कानपुर में मां बारादेवी मंदिर में 11वां विशाल भंडारा, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

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Digital UP News

कानपुर: पवित्र श्रावण माह के अवसर पर कानपुर के सुप्रसिद्ध मां बारादेवी मंदिर परिसर में 11वें विशाल भंडारे का आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ किया गया। मां बारादेवी और बाबा भोलेनाथ की विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं भोग लगाने के बाद प्रसाद वितरण शुरू हुआ। सुबह से शुरू हुआ भंडारा देर तक श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण के साथ चलता रहा।

भंडारे में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रसाद ग्रहण किया और मां बारादेवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया। सावन के महीने में वैसे भी शहर के प्रमुख शिवालयों और धार्मिक स्थलों पर भक्तों की संख्या बढ़ जाती है। ऐसे में मां बारादेवी मंदिर परिसर में आयोजित भंडारे के दौरान भी श्रद्धालुओं की अच्छी खासी भीड़ देखने को मिली।

पूजा-अर्चना के बाद शुरू हुआ भंडारा

भंडारे की शुरुआत मां बारादेवी और बाबा भोलेनाथ की पूजा-अर्चना के साथ की गई। विधि-विधान से पूजन के बाद देवी मां को भोग अर्पित किया गया। इसके पश्चात श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद वितरण शुरू हुआ।

आयोजकों के मुताबिक, धार्मिक आयोजन की शुरुआत पूरी श्रद्धा और आस्था के साथ की गई। भंडारे में आने वाले श्रद्धालुओं को प्रसाद उपलब्ध कराया गया। इस दौरान मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल बना रहा।

सत्य सनातन संस्कृति सेवा संस्थान के अध्यक्ष एडवोकेट पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि यह भंडारा पिछले 11 वर्षों से सावन माह में आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि आयोजन का उद्देश्य श्रद्धालुओं की सेवा करना और धार्मिक-सामाजिक गतिविधियों को आगे बढ़ाना है।

हर वर्ष सावन में होता है आयोजन

पंकज श्रीवास्तव के अनुसार, मां बारादेवी की कृपा और आशीर्वाद से यह भंडारा प्रत्येक वर्ष सावन के महीने में आयोजित किया जाता है। आयोजन में बड़ी संख्या में लोग अपनी सहभागिता करते हैं।

उन्होंने कहा कि भंडारे को किसी एक व्यक्ति या परिवार तक सीमित न रखकर सामूहिक सहभागिता के भाव से आयोजित किया जाता है। इसी कारण बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय लोग इसमें सहयोग करते हैं।

आयोजकों ने बताया कि भंडारे का आयोजन सुबह से शुरू हुआ और श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरण का सिलसिला लगातार चलता रहा। कार्यक्रम में शामिल लोगों ने सेवा कार्य में सहयोग किया।

मंदिर परिसर में दिखी श्रद्धालुओं की भीड़

सावन के महीने में मां बारादेवी मंदिर में सुबह से ही श्रद्धालुओं का पहुंचना शुरू हो जाता है। भक्त देवी मां के दर्शन के साथ भगवान शिव की आराधना करते हैं।

भंडारे के आयोजन के चलते मंदिर परिसर में प्रसाद ग्रहण करने के लिए भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। कई स्थानों पर लोगों की कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं ने अनुशासन के साथ प्रसाद ग्रहण किया और इसके बाद मंदिर में दर्शन किए।

धार्मिक आयोजन के दौरान क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना रहा। स्थानीय लोगों के साथ शहर के अन्य हिस्सों से आए श्रद्धालुओं ने भी कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

श्रद्धालुओं ने ग्रहण किया प्रसाद

भंडारे में पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। आयोजकों और स्वयंसेवकों की ओर से लोगों को प्रसाद उपलब्ध कराया गया।

श्रद्धालुओं का कहना था कि सावन के पवित्र महीने में धार्मिक स्थल पर दर्शन और प्रसाद ग्रहण करने से उन्हें आध्यात्मिक अनुभूति होती है। कई लोगों ने आयोजन की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जाने की इच्छा जताई।

भंडारे के माध्यम से लोगों को एक साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण करने और धार्मिक वातावरण में समय बिताने का अवसर मिला।

