जीआरपी पुलिस की तत्परता से अपहृत बालक कानपुर सेंट्रल स्टेशन से बरामद

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रिपोर्ट- हरिशंकर शर्मा

कानपुर। यात्रियों की सुरक्षा और रेलवे परिसरों में आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियानों के तहत कानपुर सेंट्रल जीआरपी पुलिस को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। पुलिस ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया से करीब 14 वर्षीय एक बालक को बरामद किया है। पूछताछ और परिजनों से संपर्क के बाद पता चला कि बालक के अपहरण के संबंध में बिहार के पटना जिले के दीदारगंज थाने में मुकदमा दर्ज है।

जीआरपी पुलिस की तत्परता के कारण बालक को सुरक्षित बरामद कर बिहार पुलिस के संपर्क में लाया गया। इसके बाद नियमानुसार बालक को बिहार पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। मामले में आगे की विधिक कार्रवाई थाना दीदारगंज, जिला पटना, बिहार की पुलिस द्वारा की जाएगी।

यात्रियों की सुरक्षा के लिए स्टेशन पर चल रही चेकिंग

रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा को लेकर पुलिस लगातार सतर्कता बरत रही है। इसी क्रम में पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी. के मार्गदर्शन में कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर भी नियमित रूप से चेकिंग और गश्त की जा रही है। विशेष रूप से श्रावण माह और यात्रियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए स्टेशन के संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

प्रभारी निरीक्षक थाना जीआरपी कानपुर सेंट्रल ओम नारायण सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम प्लेटफार्म, सर्कुलेटिंग एरिया और यात्री प्रतीक्षालय समेत अन्य स्थानों पर भ्रमण और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान सर्कुलेटिंग एरिया में पुलिसकर्मियों की नजर एक ऐसे बालक पर पड़ी, जो वहां अकेले घूम रहा था।

बालक की गतिविधियां सामान्य न लगने पर पुलिसकर्मियों ने उससे बातचीत शुरू की। इसके बाद उसकी पहचान और परिवार से संबंधित जानकारी जुटाने का प्रयास किया गया। पूछताछ के दौरान बालक ने अपना नाम पीयूष (काल्पनिक नाम) बताया। उसने अपने पिता का नाम रंजीत राय और पता दीदारगंज, थाना दीदारगंज, जिला पटना, बिहार बताया।

पूछताछ के बाद सामने आई अहम जानकारी

पुलिस ने बालक से उसके परिवार और घर के बारे में जानकारी लेने के साथ ही उसके परिजनों से संपर्क करने की प्रक्रिया शुरू की। संपर्क होने के बाद पुलिस को जानकारी मिली कि बालक के लापता होने के संबंध में बिहार के पटना जिले के दीदारगंज थाने में मुकदमा दर्ज है।

यह जानकारी सामने आने के बाद जीआरपी पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार पुलिस से संपर्क किया। आवश्यक जानकारी का सत्यापन करने के बाद बालक को सुरक्षित रखने और नियमानुसार संबंधित पुलिस के सुपुर्द करने की प्रक्रिया पूरी की गई।

इस कार्रवाई से एक बार फिर यह स्पष्ट हुआ कि रेलवे स्टेशनों पर जीआरपी की सतर्क निगरानी किसी भी संभावित अनहोनी को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। खासकर नाबालिग बच्चों के अकेले मिलने पर पुलिस द्वारा तत्काल पूछताछ और सत्यापन किए जाने से उनके परिवार तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।

ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस की सक्रियता

बालक की बरामदगी को पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान से भी जोड़कर देखा जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य लापता और बिछड़े बच्चों को सुरक्षित बरामद कर उनके परिवार तक पहुंचाना है। रेलवे स्टेशन जैसे स्थानों पर अलग-अलग क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों की बड़ी संख्या के कारण ऐसे अभियानों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है।

कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन उत्तर भारत के प्रमुख रेलवे स्टेशनों में शामिल है। यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आते-जाते हैं। ऐसे में जीआरपी पुलिस द्वारा प्लेटफार्म, प्रतीक्षालय और स्टेशन के आसपास लगातार निगरानी रखी जाती है। इसी सतर्कता के दौरान पुलिस टीम को यह बालक मिला और समय रहते उसकी पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी सामने आ सकी।

बिहार पुलिस को सौंपा गया बालक

बालक के बारे में आवश्यक जानकारी मिलने के बाद जीआरपी कानपुर सेंट्रल ने बिहार पुलिस से संपर्क स्थापित किया। इसके बाद नियमानुसार बालक को बिहार पुलिस के सुपुर्द किया गया। अब इस मामले में आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया थाना दीदारगंज, जिला पटना, बिहार की पुलिस द्वारा पूरी की जाएगी।

पुलिस की इस कार्रवाई में बालक की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई। वहीं, उसके परिवार से संपर्क स्थापित कर मामले की वास्तविक स्थिति की जानकारी भी संबंधित पुलिस के साथ साझा की गई।

इन पुलिसकर्मियों की रही अहम भूमिका

बालक को सुरक्षित बरामद करने वाली टीम में जीआरपी कानपुर सेंट्रल के उपनिरीक्षक विनोद कुमार यादव, अरविंद गुप्ता, हेड कांस्टेबल शिव सिंह, रमेश सोनकर, बृजेश यादव, कांस्टेबल विपिन यादव और दीपक यादव शामिल रहे।

टीम ने स्टेशन परिसर में नियमित चेकिंग के दौरान बालक को देखा और उसकी स्थिति को समझते हुए आवश्यक पूछताछ की। इसके बाद संबंधित जानकारी जुटाकर बिहार पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया।

रेलवे स्टेशनों पर सतर्कता जरूरी

रेलवे स्टेशनों पर अक्सर बच्चे और किशोर परिवार से बिछड़ जाते हैं या विभिन्न परिस्थितियों में अकेले पाए जाते हैं। ऐसे मामलों में शुरुआती स्तर पर पुलिस की सतर्कता काफी महत्वपूर्ण होती है। समय पर पहचान और सत्यापन होने से बच्चे को सुरक्षित उसके परिवार तक पहुंचाने की संभावना बढ़ जाती है।

कानपुर सेंट्रल जीआरपी की यह कार्रवाई भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। स्टेशन परिसर में पुलिस की नियमित मौजूदगी और चेकिंग के कारण बालक के बारे में समय रहते जानकारी जुटाई जा सकी।

इसके साथ ही श्रावण माह के दौरान रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की भीड़ बढ़ने के कारण सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत रखना पुलिस के लिए विशेष चुनौती होती है। ऐसे में जीआरपी द्वारा लगातार भ्रमण और चेकिंग किए जाने से यात्रियों में सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत होता है।

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