बांदा में 25 हजार के इनामी नशा तस्कर का किया गया एनकाउंटर, पेशी से हुआ था फरार – पढ़िए कौन है वो?
रिपोर्ट – पंकज त्रिपाठी
बांदा: बांदा में न्यायालय में पेशी के दौरान पुलिस हिरासत से फरार हुए नशा तस्करी के आरोपी को पुलिस ने मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। देर रात मिरगहनी पुल के पास सत्तिमाई मंदिर के नजदीक पुलिस और आरोपी के बीच मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तारी का प्रयास किए जाने पर आरोपी ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे घायल अवस्था में उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान संजय उर्फ तन्नू के रूप में हुई है, जो ग्राम खप्टिहाकला का रहने वाला बताया गया है। आरोपी पर बांदा पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद से एसओजी समेत कई थानों की पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी।
14 अगस्त को न्यायालय से हुआ था फरार
पुलिस के मुताबिक, संजय उर्फ तन्नू इसी महीने 14 अगस्त 2026 को न्यायालय में पेशी के दौरान पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। आरोपी पर नशा तस्करी से संबंधित मामला दर्ज बताया गया है। पेशी के दौरान उसने बाथरूम जाने का बहाना बनाया और ड्यूटी पर तैनात हेड कांस्टेबल को चकमा देकर फरार हो गया।
घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया था। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए तत्काल कई पुलिस टीमों को लगाया गया। वहीं, मामले की गंभीरता को देखते हुए एसओजी के साथ-साथ अलग-अलग थानों की पुलिस ने भी उसकी तलाश शुरू कर दी।
आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों और आने-जाने वाले रास्तों पर निगरानी बढ़ाई। इसके अलावा, उसके संपर्क में रहने वाले लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई गई।
48 घंटे में 200 से ज्यादा CCTV फुटेज खंगाले
फरार आरोपी तक पहुंचने के लिए पुलिस ने तकनीकी और जमीनी स्तर पर जांच तेज कर दी। पुलिस टीमों ने करीब 48 घंटे के भीतर 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इन फुटेज की मदद से आरोपी की गतिविधियों और संभावित आवाजाही वाले रास्तों का पता लगाने का प्रयास किया गया।
जांच के दौरान पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को बारीकी से देखा। इसके साथ ही पुलिस टीमों ने स्थानीय स्तर पर भी जानकारी जुटाई। लगातार प्रयास के बाद पुलिस को आरोपी के संभावित ठिकाने के संबंध में अहम सुराग मिले।
इसके बाद एसओजी और संबंधित थाना पुलिस की टीम ने आरोपी की तलाश में अभियान चलाया। आखिरकार पुलिस टीम मिरगहनी पुल के पास सत्तिमाई मंदिर के नजदीक पहुंची, जहां आरोपी की मौजूदगी की सूचना मिली थी।
पुलिस को देखते ही आरोपी ने की फायरिंग
पुलिस के अनुसार, मिरगहनी पुल के पास सत्तिमाई मंदिर के नजदीक आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास किया गया। पुलिस टीम ने जब उसे पकड़ने की कोशिश की तो आरोपी ने कथित तौर पर पुलिस पर गोली चला दी।
इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की जवाबी फायरिंग में आरोपी के पैर में गोली लग गई। गोली लगने के बाद पुलिस टीम ने उसे मौके से हिरासत में लिया और तत्काल उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मुठभेड़ के दौरान आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसके पास मौजूद सामान और हथियार आदि की भी जांच की गई। पूरे मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी पर था 25 हजार रुपये का इनाम
पुलिस हिरासत से फरार होने के बाद आरोपी संजय उर्फ तन्नू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस अधीक्षक की ओर से 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। इसके बाद पुलिस की कई टीमें लगातार उसकी तलाश कर रही थीं।