धार्मिक और सामाजिक आयोजनों को आगे बढ़ाने पर जोर

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि मां की कृपा से भविष्य में भी मंदिर परिसर में धार्मिक और सामाजिक आयोजन निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे। उनका कहना है कि ऐसे कार्यक्रमों से लोगों को धार्मिक गतिविधियों से जुड़ने के साथ-साथ सामाजिक सेवा का अवसर भी मिलता है।

उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले सभी लोगों और श्रद्धालुओं का आभार जताया। साथ ही कहा कि सामूहिक सहयोग से ही इस तरह के आयोजन सफल हो पाते हैं।

इस तरह भंडारा केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें स्थानीय लोगों की सामूहिक भागीदारी भी देखने को मिली।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने लिया आशीर्वाद

आयोजन के दौरान शहर के कई गणमान्य नागरिकों और जनप्रतिनिधियों ने मां बारादेवी के दर्शन किए। कार्यक्रम में कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय, विधायक राहुल बच्चा सोनकर और विधायक अमिताभ बाजपेई समेत कई लोग मौजूद रहे।

इसके अलावा डॉ. रोहित सक्सेना, एडवोकेट पंकज श्रीवास्तव, रजनीश श्रीवास्तव, गोलू, मनीष श्रीवास्तव, विवेक, महेंद्र पाल, अंकुर तिवारी और स्वप्निल तिवारी सहित बड़ी संख्या में लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।

जनप्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों ने मां बारादेवी के दर्शन कर आशीर्वाद लिया तथा आयोजन में शामिल श्रद्धालुओं से मुलाकात की।

बड़ी संख्या में स्थानीय लोग हुए शामिल

भंडारे में क्षेत्रीय लोगों की भी बड़ी भागीदारी रही। आयोजन में अब्दुल, नीरज राजपूत, हर्ष, आशुतोष, मोहित, देवांश, सुमित, गौरव, सौरव, निखिल, केतन, सूरज, दीपांशु, खन्ना, मुकेश, देवेंद्र, मिंटू, धीरज, विवेक, संदीप, प्रवीण और पवन सहित कई लोग उपस्थित रहे।

आयोजकों के अनुसार, कार्यक्रम को सफल बनाने में स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का सहयोग महत्वपूर्ण रहा। सभी ने अपनी-अपनी क्षमता के अनुसार आयोजन में योगदान दिया।

सावन में बढ़ जाती है धार्मिक गतिविधियां

श्रावण माह को हिंदू धर्म में विशेष धार्मिक महत्व वाला महीना माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान शिव की पूजा-अर्चना करते हैं और मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

कानपुर में भी सावन के दौरान विभिन्न शिवालयों और देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ जाती है। मां बारादेवी मंदिर भी शहर के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां पूरे वर्ष भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

इसी धार्मिक वातावरण के बीच विशाल भंडारे का आयोजन श्रद्धालुओं के लिए सेवा और प्रसाद ग्रहण करने का अवसर लेकर आया।

सेवा और सहभागिता का संदेश

भंडारे के आयोजन में धार्मिक आस्था के साथ सेवा और सहभागिता का संदेश भी देखने को मिला। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम लोगों को एक-दूसरे से जोड़ने और सामूहिक रूप से सेवा कार्य करने का अवसर देते हैं।

श्रद्धालुओं ने भी आयोजन में सहयोग किया और प्रसाद वितरण व्यवस्था में योगदान दिया। इसके परिणामस्वरूप कार्यक्रम व्यवस्थित तरीके से संपन्न हुआ।

आयोजकों ने भविष्य में भी इसी तरह के धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम जारी रखने की बात कही है।

भक्ति और सेवा से सराबोर रहा मंदिर परिसर

कुल मिलाकर, श्रावण माह के अवसर पर मां बारादेवी मंदिर परिसर में आयोजित 11वां विशाल भंडारा श्रद्धा, सेवा और सामूहिक सहभागिता का केंद्र बना रहा। पूजा-अर्चना और भोग के बाद शुरू हुए प्रसाद वितरण में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया।

मंदिर परिसर में दिनभर भक्तों की आवाजाही बनी रही। श्रद्धालुओं ने मां बारादेवी के दर्शन किए और भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया। वहीं, आयोजकों और स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग किया।

आयोजकों का कहना है कि भविष्य में भी मां बारादेवी की कृपा से ऐसे धार्मिक और सामाजिक आयोजन जारी रखे जाएंगे। इस आयोजन ने सावन के धार्मिक माहौल में सेवा और सामूहिक सहभागिता की भावना को और मजबूत किया।

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