आजमगढ़ के स्मिथ इंटर कॉलेज में छात्रों का जोरदार प्रदर्शन, शिक्षकों की कमी और फीस वसूली का आरोप – जरूर पढ़ें
रिपोर्ट – पित्तेश्वर कुमार
आजमगढ़: सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ़ स्थित स्मिथ इंटर कॉलेज में मंगलवार सुबह छात्रों के प्रदर्शन के बाद कॉलेज परिसर में हंगामे की स्थिति बन गई। सैकड़ों छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए शिक्षकों की कमी और पढ़ाई प्रभावित होने का मुद्दा उठाया। विद्यार्थियों ने हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर अपनी मांगें सामने रखीं।
प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का कहना है कि बोर्ड परीक्षाओं में अब कुछ ही महीने का समय बचा है, लेकिन कॉलेज में रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं। ऐसे में उनकी नियमित पढ़ाई प्रभावित हो रही है और परीक्षा की तैयारी को लेकर परेशानी बढ़ रही है।
छात्रों ने कॉलेज प्रशासन से जल्द से जल्द विषयवार शिक्षकों की व्यवस्था करने की मांग की। वहीं, प्रदर्शन के दौरान फीस वसूली और कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल उठाए गए। हालांकि, फीस वसूली और अन्य आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
शिक्षकों की कमी को लेकर छात्रों में नाराजगी
छात्रों के मुताबिक, रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान जैसे विषय बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिहाज से महत्वपूर्ण हैं। इन विषयों के नियमित शिक्षक उपलब्ध नहीं होने से विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम पूरा करने और परीक्षा की तैयारी करने में कठिनाई हो रही है।
विद्यार्थियों का कहना है कि बोर्ड परीक्षा नजदीक होने के कारण अब उनके पास समय कम बचा है। ऐसे में यदि जल्द शिक्षक उपलब्ध नहीं कराए गए तो पाठ्यक्रम पूरा करना और विषयों की तैयारी करना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
इसी मांग को लेकर छात्र-छात्राएं कॉलेज परिसर में एकत्र हुए और प्रदर्शन किया। उन्होंने कॉलेज प्रशासन से समस्या का स्थायी समाधान करने की मांग की।
पोस्टर लेकर छात्राओं ने जताई नाराजगी
प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने अलग-अलग पोस्टर लेकर अपनी बात रखी। इनमें एक पोस्टर पर लिखा था, “बिना केमिस्ट्री टीचर के हमारा भविष्य एसिड की तरह जल रहा है।” इसके जरिए छात्राओं ने रसायन विज्ञान के शिक्षक की कमी को लेकर अपनी चिंता जाहिर की।
विद्यार्थियों ने कहा कि वह किसी विवाद के पक्ष में नहीं हैं, बल्कि अपनी पढ़ाई को लेकर परेशान हैं। उनका कहना है कि शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था होने पर वह बेहतर तरीके से बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर सकते हैं।
इसके अलावा छात्रों ने आरोप लगाया कि शिक्षक की मांग उठाने पर उन्हें डांट-डपटकर चुप कराने का प्रयास किया जाता है। हालांकि, इस आरोप की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
फीस वसूली को लेकर भी उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान विद्यार्थियों और स्थानीय लोगों की ओर से फीस वसूली को लेकर भी सवाल उठाए गए। छात्रों का आरोप है कि कॉलेज में फीस से संबंधित व्यवस्था को लेकर भी उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
हालांकि, फीस वसूली से संबंधित आरोपों का विस्तृत विवरण सामने नहीं आया है। ऐसे में इस मुद्दे पर कॉलेज प्रशासन और संबंधित शिक्षा विभाग का पक्ष महत्वपूर्ण होगा।
किसी भी शिक्षण संस्थान में फीस से संबंधित नियम और व्यवस्था स्पष्ट होना जरूरी है। इसलिए यदि इस संबंध में कोई शिकायत है तो उसकी जांच संबंधित विभाग द्वारा तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर की जा सकती है।
स्थानीय प्रतिनिधि ने भी उठाए सवाल
छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रतिनिधि संतोष कुमार राय भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों की मांगों का समर्थन करते हुए कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
संतोष कुमार राय ने आरोप लगाया कि संस्था सरकारी मान्यता प्राप्त है, लेकिन यहां कथित तौर पर एक निजी कमेटी बनाकर संसाधनों के दुरुपयोग और नियुक्तियों में अनियमितता की जा रही है।
इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। संबंधित दस्तावेज और आधिकारिक जांच के बाद ही इन आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। ऐसे में सभी पक्षों का बयान सामने आना जरूरी है।
प्रशासन और कॉलेज प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे
छात्रों के प्रदर्शन की सूचना मिलने के बाद प्रशासन और कॉलेज के प्रतिनिधि मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं।
