मुरादाबाद जीआरपी ने 116 गुमशुदा मोबाइल बरामद कर मालिकों को लौटाए, 25 लाख रुपये बताई गई कीमत
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: रेलवे यात्रियों के गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी को लेकर मुरादाबाद जीआरपी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। थाना जीआरपी मुरादाबाद में दर्ज 116 मोबाइल फोन की गुमशुदगी के मामलों का पुलिस ने सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए सभी मोबाइल बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है।
मोबाइल फोन वापस मिलने के बाद उनके स्वामियों के चेहरे पर खुशी देखने को मिली। लोगों ने मुरादाबाद जीआरपी और आरपीएफ की टीम का आभार जताते हुए पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना की। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, इस कार्रवाई से आम लोगों में पुलिस के प्रति विश्वास और सकारात्मक भावना को बढ़ावा मिला है।
अभियान के तहत जीआरपी ने शुरू की कार्रवाई
पुलिस के अनुसार, पुलिस अधीक्षक रेलवे मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला के आदेश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में पुलिस उपाधीक्षक मुरादाबाद विश्वजीत सिंह के निर्देशन में थाना जीआरपी मुरादाबाद के प्रभारी निरीक्षक रविंद्र कुमार वशिष्ठ ने विशेष टीम का गठन किया।
टीम को गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश और उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने तकनीकी माध्यमों की मदद से अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल फोन की तलाश शुरू की।
पुलिस ने बताया कि इस अभियान के दौरान मोबाइल फोन की लोकेशन और तकनीकी जानकारी के आधार पर लगातार प्रयास किए गए। इसके साथ ही आरपीएफ टीम का भी सहयोग लिया गया। परिणामस्वरूप पुलिस को 116 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली।
तकनीकी माध्यम से तलाशे गए मोबाइल फोन
गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी में तकनीकी संसाधनों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस टीम ने उपलब्ध तकनीकी जानकारी के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल फोन की तलाश की।
इसके लिए पुलिसकर्मियों ने लगातार काम किया और मोबाइल फोन से संबंधित जानकारी को सत्यापित किया। जब मोबाइल फोन बरामद हुए तो उन्हें सीधे किसी व्यक्ति को सौंपने के बजाय पहले उनके वास्तविक स्वामियों की पहचान और मोबाइल से संबंधित विवरण का सत्यापन कराया गया।
इस प्रक्रिया के बाद ही मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को वापस करने की कार्रवाई की गई।
116 मोबाइल फोन बरामद
जीआरपी मुरादाबाद के अनुसार, अभियान के दौरान कुल 116 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने इन सभी मोबाइल फोन का सत्यापन उनके वास्तविक स्वामियों से कराया।
पुलिस के मुताबिक, बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। अलग-अलग मामलों में गुम हुए इन मोबाइल फोन को उनके मालिकों तक वापस पहुंचाना पुलिस के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल फोन गुम होने की घटनाएं सामने आती रहती हैं। ऐसे में तकनीकी माध्यमों से मोबाइल की तलाश कर उन्हें वापस दिलाने की कार्रवाई यात्रियों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
आरपीएफ टीम का भी मिला सहयोग
इस अभियान में मुरादाबाद आरपीएफ टीम ने भी जीआरपी पुलिस का सहयोग किया। रेलवे परिसर और उससे जुड़े क्षेत्रों में जीआरपी तथा आरपीएफ के बीच समन्वय के चलते मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया गया।
रेलवे सुरक्षा से जुड़े मामलों में जीआरपी और आरपीएफ दोनों की अलग-अलग जिम्मेदारियां होती हैं। ऐसे में आपसी समन्वय के जरिए यात्रियों की शिकायतों पर कार्रवाई करना अधिक प्रभावी हो सकता है।
मुरादाबाद जीआरपी की इस कार्रवाई में भी दोनों टीमों के सहयोग से बड़ी संख्या में गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए गए।
वास्तविक मालिकों को सौंपे गए मोबाइल
बरामद मोबाइल फोन मिलने के बाद पुलिस ने उनके वास्तविक स्वामियों की पहचान की। सत्यापन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद 18 अगस्त 2026 को सभी बरामद मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए।
इस दौरान पुलिस अधीक्षक रेलवे मुरादाबाद आशुतोष शुक्ला और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त, आरपीएफ डिवीजन मुरादाबाद ऋषि कुमार शुक्ला की मौजूदगी में मोबाइल फोन उनके स्वामियों को सुपुर्द किए गए।
मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों ने पुलिस के प्रति आभार जताया। कई मोबाइल मालिकों ने जीआरपी और आरपीएफ की टीम को धन्यवाद देते हुए कार्रवाई की सराहना की।
मोबाइल वापस मिलने से लोगों में खुशी
मोबाइल फोन आज के समय में लोगों के लिए केवल संचार का माध्यम नहीं हैं, बल्कि उनमें जरूरी संपर्क, दस्तावेज, फोटो और अन्य महत्वपूर्ण जानकारी भी सुरक्षित रहती है। ऐसे में मोबाइल गुम होने के बाद उसे वापस पाना संबंधित व्यक्ति के लिए काफी राहत की बात होती है।
मुरादाबाद में 116 लोगों को उनके गुम हुए मोबाइल वापस मिलने के बाद ऐसी ही खुशी देखने को मिली। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल स्वामियों ने इस कार्रवाई पर प्रसन्नता जाहिर की।
लोगों ने जीआरपी मुरादाबाद और आरपीएफ मुरादाबाद का धन्यवाद किया तथा पुलिस की इस पहल की सराहना की।
पुलिस के प्रति बढ़ा भरोसा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से आम जनता में पुलिस के प्रति विश्वास बढ़ता है। जब किसी व्यक्ति की गुम हुई वस्तु पुलिस की मदद से वापस मिलती है तो इससे कानून-व्यवस्था के प्रति लोगों का भरोसा मजबूत होता है।
मुरादाबाद जीआरपी की इस कार्रवाई को भी इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। खास तौर पर रेलवे यात्रियों के गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी से यात्रियों को यह भरोसा मिलता है कि शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस तकनीकी माध्यमों से सामान की तलाश करने का प्रयास करती है।
आगे भी जारी रह सकता है अभियान
गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाया गया अभियान आने वाले समय में भी जारी रहने की उम्मीद है। पुलिस की ओर से तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल करते हुए लंबित मामलों में मोबाइल फोन की तलाश की जा सकती है।
इसके साथ ही यात्रियों से भी अपील की जाती है कि मोबाइल फोन या अन्य सामान गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस अथवा जीआरपी को सूचना दें। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल की तलाश और बरामदगी की संभावना बढ़ सकती है।
मुरादाबाद जीआरपी की कार्रवाई से यह भी सामने आया है कि तकनीकी संसाधनों और पुलिस-आरपीएफ के समन्वय से गुम हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों तक पहुंचाया जा सकता है।
मुरादाबाद जीआरपी पुलिस ने थाना जीआरपी में दर्ज 116 मोबाइल फोन की गुमशुदगी के मामलों में कार्रवाई करते हुए सभी मोबाइल बरामद करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब 25 लाख रुपये है। तकनीकी माध्यमों और आरपीएफ के सहयोग से इन मोबाइल फोन को अलग-अलग स्थानों से बरामद किया गया।
सत्यापन के बाद 18 अगस्त को सभी मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस का आभार जताया। वहीं, इस कार्रवाई से आम जनता और पुलिस के बीच भरोसा मजबूत होने की उम्मीद है।

