कानपुर में पीआरडी जवानों को बड़ी सौगात, मानदेय 500 से बढ़कर 600 रुपये, कैशलेस इलाज की सुविधा भी मिलेगी
रिपोर्ट – विक्की रघुवंशी
कानपुर: प्रांतीय रक्षक दल (पीआरडी) के स्वयंसेवकों के लिए प्रदेश सरकार ने कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आयोजित पीआरडी जवानों के सम्मेलन में मानदेय बढ़ाने, बैरक निर्माण और कैशलेस उपचार जैसी सुविधाओं का ऐलान किया गया। इसी क्रम में कानपुर नगर के विकास भवन सभागार में कार्यक्रम का सजीव प्रसारण वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया गया, जिसमें जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में कल्याणपुर विधायक नीलिमा कटियार मौजूद रहीं। उन्होंने पीआरडी स्वयंसेवकों को संबोधित करते हुए प्रदेश सरकार द्वारा की गई घोषणाओं के लिए सभी जवानों को बधाई दी। साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा उठाए गए ये कदम पीआरडी जवानों के कल्याण और उनकी सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास हैं।
पीआरडी जवानों का बढ़ा मानदेय
मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं में सबसे प्रमुख पीआरडी स्वयंसेवकों के मानदेय में वृद्धि है। अब पीआरडी जवानों को मिलने वाला मानदेय 500 रुपये से बढ़ाकर 600 रुपये कर दिया गया है।
विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि पीआरडी स्वयंसेवक प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था, सामाजिक कार्यक्रमों और विभिन्न प्रशासनिक कार्यों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए उनके योगदान को देखते हुए मानदेय में वृद्धि एक सकारात्मक कदम है।
उन्होंने कहा कि सरकार लगातार कर्मचारियों और स्वयंसेवकों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुविधाओं का विस्तार कर रही है। इससे पीआरडी जवानों का मनोबल बढ़ेगा और वे अपने दायित्वों का बेहतर तरीके से निर्वहन कर सकेंगे।
पीआरडी जवानों और परिवार को कैशलेस उपचार की सुविधा
इसके अलावा पीआरडी स्वयंसेवकों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर भी बड़ी घोषणा की गई है। अब पीआरडी जवानों और उनके परिवार के सदस्यों को प्रति व्यक्ति एक वर्ष में 5 लाख रुपये तक के कैशलेस उपचार की सुविधा से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
इस सुविधा से पीआरडी जवानों को गंभीर बीमारी या आपात स्थिति में आर्थिक परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं, स्वास्थ्य सेवाओं तक आसान पहुंच भी सुनिश्चित हो सकेगी।
विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य सुरक्षा किसी भी व्यक्ति के लिए बेहद जरूरी है। ऐसे में पीआरडी जवानों और उनके परिवारों को कैशलेस उपचार सुविधा उपलब्ध कराना सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है।
लखनऊ में बनेगी पीआरडी बैरक
कार्यक्रम के दौरान पीआरडी जवानों के लिए आधारभूत सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में भी घोषणा की गई। इसके तहत सरोजिनी नगर, जनपद लखनऊ में करीब 23 करोड़ रुपये की लागत से पीआरडी बैरक निर्माण का शिलान्यास किया गया है।
इस बैरक के निर्माण से पीआरडी स्वयंसेवकों को बेहतर आवासीय और प्रशिक्षण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी। इससे जवानों की कार्यक्षमता में भी सुधार आने की संभावना है।
प्रदेश सरकार का उद्देश्य पीआरडी संगठन को और मजबूत बनाना है, ताकि स्वयंसेवक बेहतर संसाधनों के साथ अपनी जिम्मेदारियों को पूरा कर सकें।
विकास भवन में हुआ कार्यक्रम का प्रसारण
कानपुर नगर के विकास भवन सभागार में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के संबोधन और घोषणाओं का सीधा प्रसारण किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पीआरडी स्वयंसेवक और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, जिला विकास अधिकारी आत्म प्रकाश रस्तोगी, व्यायाम प्रशिक्षक धीरेन्द्र सिंह यादव, क्षेत्रीय युवा कल्याण अधिकारी दीपक सिंह सहित कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।
इसके अलावा अमित कुमार, प्रदीप कुमार, स्मृति सिंह समेत बड़ी संख्या में पीआरडी स्वयंसेवकों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
पीआरडी जवानों की भूमिका अहम
प्रांतीय रक्षक दल के स्वयंसेवक प्रदेश में विभिन्न अवसरों पर प्रशासन और पुलिस विभाग के सहयोगी के रूप में कार्य करते हैं। यातायात व्यवस्था, चुनाव ड्यूटी, आपदा प्रबंधन, सरकारी कार्यक्रमों और अन्य महत्वपूर्ण जिम्मेदारियों में पीआरडी जवानों की भूमिका रहती है।
ऐसे में सरकार की ओर से की गई घोषणाओं को पीआरडी संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। मानदेय वृद्धि के साथ-साथ स्वास्थ्य सुविधा और आधारभूत ढांचे के विकास से जवानों को अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
सरकार की घोषणाओं से बढ़ेगा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा पीआरडी स्वयंसेवकों के हित में लिए गए फैसले उनके सम्मान और सुविधा बढ़ाने वाले हैं।
उन्होंने सभी पीआरडी जवानों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि सरकार आगे भी उनके हितों को प्राथमिकता देती रहेगी। साथ ही उन्होंने जवानों से पूरी निष्ठा और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की अपील की।
कुल मिलाकर, पीआरडी जवानों के लिए मानदेय वृद्धि, कैशलेस उपचार और बैरक निर्माण जैसी घोषणाएं उनके जीवन स्तर और कार्य परिस्थितियों में सुधार की दिशा में अहम कदम मानी जा रही हैं। इससे प्रदेश के हजारों पीआरडी स्वयंसेवकों को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है।

