यूपी में फिर सक्रिय हुआ मानसून: प्रयागराज में 3-4 फीट पानी, 25 शहरों में बारिश; सभी 75 जिलों में अलर्ट
Digital UP News Desk
उत्तर प्रदेश में एक बार फिर मानसून ने जोर पकड़ लिया है। सोमवार सुबह से राजधानी लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, प्रयागराज समेत प्रदेश के करीब 25 शहरों में रुक-रुककर बारिश हो रही है। कई इलाकों में तेज बारिश के कारण सड़कों और गलियों में पानी भर गया है। वहीं, लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
सुबह से आसमान में घने काले बादल छाए रहने के कारण कई शहरों में दिन के समय भी अंधेरा जैसा माहौल नजर आया। इसके साथ ही तेज बारिश ने आम जनजीवन को प्रभावित किया है। कई स्थानों पर जलभराव के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रयागराज में बिगड़े हालात, कॉलोनियों में 3-4 फीट तक पानी
प्रयागराज में देर रात से जारी बारिश के कारण स्थिति सबसे ज्यादा प्रभावित बताई जा रही है। करेली इलाके की कई कॉलोनियों और गलियों में तीन से चार फीट तक पानी भर गया है। जलभराव इतना अधिक है कि कई कारें और बाइकें पानी में डूब गई हैं। निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कई परिवारों को सुरक्षित रहने के लिए पहली मंजिल पर जाना पड़ा है। वहीं, जलभराव वाले इलाकों में लोगों की मदद के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। पुलिस और NDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटी हैं।
प्रशासन की ओर से लोगों से जलभराव वाले इलाकों में अनावश्यक रूप से बाहर नहीं निकलने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की जा रही है। साथ ही राहत एवं बचाव टीमों को स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए हैं।
लखनऊ में तीन घंटे से तेज बारिश, सड़कें जलमग्न
राजधानी लखनऊ में भी सोमवार सुबह से बारिश का सिलसिला जारी है। करीब तीन घंटे से हो रही तेज बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें और गलियां पानी में डूब गई हैं। इससे वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई है और लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है।
लखनऊ में रविवार को इस सीजन में एक दिन में सबसे अधिक 40.9 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इसके बाद सोमवार को भी बारिश जारी रहने से शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है। लगातार बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
इसके अलावा प्रदेश के दूसरे शहरों में भी मौसम का असर दिखाई दे रहा है। कानपुर, वाराणसी, सीतापुर, रायबरेली और कई अन्य जिलों में बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है।
सीतापुर और रायबरेली में स्कूलों की छुट्टी
बारिश और जलभराव को देखते हुए सीतापुर और रायबरेली में स्कूलों की छुट्टी कर दी गई है। प्रशासन की ओर से मौसम की स्थिति को देखते हुए बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है।
वहीं, संभल में सरकारी अस्पताल के बाहर करीब एक फीट पानी भर गया है। अस्पताल आने वाले मरीजों और उनके परिजनों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन जलनिकासी की व्यवस्था को बेहतर करने में जुटा है।
गंगा-यमुना समेत कई नदियां उफान पर
बारिश के साथ ही उत्तर प्रदेश में नदियों का जलस्तर भी बढ़ रहा है। गंगा और यमुना समेत 10 से अधिक नदियां उफान पर हैं। कानपुर और उन्नाव में गंगा के किनारे बसे इलाकों में पानी पहुंच गया है। यहां 500 से अधिक घरों में पानी घुसने की जानकारी सामने आई है।
कई प्रभावित क्षेत्रों में सड़क और गलियां जलमग्न होने के कारण नावों का सहारा लेना पड़ रहा है। कुछ स्थानों पर लोग अपने घरों की छतों पर रहकर स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और राहत टीमें प्रभावित इलाकों में लगातार निगरानी कर रही हैं।
नदी किनारे बसे गांवों और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। साथ ही, प्रशासन की ओर से जलस्तर में होने वाले बदलाव पर नजर रखी जा रही है।
चित्रकूट में मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ा
चित्रकूट में भी लगातार बारिश के कारण मंदाकिनी और बरदहा नदी का जलस्तर बढ़ने लगा है। प्रसिद्ध रामघाट की सीढ़ियां पानी में डूब गई हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने के कारण आसपास के क्षेत्रों में भी सतर्कता बढ़ा दी गई है।
बारिश का असर धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर भी दिखाई दे रहा है। प्रशासन की ओर से नदी और घाटों के आसपास लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
वाराणसी में घाट किनारे मंदिरों में पहुंचा पानी
वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने के कारण घाटों के आसपास बने छोटे मंदिर भी प्रभावित हुए हैं। घाट किनारे स्थित 100 से अधिक छोटे मंदिरों में पानी पहुंच गया है। रत्नेश्वर महादेव और ब्रह्मेश्वर महादेव मंदिर भी काफी हद तक पानी में डूब गए हैं।
गंगा के जलस्तर में वृद्धि के कारण घाटों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। ऐसे में स्थानीय प्रशासन की ओर से लोगों को नदी के आसपास सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।
अगले तीन दिन जारी रह सकता है बारिश का दौर
लखनऊ के मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह के मुताबिक, उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र झारखंड और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर से गुजर रहा है। आगे बढ़ने के साथ यह सिस्टम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है। हालांकि, इसके प्रभाव से उत्तर भारत में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो रहा है।
उन्होंने बताया कि इसका असर उत्तर प्रदेश में भी दिखाई दे रहा है और प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश हो रही है। मौसम वैज्ञानिक के अनुसार अगले तीन दिनों तक प्रदेश में मौसम का यह मिजाज बने रहने की संभावना है।
सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट
मौसम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए उत्तर प्रदेश के सभी 75 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। ऐसे में लोगों को मौसम संबंधी अपडेट पर नजर रखने और स्थानीय प्रशासन की सलाह का पालन करने की जरूरत है।
विशेष रूप से नदी किनारे, निचले इलाकों और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतनी चाहिए। वहीं, प्रशासन के सामने जलनिकासी, यातायात व्यवस्था और प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने की चुनौती बनी हुई है।
कुल मिलाकर, उत्तर प्रदेश में मानसून की वापसी से जहां किसानों और बारिश की उम्मीद लगाए लोगों को राहत मिल सकती है, वहीं लगातार तेज बारिश ने कई शहरों में जलभराव की समस्या भी बढ़ा दी है। प्रयागराज, कानपुर, उन्नाव, वाराणसी और लखनऊ समेत कई इलाकों में प्रशासन को अब बारिश और बढ़ते नदी जलस्तर, दोनों पर नजर रखनी होगी। अगले तीन दिन प्रदेश के लिए मौसम के लिहाज से महत्वपूर्ण रहने वाले हैं।

