कानपुर में ट्रक चालकों से लूट और मोबाइल चोरी के आरोप में चार गिरफ्तार, तमंचा-कारतूस भी बरामद

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रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी 

कानपुर: कमिश्नरेट कानपुर नगर पुलिस ने अपराध की रोकथाम और वांछित अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत चार युवकों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों पर हाईवे और सड़क किनारे खड़े ट्रकों एवं वाहनों से मोबाइल फोन चोरी करने और ट्रक चालकों के साथ लूटपाट करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 12 मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।

पुलिस के मुताबिक, यह कार्रवाई 18 अगस्त 2026 को महाराजपुर थाना क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग के दौरान की गई। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मामले में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

कुलगांव अंडरपास पर चल रही थी चेकिंग

पुलिस के अनुसार, अपराध की रोकथाम और वांछित एवं वारंटी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में उपनिरीक्षक पवन शर्मा पुलिस टीम के साथ कुलगांव अंडरपास के पास संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की चेकिंग कर रहे थे।

पुलिस टीम हाईवे के किनारे ट्रक चालकों और अन्य वाहन सवारों के साथ लूटपाट तथा मोबाइल चोरी करने वाले संदिग्धों की तलाश में भी जुटी थी। इसी दौरान पुलिस को एक मुखबिर से सूचना मिली कि चार युवक चोरी किए गए मोबाइल फोन बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं और रामादेवी से महाराजपुर की ओर आ रहे हैं।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने बताए गए स्थान की ओर आगे बढ़ना शुरू किया।

केआईटी कॉलेज के सामने दिखाई दिए चार संदिग्ध

पुलिस के मुताबिक, टीम जब स्वामी हुंडई से सब्जी मंडी की ओर सर्विस रोड पर आगे बढ़ी तो केआईटी कॉलेज के सामने चार युवक आते दिखाई दिए। मुखबिर ने पुलिस को इशारा कर बताया कि यही वे युवक हैं, जो सड़क किनारे खड़े ट्रकों और अन्य वाहनों से मोबाइल फोन चोरी करने के आरोप में तलाशे जा रहे हैं।

पुलिस के अनुसार, मुखबिर के वहां से हटने के बाद टीम ने सावधानीपूर्वक चारों युवकों की ओर बढ़ना शुरू किया। पुलिस को देखते ही चारों ने भागने का प्रयास किया। हालांकि, पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चारों को पकड़ लिया।

इसके बाद पुलिस ने बारी-बारी से आरोपियों का नाम और पता पूछा तथा उनके भागने का कारण जानने का प्रयास किया।

चारों आरोपियों की हुई पहचान

पुलिस के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों की पहचान बाबू सिंह, राघवेंद्र यादव उर्फ राघव उर्फ कल्लू, आदित्य यादव उर्फ रफ्तार और अभिषेक सैनी उर्फ कद्दू के रूप में हुई है।

पुलिस के मुताबिक, बाबू सिंह की उम्र करीब 20 वर्ष है और वह लाल बंगला क्षेत्र का रहने वाला है। उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए।

दूसरे आरोपी राघवेंद्र यादव उर्फ राघव उर्फ कल्लू की उम्र करीब 20 वर्ष बताई गई है। पुलिस ने उसके कब्जे से चार मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें ओप्पो, इनफिनिक्स, रेडमी और वीवो कंपनी के मोबाइल शामिल बताए गए हैं।

तीसरे आरोपी आदित्य यादव उर्फ रफ्तार की उम्र करीब 23 वर्ष है। उसके कब्जे से तीन मोबाइल फोन बरामद होने की बात पुलिस ने कही है। इनमें वीवो, रेडमी और ओप्पो कंपनी के मोबाइल शामिल हैं।

चौथे आरोपी अभिषेक सैनी उर्फ कद्दू की उम्र करीब 23 वर्ष बताई गई है। पुलिस के अनुसार, उसके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इसके अलावा उसके कब्जे से एक 315 बोर का अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया।

कुल 12 मोबाइल फोन बरामद

पुलिस के अनुसार, चारों आरोपियों के कब्जे से कुल 12 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। बरामद मोबाइल अलग-अलग कंपनियों के बताए गए हैं। पुलिस अब इन मोबाइल फोन के संबंध में जानकारी जुटा रही है कि वे किन घटनाओं से संबंधित हैं और उनके वास्तविक मालिक कौन हैं।

पुलिस मोबाइल फोन के आईएमईआई नंबर के आधार पर भी जांच कर सकती है। इससे चोरी की घटनाओं से इनके संबंध की पुष्टि करने में मदद मिल सकती है।

पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों ने इन मोबाइल फोन को कहां से हासिल किया और क्या वे इन्हें बेचने के लिए किसी ग्राहक की तलाश कर रहे थे।

एक आरोपी के पास तमंचा और कारतूस मिलने का दावा

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से अभिषेक सैनी के पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा और एक जिंदा कारतूस भी बरामद किया गया। इस बरामदगी के बाद पुलिस ने हथियार से संबंधित धाराओं में भी कानूनी कार्रवाई की है।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच के दौरान यह भी पता लगाया जाएगा कि बरामद हथियार का इस्तेमाल किसी आपराधिक घटना में किया गया था या नहीं।

हाईवे पर ट्रक चालकों को बनाया जाता था निशाना

पुलिस की प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आरोपी सड़क और हाईवे के किनारे खड़े ट्रकों एवं वाहनों से मोबाइल फोन चोरी करने के साथ ही ट्रक चालकों को कथित तौर पर निशाना बनाते थे।

हाईवे पर अक्सर चालक और अन्य वाहनकर्मी कुछ समय के लिए वाहन खड़ा करके आराम करते हैं। ऐसे में उनके मोबाइल या अन्य सामान की सुरक्षा महत्वपूर्ण होती है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार आरोपियों का इस तरह की अन्य घटनाओं में भी कोई संबंध है या नहीं।

यदि जांच में अन्य घटनाओं से जुड़े साक्ष्य सामने आते हैं, तो पुलिस उन मामलों को भी जांच के दायरे में ला सकती है।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

पुलिस के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी और बरामदगी के आधार पर महाराजपुर थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 317(2) और आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू की है।

इसके बाद आरोपियों से पूछताछ कर घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपियों के साथ कोई अन्य व्यक्ति तो शामिल नहीं था।

आगे की जांच जारी

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई के बाद अब मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। बरामद मोबाइल फोन के संबंध में जानकारी जुटाने के साथ-साथ आरोपियों के पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा सकती है।

पुलिस के अनुसार, अपराध की रोकथाम और संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए चेकिंग अभियान आगे भी जारी रहेगा। खासकर हाईवे और प्रमुख मार्गों पर संदिग्ध व्यक्तियों एवं वाहनों की निगरानी बढ़ाई जा रही है।

फिलहाल चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बरामद मोबाइल फोन कितनी घटनाओं से जुड़े हैं और आरोपियों के नेटवर्क में अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।

कुल मिलाकर, कानपुर के महाराजपुर क्षेत्र में पुलिस की कार्रवाई के दौरान चार युवकों को गिरफ्तार किए जाने का दावा किया गया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 12 मोबाइल फोन, एक अवैध तमंचा और कारतूस बरामद किए हैं। मामले में आगे की जांच जारी है और बरामद सामान के स्रोत तथा आरोपियों की अन्य संभावित गतिविधियों की जानकारी जुटाई जा रही है।

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