वंदे मातरम को लेकर भाजपा-कांग्रेस आमने-सामने, अजय राय बोले- देशभक्ति की मार्केटिंग कर रही भाजपा
रिपोर्ट- धर्मेंद्र पाण्डेय
वाराणसी। वंदे मातरम गीत को लेकर वाराणसी में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस कार्यालय पर भाजपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने और इसके बाद उत्पन्न विवाद को लेकर कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष एवं वाराणसी के वरिष्ठ नेता अजय राय ने भाजपा पर तीखा हमला बोला है। अजय राय ने आरोप लगाया कि भाजपा देशभक्ति को राजनीतिक मुद्दा बनाकर उसकी मार्केटिंग करने का प्रयास कर रही है, जबकि कांग्रेस का दावा है कि उसका स्वतंत्रता आंदोलन और राष्ट्रहित से ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है।
अजय राय के बयान के बाद वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस और तेज हो गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि राष्ट्रभक्ति किसी एक राजनीतिक दल की बपौती नहीं है। उनके मुताबिक, वंदे मातरम देश के स्वतंत्रता आंदोलन की भावनाओं से जुड़ा हुआ गीत है और इसका सम्मान हर भारतीय के लिए महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यक्रमों और आयोजनों में लगातार वंदे मातरम का गायन करती रही है।
कांग्रेस कार्यालय पहुंचने को लेकर अजय राय का भाजपा पर हमला
अजय राय ने आरोप लगाया कि बीती रात भाजपा कार्यकर्ता वंदे मातरम के गायन के नाम पर मशाल लेकर कांग्रेस कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने दावा किया कि इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कांग्रेस कार्यालय को नुकसान पहुंचाने की मंशा थी। हालांकि, यह आरोप कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष की ओर से लगाया गया है और इसके संबंध में संबंधित पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
अजय राय ने कहा कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हो सकते हैं, लेकिन किसी राजनीतिक दल के कार्यालय पर इस तरह पहुंचना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि प्रशासन की ओर से इस मामले में कार्रवाई नहीं की जाती है तो कांग्रेस न्यायिक प्रक्रिया के तहत अदालत का रुख करेगी।
उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के इस बयान के बाद माना जा रहा है कि वंदे मातरम को लेकर शुरू हुआ विवाद आने वाले दिनों में राजनीतिक मुद्दा बन सकता है।
आरएसएस की शाखाओं और पथ संचलन पर भी उठाया सवाल
अजय राय ने भाजपा पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि पार्टी वंदे मातरम को लेकर इतनी गंभीर है तो राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पथ संचलन और शाखाओं में भी इसके गायन को अनिवार्य किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि देशभक्ति का प्रदर्शन केवल राजनीतिक मंचों या दूसरे दलों के कार्यालयों के बाहर करने से नहीं होता, बल्कि राष्ट्र के प्रति सम्मान और जिम्मेदारी व्यवहार में भी दिखाई देनी चाहिए।
कांग्रेस नेता ने दावा किया कि उनकी पार्टी लगातार विभिन्न कार्यक्रमों में वंदे मातरम का गायन करती रही है। साथ ही कांग्रेस की ओर से स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़े महापुरुषों और शहीदों को सम्मान देने की बात भी कही गई।
अजय राय ने कहा कि वंदे मातरम केवल राजनीतिक बहस का विषय नहीं होना चाहिए। यह देश के स्वतंत्रता आंदोलन से जुड़ी ऐतिहासिक विरासत है। इसलिए इसे राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप से ऊपर रखकर सम्मान दिया जाना चाहिए।
स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान को लेकर भी भाजपा पर निशाना
वंदे मातरम विवाद के बीच अजय राय ने स्वतंत्रता आंदोलन में कांग्रेस के योगदान का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के अनेक नेताओं और कार्यकर्ताओं ने देश की आजादी के लिए संघर्ष किया और कई लोगों ने अपने प्राणों का बलिदान दिया।
अजय राय ने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह स्वतंत्रता आंदोलन में अपने योगदान को लेकर एक व्यक्ति के नाम को प्रमुखता देकर राजनीतिक लाभ लेने की कोशिश करती है। उन्होंने कहा कि देश की आजादी किसी एक व्यक्ति, संगठन या राजनीतिक दल के प्रयास का परिणाम नहीं थी, बल्कि इसमें अलग-अलग विचारधाराओं और क्षेत्रों के लोगों ने योगदान दिया था।
हालांकि, स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास और विभिन्न संगठनों की भूमिका को लेकर राजनीतिक दलों के बीच अलग-अलग दावे सामने आते रहे हैं। ऐसे में अजय राय का बयान भी इसी राजनीतिक बहस का हिस्सा माना जा रहा है।
चोलापुर में तिरंगा नहीं लगाए जाने का मुद्दा उठाया
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने वाराणसी के चोलापुर क्षेत्र से जुड़े एक अन्य मुद्दे को भी सामने रखा। उन्होंने शहीदों के गांवों में तिरंगा नहीं लगाए जाने का आरोप लगाते हुए सरकार के ‘हर घर तिरंगा’ अभियान पर सवाल उठाया।
अजय राय ने कहा कि सरकार देशभर में तिरंगा अभियान को लेकर लोगों को जागरूक करती है, लेकिन यदि शहीदों के गांवों में ही राष्ट्रीय ध्वज नहीं लगाया जा रहा है तो यह गंभीर सवाल खड़ा करता है। उन्होंने सरकार और स्थानीय प्रशासन से इस मामले पर ध्यान देने की मांग की।
उन्होंने कहा कि जिन गांवों और परिवारों का संबंध देश की आजादी तथा राष्ट्र की सेवा से रहा है, वहां राष्ट्रीय ध्वज और शहीदों का सम्मान प्राथमिकता होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मुद्दे को भी राष्ट्र सम्मान से जोड़ते हुए सरकार से आवश्यक कदम उठाने की मांग की है।
कांग्रेस कार्यालय में सामूहिक वंदे मातरम का गायन
विवाद के बीच कांग्रेस की ओर से अपने कैंप कार्यालय में सामूहिक रूप से वंदे मातरम का गायन किया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं ने राष्ट्रगीत के प्रति सम्मान व्यक्त किया। साथ ही महात्मा गांधी, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय समेत देश के स्वतंत्रता सेनानियों और महापुरुषों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वंदे मातरम भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन की ऐतिहासिक स्मृतियों और राष्ट्रप्रेम की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण प्रतीक है। इसलिए इसे किसी दल के राजनीतिक प्रदर्शन तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने देश की एकता, अखंडता और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता जताई। पार्टी नेताओं ने कहा कि राष्ट्रभक्ति का सम्मान सभी राजनीतिक दलों और नागरिकों की साझा जिम्मेदारी है।
वंदे मातरम पर बढ़ी राजनीतिक बहस
वाराणसी में सामने आए इस घटनाक्रम ने एक बार फिर वंदे मातरम को लेकर राजनीतिक बहस को सामने ला दिया है। भाजपा और कांग्रेस दोनों ही राष्ट्रवाद और देशभक्ति के मुद्दे पर अपनी-अपनी राजनीतिक विचारधारा के अनुरूप बात करती रही हैं। ऐसे में कांग्रेस कार्यालय से जुड़े विवाद के बाद दोनों दलों के बीच बयानबाजी और बढ़ने की संभावना है।

