुषा 25 रन बनाकर क्रीज पर मौजूद थे।
भारतीय गेंदबाजों ने संभाली कमान
भारत की जीत की सबसे बड़ी वजह उसकी गेंदबाजी रही है। पहली पारी में श्रीलंका को 284 रन पर रोकने के बाद भारतीय गेंदबाजों ने दूसरी पारी में भी मेजबान बल्लेबाजी क्रम पर लगातार दबाव बनाए रखा।
खास तौर पर गॉल की बदलती पिच परिस्थितियों में भारतीय स्पिनरों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। मानव सुथार ने महत्वपूर्ण विकेट लेकर टीम को बढ़त दिलाने में योगदान दिया है। वहीं कुलदीप यादव और रवींद्र जडेजा जैसे स्पिन गेंदबाज भी श्रीलंकाई बल्लेबाजों के लिए बड़ी चुनौती बने हुए हैं।
इसके अलावा मोहम्मद सिराज और प्रसिद्ध कृष्णा जैसे तेज गेंदबाजों ने भी उपयोगी भूमिका निभाई है। गॉल की पिच को आमतौर पर स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार माना जाता है, लेकिन इस मुकाबले में तेज गेंदबाजों ने भी प्रभाव छोड़ा है। चौथे दिन आठ विकेट तेज गेंदबाजों के खाते में गए, जो इस मैदान की पारंपरिक परिस्थितियों से अलग तस्वीर पेश करता है।
अब भारत के सामने सबसे बड़ी चुनौती
भारत को जीत के लिए अब सिर्फ छह विकेट चाहिए। पहली नजर में यह स्थिति भारतीय टीम के पक्ष में बेहद मजबूत दिखाई देती है। हालांकि, टेस्ट क्रिकेट में अंतिम दिन का खेल हमेशा चुनौतीपूर्ण होता है। श्रीलंका के पास अभी धनंजय डी सिल्वा और सोनल दिनुषा जैसे बल्लेबाज मौजूद हैं, जो कुछ समय तक भारतीय गेंदबाजों को रोक सकते हैं।
इसके अलावा श्रीलंका के निचले क्रम के बल्लेबाज भी अगर समय निकालने में सफल रहते हैं तो भारत के लिए मैच को समाप्त करना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। इसलिए कप्तान शुभमन गिल और भारतीय गेंदबाजों को अंतिम दिन शुरुआत से ही आक्रामक रणनीति अपनानी होगी।
भारत के लिए सबसे महत्वपूर्ण होगा कि वह शुरुआती सत्र में ही कुछ विकेट हासिल कर ले। यदि टीम ऐसा करने में सफल रहती है तो श्रीलंका की जीत की उम्मीदें तेजी से कमजोर हो सकती हैं।
बारिश भी बदल सकती है मैच का समीकरण
गॉल टेस्ट के अंतिम दिन मौसम पर भी सभी की नजरें रहेंगी। मुकाबले के दौरान बारिश पहले ही खेल को प्रभावित कर चुकी है। पांचवें दिन भी बारिश आती है और पर्याप्त ओवर नहीं हो पाते हैं तो भारत के सामने मौजूद जीत का मौका प्रभावित हो सकता है।
यही वजह है कि भारतीय टीम जितनी जल्दी हो सके श्रीलंका की पारी समाप्त करना चाहेगी। अगर मौसम साफ रहता है और पर्याप्त खेल होता है, तो भारत के पास मुकाबला अपने नाम करने का मजबूत मौका है।
पहली पारी से ही भारत ने बनाई पकड़
गौरतलब है कि मुकाबले की शुरुआत से ही भारतीय टीम ने दबदबा कायम रखा। पहले दिन के खेल में केएल राहुल और देवदत्त पडिक्कल ने शानदार बल्लेबाजी की। भारत ने शुरुआती चरण में ही मजबूत स्कोर की नींव रख दी थी।
दूसरे दिन बारिश से खेल प्रभावित होने के बावजूद भारत 460/9 तक पहुंच गया था। पडिक्कल के 167 रन और राहुल के 82 रन ने टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया। श्रीलंका के स्पिन गेंदबाजों ने बीच में वापसी की कोशिश जरूर की, लेकिन भारतीय बल्लेबाजों ने कुल मिलाकर मैच पर पकड़ बनाए रखी।
इसके बाद भारतीय गेंदबाजों ने अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभाई। श्रीलंका को पहली पारी में 284 रन पर समेटकर भारत ने न सिर्फ बढ़त हासिल की, बल्कि मैच में अपनी स्थिति और मजबूत कर ली।
WTC के लिहाज से भी अहम मुकाबला
भारत और श्रीलंका के बीच यह टेस्ट मुकाबला विश्व टेस्ट चैंपियनशिप 2025-27 चक्र के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। भारतीय टीम की नजर इस सीरीज में बेहतर प्रदर्शन करते हुए WTC तालिका में अपनी स्थिति मजबूत करने पर है।
ऐसे में गॉल टेस्ट में जीत भारत के लिए सिर्फ सीरीज में बढ़त का मामला नहीं होगी, बल्कि विश्व टेस्ट चैंपियनशिप अभियान के लिहाज से भी महत्वपूर्ण उपलब्धि होगी।
भारतीय टीम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए जीत की संभावना मजबूत है। हालांकि, क्रिकेट में अंतिम गेंद तक मुकाबला समाप्त नहीं माना जाता। श्रीलंका के सामने 288 रन का पहाड़ और भारत के सामने छह विकेट की चुनौती है। इसलिए पांचवें दिन का पहला सत्र मैच की दिशा तय करने में बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
अगर भारतीय गेंदबाज शुरुआती घंटे में श्रीलंका के कुछ और विकेट निकाल लेते हैं, तो टीम इंडिया गॉल में शानदार जीत दर्ज कर सकती है। दूसरी ओर, श्रीलंकाई बल्लेबाज अगर लंबे समय तक टिके रहते हैं तो मुकाबला कुछ और समय तक रोमांचक बना रह सकता है।
फिलहाल समीकरण पूरी तरह भारत के पक्ष में है। मजबूत बल्लेबाजी, प्रभावी गेंदबाजी और 288 रन की बढ़त के बाद टीम इंडिया गॉल टेस्ट में जीत की दहलीज पर खड़ी है। अब सभी की नजरें पांचवें दिन के खेल और उन छह विकेटों पर हैं, जो भारत को सीरीज में 1-0 की बढ़त दिला सकते हैं।