बातचीत के दौरान छात्रों ने मुख्य रूप से रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था करने की मांग रखी। इसके बाद प्रशासन और कॉलेज प्रतिनिधियों की ओर से विद्यार्थियों को आश्वासन दिया गया कि 48 घंटे के भीतर रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था करने का प्रयास किया जाएगा।
आश्वासन मिलने के बाद स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई। हालांकि, छात्रों ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय में शिक्षक की व्यवस्था नहीं होती है तो वे दोबारा आंदोलन कर सकते हैं।
दो दिन का दिया अल्टीमेटम
प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन को दो दिन का समय दिया है। विद्यार्थियों का कहना है कि यदि 48 घंटे के भीतर रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई तो वह सगड़ी मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर आंदोलन करेंगे।
छात्रों ने कहा कि उनकी प्राथमिकता पढ़ाई और बोर्ड परीक्षा की तैयारी है। उनका कहना है कि वह चाहते हैं कि कॉलेज में सभी महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध हों, ताकि उन्हें परीक्षा की तैयारी में किसी तरह की परेशानी न हो।
हालांकि, आंदोलन के अगले चरण को लेकर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाए जाएंगे, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।
बोर्ड परीक्षा को लेकर बढ़ी चिंता
बोर्ड परीक्षा विद्यार्थियों के शैक्षणिक भविष्य के लिहाज से महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में परीक्षा से कुछ महीने पहले शिक्षकों की कमी का मुद्दा छात्रों के लिए चिंता का विषय बन गया है।
विशेष रूप से विज्ञान वर्ग के विद्यार्थियों के लिए रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान जैसे विषयों की नियमित पढ़ाई जरूरी होती है। विद्यार्थियों का कहना है कि समय पर शिक्षक उपलब्ध होने से वह पाठ्यक्रम को व्यवस्थित तरीके से पूरा कर सकेंगे।
इसके अलावा छात्रों को प्रैक्टिकल और परीक्षा से जुड़े अन्य कार्यों की तैयारी भी करनी होती है। इसलिए विद्यार्थियों की मांग है कि कॉलेज प्रशासन जल्द से जल्द शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करे।
शिक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल
स्मिथ इंटर कॉलेज में हुए प्रदर्शन ने स्थानीय स्तर पर शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। यदि किसी विद्यालय में महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं तो इसका सीधा असर विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
वहीं, दूसरी ओर कॉलेज प्रशासन के सामने भी शिक्षकों की उपलब्धता और शैक्षणिक व्यवस्था को सुचारु रखने की जिम्मेदारी होती है। इसलिए छात्रों की शिकायतों को गंभीरता से सुनकर उचित समाधान निकालना जरूरी है।
प्रशासन की ओर से 48 घंटे में रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन दिया गया है। अब देखना होगा कि तय समय सीमा के भीतर यह व्यवस्था हो पाती है या नहीं।
छात्रों की मांग पर निगाह
फिलहाल स्मिथ इंटर कॉलेज में स्थिति सामान्य करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन और कॉलेज प्रतिनिधियों की ओर से छात्रों को दिए गए आश्वासन के बाद सभी की निगाह अगले 48 घंटे पर है।
यदि शिक्षक की व्यवस्था हो जाती है तो छात्रों की प्रमुख मांग पूरी हो जाएगी और विवाद को शांत करने में मदद मिल सकती है। दूसरी ओर, यदि तय समय में व्यवस्था नहीं होती है तो छात्रों के दोबारा प्रदर्शन की संभावना बनी हुई है।
ऐसे में प्रशासन, कॉलेज प्रबंधन और विद्यार्थियों के बीच संवाद महत्वपूर्ण रहेगा।
निष्पक्ष जांच और संवाद से निकलेगा समाधान
कुल मिलाकर, अजमतगढ़ के स्मिथ इंटर कॉलेज में छात्रों का प्रदर्शन शिक्षकों की कमी को लेकर सामने आया है। विद्यार्थियों ने रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के शिक्षकों की उपलब्धता सहित अन्य मुद्दों को उठाया है। साथ ही फीस वसूली और कॉलेज प्रबंधन की कार्यप्रणाली को लेकर भी आरोप लगाए गए हैं।
फिलहाल प्रशासन और कॉलेज प्रतिनिधियों ने 48 घंटे में रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन दिया है। वहीं, छात्र-छात्राओं ने मांग पूरी नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी है।
ऐसे में जरूरी है कि विद्यार्थियों की शिकायतों की निष्पक्ष तरीके से जांच हो और तथ्यों के आधार पर समाधान निकाला जाए। साथ ही बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए समय रहते शिक्षकों की पर्याप्त व्यवस्था करना प्राथमिकता होनी चाहिए।
नोट: फीस वसूली, नियुक्तियों में अनियमितता और अन्य आरोप फिलहाल संबंधित पक्षों द्वारा लगाए गए हैं। इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। कॉलेज प्रशासन और संबंधित विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर स्थिति अधिक स्पष्ट होगी।

