कानपुर में अगले 3 दिन भारी बारिश का अलर्ट, वज्रपात की चेतावनी; गंगा का जलस्तर बढ़ा
Digital UP News Desk
कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम में बदलाव के बीच अगले तीन दिनों तक बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने कानपुर समेत आसपास के कई जिलों में भारी से मध्यम बारिश और वज्रपात की चेतावनी जारी की है। इसके चलते प्रशासन और स्थानीय लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
कानपुर में सोमवार से बारिश के कई रेन पॉकेट सक्रिय रहने की स्थिति बनी हुई है। शहर के अलग-अलग इलाकों में रुक-रुककर बारिश होने से मौसम सुहावना हुआ है, लेकिन लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव की आशंका भी बढ़ गई है। खास तौर पर गंगा नदी के आसपास रहने वाले लोगों को जलस्तर में वृद्धि के कारण सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
अगले तीन दिनों तक बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार कानपुर में अगले तीन दिनों तक मानसूनी गतिविधियां सक्रिय रह सकती हैं। इस दौरान कहीं मध्यम तो कहीं तेज बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रह सकता है।
बारिश के दौरान अचानक मौसम बदलने की स्थिति को देखते हुए लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचने की सलाह दी गई है। वहीं, खेतों, खुले मैदानों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।
मानसून की सक्रियता के कारण तापमान में भी बहुत अधिक बढ़ोतरी की संभावना नहीं है। मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक कानपुर में अधिकतम तापमान करीब 32 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है।
गंगा का जलस्तर बढ़ने से बढ़ी चिंता
कानपुर में बारिश के साथ गंगा नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। ऐसे में नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बन सकती है। लगातार बारिश होने पर जलस्तर और बढ़ने की संभावना को देखते हुए नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।
गंगा के आसपास के निचले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अनावश्यक रूप से नदी के किनारे जाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जलभराव वाले रास्तों पर पैदल या वाहन से गुजरते समय भी सावधानी बरतनी जरूरी है। कई बार पानी की गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाता, इसलिए ऐसे रास्तों का इस्तेमाल करने से बचना बेहतर है।
6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ कानपुर में सतही हवाओं की गति करीब 6 से 8 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। हालांकि, गरज-चमक वाले मौसम में स्थानीय स्तर पर हवा की गति में बदलाव हो सकता है। इसलिए लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों और कमजोर ढांचों के पास खड़े होने से बचना चाहिए।
विशेषज्ञों के अनुसार वज्रपात के दौरान सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। यदि बारिश के साथ तेज गरज-चमक शुरू हो जाए तो सुरक्षित भवन के अंदर रहना सबसे बेहतर विकल्प है। मोबाइल या अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल को लेकर भी स्थानीय प्रशासन की ओर से जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करना चाहिए।
शहर में जलभराव से बढ़ सकती है परेशानी
कानपुर में तेज बारिश होने पर कई निचले इलाकों में जलभराव की समस्या सामने आती है। अगले कुछ दिनों में बारिश का दौर जारी रहने की स्थिति में शहर के निचले क्षेत्रों, सड़कों और गलियों में पानी जमा होने की संभावना बनी रह सकती है।
ऐसे में वाहन चालकों को भी अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत है। पानी से भरी सड़कों पर तेज रफ्तार से वाहन चलाने से बचना चाहिए। इसके अलावा जहां जलभराव अधिक हो, वहां वाहन ले जाने से पहले रास्ते की स्थिति की जानकारी लेना बेहतर रहेगा।
बारिश के कारण यातायात व्यवस्था भी प्रभावित हो सकती है। इसलिए लोगों को जरूरी काम के लिए घर से निकलने से पहले मौसम और सड़क की स्थिति को ध्यान में रखना चाहिए।
वज्रपात के दौरान क्या करें?
आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के दौरान कुछ सामान्य सावधानियां अपनाना जरूरी है। सबसे पहले लोगों को खुले मैदान, खेत, नदी या तालाब के किनारे जाने से बचना चाहिए। यदि व्यक्ति बाहर है और अचानक तेज गरज-चमक शुरू हो जाती है, तो जल्द से जल्द किसी सुरक्षित पक्के भवन में पहुंचना चाहिए।
पेड़ के नीचे खड़े होना भी सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाता। इसी तरह बिजली के खंभों, धातु के ढांचे और खुले स्थानों से दूरी बनाए रखना जरूरी है।
यदि घर में हैं तो बारिश और वज्रपात के दौरान खिड़कियों या बालकनी के पास खड़े होने से बचना चाहिए। साथ ही स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की ओर से जारी चेतावनियों पर नजर रखनी चाहिए।
लोगों से सतर्क रहने की अपील
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए कानपुर के लोगों से अगले तीन दिनों के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है। विशेष रूप से गंगा किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जलस्तर बढ़ने की स्थिति पर नजर रखनी चाहिए।
बहुत जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलना बेहतर होगा। यदि बाहर जाना आवश्यक हो तो जलभराव वाले रास्तों और नदी किनारे के क्षेत्रों से बचना चाहिए। इसके अलावा बारिश के दौरान बच्चों और बुजुर्गों को अनावश्यक रूप से बाहर जाने से रोकना भी उपयोगी रहेगा।
मौसम विभाग के अलर्ट पर रखें नजर
मानसून के दौरान मौसम तेजी से बदल सकता है। इसलिए अगले कुछ दिनों में स्थानीय स्तर पर जारी होने वाले मौसम संबंधी अपडेट पर ध्यान देना जरूरी है। यदि किसी इलाके के लिए भारी बारिश या वज्रपात का विशेष अलर्ट जारी किया जाता है, तो लोगों को उसे गंभीरता से लेते हुए अपनी यात्रा और दैनिक गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।
फिलहाल कानपुर में मानसून की सक्रियता के कारण बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। ऐसे में लोगों को राहत देने वाली बारिश के साथ संभावित जलभराव और वज्रपात को लेकर भी सावधानी बरतनी होगी। सुरक्षित रहना, मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करना और नदी तथा जलभराव वाले क्षेत्रों से दूरी बनाए रखना अगले तीन दिनों में सबसे महत्वपूर्ण होगा।