एसओजी के साथ अलग-अलग थानों की पुलिस को भी इस अभियान में लगाया गया था। पुलिस की कोशिश थी कि आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए। इसी क्रम में तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और स्थानीय स्तर से मिली जानकारी को जोड़कर पुलिस आरोपी तक पहुंचने में सफल रही।
पुलिस के मुताबिक, फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही थी। साथ ही उसके संभावित संपर्कों और ठिकानों पर भी निगरानी रखी जा रही थी।
पेशी से फरारी के बाद पुलिस के सामने थी बड़ी चुनौती
न्यायालय में पेशी के दौरान किसी आरोपी का पुलिस अभिरक्षा से फरार होना पुलिस के लिए गंभीर चुनौती माना जाता है। इस मामले में भी आरोपी के फरार होने के बाद उसकी गिरफ्तारी पुलिस के लिए प्राथमिकता बन गई थी।
आरोपी के फरार होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए कई स्तरों पर काम किया। एक ओर जहां संभावित ठिकानों पर दबिश दी गई, वहीं दूसरी ओर सीसीटीवी कैमरों की मदद से उसके रास्ते का पता लगाने की कोशिश की गई।
48 घंटे के दौरान 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज की जांच किए जाने की बात पुलिस की ओर से बताई गई है। इसके बाद पुलिस को आरोपी की लोकेशन से संबंधित जानकारी मिली और टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे गिरफ्तार कर लिया।
घायल आरोपी का कराया गया उपचार
मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद पुलिस ने आरोपी को तत्काल चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई। घायल अवस्था में उसे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की स्थिति और चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। वहीं, मुठभेड़ से जुड़े घटनाक्रम की भी नियमानुसार जांच की जा सकती है।
पुलिस टीम अब आरोपी से फरारी के दौरान उसके संपर्क में रहे लोगों और उसके संभावित ठिकानों के संबंध में जानकारी जुटा सकती है। इसके अलावा, नशा तस्करी से जुड़े पुराने मामलों और नेटवर्क की भी जांच किए जाने की संभावना है।
नशा तस्करी के मामले में आगे होगी जांच
संजय उर्फ तन्नू पर नशा तस्करी से संबंधित मामला बताया गया है। ऐसे में उसकी गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके कथित नेटवर्क और अन्य संपर्कों के बारे में भी जानकारी जुटा सकती है।
पुलिस यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि फरारी के दौरान आरोपी कहां-कहां रहा और किन लोगों से संपर्क में था। साथ ही यह भी जांच की जाएगी कि नशा तस्करी से जुड़े मामले में उसके साथ अन्य कौन लोग जुड़े हुए हैं।
यदि जांच के दौरान कोई नया तथ्य सामने आता है तो उसके आधार पर आगे कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
पुलिस अधिकारियों ने बताई कार्रवाई की जानकारी
मामले को लेकर बांदा के अपर पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक ने पुलिस कार्रवाई से संबंधित जानकारी दी। उन्होंने बताया कि फरार आरोपी की तलाश में पुलिस टीमों को लगाया गया था और सीसीटीवी फुटेज की मदद से उसकी गतिविधियों का पता लगाया गया।
पुलिस के अनुसार, लगातार निगरानी और जांच के बाद आरोपी तक पहुंचने में सफलता मिली। इसके बाद मिरगहनी पुल के पास सत्तिमाई मंदिर के नजदीक पुलिस टीम ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। इसी दौरान फायरिंग की घटना हुई और जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल हो गया।
फिलहाल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसे उपचार के लिए ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।
बांदा पुलिस की इस कार्रवाई के बाद अब जांच का अगला चरण आरोपी की फरारी के दौरान की गतिविधियों और नशा तस्करी से जुड़े संभावित नेटवर्क पर केंद्रित हो सकता है। पुलिस के सामने यह भी महत्वपूर्ण होगा कि आरोपी के फरार होने के मामले में सुरक्षा व्यवस्था और घटनाक्रम से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जाए।

