दिल्ली मे दर्दनाक हादसा: ई-रिक्शा की बैटरी फटने से आग, दो लोगों की मौत, बिल्डिंग मे लगी आग
Digital UP News Desk
नई दिल्ली:राजधानी के रघुबीर नगर इलाके में सोमवार तड़के एक चार मंजिला इमारत की पहली मंजिल पर ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज करते समय अचानक फट गई। बैटरी फटने के बाद कमरे में रखे घरेलू सामान में आग लग गई। हादसे में दो लोग इसकी चपेट में आकर झुलस गए। दोनों को तत्काल उपचार के लिए रघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफैद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद के रूप में हुई है।
घटना की सूचना मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दमकल विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 40 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। वहीं, पुलिस और दमकल विभाग की टीमें अब आग लगने के वास्तविक कारणों और ई-रिक्शा की बैटरी फटने की परिस्थितियों की जांच कर रही हैं।
तड़के करीब 4:42 बजे मिली आग की सूचना
दमकल विभाग के अनुसार, सोमवार तड़के करीब 4:42 बजे रघुबीर नगर के आर ब्लॉक स्थित एक मकान में आग लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके के लिए रवाना की गईं। घटनास्थल पर पहुंचने के बाद दमकल कर्मियों ने स्थिति का जायजा लिया और आग बुझाने की कार्रवाई शुरू कर दी।
प्रारंभिक जांच में पता चला कि जिस इमारत में आग लगी, वह चार मंजिला है। आग पहली मंजिल पर लगी थी। बताया गया कि वहां ई-रिक्शा की बैटरी चार्ज की जा रही थी। इसी दौरान बैटरी अचानक फट गई और आसपास रखे घरेलू सामान ने आग पकड़ ली। देखते ही देखते कमरे में धुआं फैल गया और आग ने आसपास के हिस्से को अपनी चपेट में ले लिया।
आग की चपेट में आए दो लोग
घटना के दौरान पहली मंजिल पर मौजूद दो लोग आग की चपेट में आ गए। दोनों गंभीर रूप से झुलस गए थे। दमकल कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया। इसके बाद दोनों को रघुबीर नगर स्थित गुरु गोविंद सिंह अस्पताल पहुंचाया गया।
हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान 17 वर्षीय सुफैद और 38 वर्षीय मोहम्मद सामिद के तौर पर हुई है। हादसे के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
5:25 बजे आग पर पाया गया काबू
दमकल विभाग की टीम ने आग बुझाने के लिए तत्काल अभियान शुरू किया। चार दमकल गाड़ियों की मदद से आग पर लगातार पानी डाला गया और आग को इमारत के अन्य हिस्सों तक फैलने से रोकने का प्रयास किया गया। राहत की बात यह रही कि दमकल कर्मियों की तत्परता से आग को जल्द ही नियंत्रित कर लिया गया।
दमकल विभाग के मुताबिक, करीब 5:25 बजे आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। इसके बाद टीम ने घटनास्थल की जांच की और यह सुनिश्चित किया कि कहीं कोई अन्य हिस्सा आग की चपेट में तो नहीं है। साथ ही, इमारत में मौजूद लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा गया।
बैटरी चार्जिंग के दौरान हादसा
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, आग ई-रिक्शा की बैटरी फटने के बाद लगी। हालांकि, बैटरी फटने की वजह क्या थी, यह अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस और संबंधित विभाग इस पहलू की जांच कर रहे हैं। बैटरी में तकनीकी खराबी, ओवरचार्जिंग या अन्य किसी कारण की संभावना को जांच के दायरे में रखा जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों को चार्ज करते समय सुरक्षा मानकों का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। चार्जिंग के लिए उचित वेंटिलेशन, सही चार्जर और सुरक्षित वायरिंग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। इसके अलावा, बैटरी के आसपास ज्वलनशील सामान रखने से भी बचना चाहिए।
चार मंजिला इमारत में मचा हड़कंप
आग पहली मंजिल पर लगने के बाद चार मंजिला इमारत में रहने वाले लोगों के बीच भी चिंता का माहौल बन गया। आग और धुएं की जानकारी मिलते ही लोग सतर्क हो गए। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आग को ऊपर के हिस्सों तक पहुंचने से रोकने की कोशिश की।
आग लगने की घटनाओं में शुरुआती कुछ मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में दमकल विभाग को समय पर सूचना मिलने से राहत एवं बचाव कार्य तेजी से शुरू किया जा सका। परिणामस्वरूप आग को एक सीमित हिस्से में नियंत्रित करने में सफलता मिली।
पुलिस कर रही घटना की जांच
घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि बैटरी किस स्थिति में चार्ज की जा रही थी और घटना से पहले वहां क्या परिस्थितियां थीं। इसके अलावा, इमारत में अग्नि सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की स्थिति की भी जांच की जा सकती है।
फिलहाल पुलिस की प्राथमिकता घटना के कारणों का पता लगाना और पूरे मामले से जुड़े तथ्यों को सामने लाना है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बैटरी फटने के पीछे तकनीकी खराबी थी या कोई अन्य वजह।
ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग में सावधानी जरूरी
रघुबीर नगर की यह घटना इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरी चार्जिंग के दौरान सावधानी बरतने की जरूरत को एक बार फिर सामने लाती है। ई-रिक्शा और अन्य इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में उनकी बैटरी को सुरक्षित तरीके से चार्ज करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बैटरी चार्ज करते समय निर्धारित चार्जर का इस्तेमाल करना चाहिए। साथ ही, खराब या क्षतिग्रस्त तारों, प्लग और चार्जिंग उपकरणों का उपयोग नहीं करना चाहिए। चार्जिंग स्थल पर पर्याप्त हवा का आवागमन होना चाहिए और बैटरी के आसपास कागज, कपड़े, प्लास्टिक या अन्य ज्वलनशील सामान नहीं रखना चाहिए।
इसके अलावा, बैटरी में असामान्य गर्मी, गंध, आवाज या किसी अन्य तरह की समस्या दिखाई दे तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थिति में चार्जिंग तुरंत रोककर विशेषज्ञ से जांच कराना सुरक्षित विकल्प होता है।
हादसे ने सुरक्षा को लेकर उठाए सवाल
रघुबीर नगर में हुई इस घटना ने रिहायशी इमारतों में ई-रिक्शा की बैटरी चार्जिंग को लेकर सुरक्षा संबंधी सवाल खड़े किए हैं। खासकर ऐसी जगहों पर जहां एक ही इमारत में कई परिवार या लोग रहते हों, वहां आग से बचाव के उपायों को लेकर अतिरिक्त सावधानी जरूरी है।
हालांकि, घटना की वास्तविक वजह अभी जांच के बाद ही सामने आएगी। इसलिए फिलहाल किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। पुलिस और दमकल विभाग की जांच के बाद ही हादसे के कारणों की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
सोमवार तड़के हुई इस घटना में दो लोगों की जान चली गई। दमकल विभाग ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, लेकिन हादसा यह संदेश जरूर देता है कि इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी चार्जिंग के दौरान सुरक्षा नियमों की अनदेखी गंभीर परिणाम दे सकती है। इसलिए भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षित चार्जिंग व्यवस्था और नियमित बैटरी जांच पर विशेष ध्यान देना आवश्यक है।

