80वें स्वतंत्रता दिवस पर मुरादाबाद को बड़ी सौगात, गुरु जम्भेश्वर राज्य विश्वविद्यालय की घोषणा
रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद
मुरादाबाद: 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मुरादाबाद के पंचायत भवन सभागार में आयोजित समारोह में उत्तर प्रदेश के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान कल्याण और महिला सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने केंद्र की मोदी सरकार के 12 वर्षों और प्रदेश की योगी सरकार के करीब साढ़े नौ वर्षों के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है।
समारोह के दौरान मुरादाबाद मंडल के लिए ‘गुरु जम्भेश्वर जी महाराज’ के नाम पर राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किए जाने की जानकारी भी दी गई। इसे क्षेत्र में उच्च शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। वहीं, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने स्वतंत्रता के वास्तविक अर्थ, संविधान, भारतीय कानूनों और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में हो रहे बदलावों पर विस्तार से विचार रखे।
कार्यक्रम में मिशन शक्ति, किसानों के लिए निजी नलकूपों पर बिजली बिल में राहत, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार तथा वर्ष 2047 तक भारत को विकसित और आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने के संकल्प को प्रमुखता दी गई।
मुरादाबाद को मिला राज्य विश्वविद्यालय का तोहफा
कैबिनेट मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने कहा कि प्रदेश सरकार उच्च शिक्षा के विस्तार के लिए ‘एक मंडल-एक राज्य विश्वविद्यालय’ के लक्ष्य की दिशा में आगे बढ़ रही है। इसी क्रम में मुरादाबाद मंडल में गुरु जम्भेश्वर जी महाराज के नाम पर राज्य विश्वविद्यालय स्थापित किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पहले प्रदेश के सीमित मंडलों में ही सरकारी विश्वविद्यालयों की सुविधा उपलब्ध थी, लेकिन अब लगभग हर मंडल में उच्च शिक्षा के संस्थान विकसित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही उच्च शिक्षा के बेहतर अवसर मिलने की उम्मीद है।
विश्वविद्यालय की स्थापना से मुरादाबाद और आसपास के जिलों के विद्यार्थियों को शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भरता कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, उच्च शिक्षा के विस्तार से क्षेत्र में रोजगार और शैक्षणिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।
उत्तर प्रदेश को बताया देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था
समारोह में मंत्री भूपेंद्र सिंह चौधरी ने उत्तर प्रदेश की आर्थिक प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश आज देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन चुका है। उनके मुताबिक, पिछले वर्षों में बुनियादी ढांचे, उद्योग, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य क्षेत्रों में किए गए कार्यों से राज्य की विकास यात्रा को गति मिली है।
उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार के कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश के प्रत्येक क्षेत्र को आगे बढ़ाना है। इसके साथ ही एक्सप्रेसवे और बेहतर कनेक्टिविटी को आर्थिक गतिविधियों के विस्तार के लिए महत्वपूर्ण बताया गया।
मंत्री ने कहा कि प्रदेश के विभिन्न मंडलों और जिलों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है। शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने पर जोर दिया जा रहा है।
सभी जिलों में समान बिजली आपूर्ति का दावा
कैबिनेट मंत्री ने बिजली आपूर्ति के मुद्दे पर भी सरकार की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मुरादाबाद सहित प्रदेश के सभी 75 जिलों में बिना भेदभाव बिजली उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने पिछली सरकारों के दौरान कथित तौर पर कुछ जिलों को प्राथमिकता मिलने की व्यवस्था का जिक्र करते हुए इसे ‘वीआईपी कल्चर’ बताया। मंत्री के अनुसार, मौजूदा सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के सभी क्षेत्रों को समान रूप से विकास और सुविधाओं का लाभ मिले।
उन्होंने सरकार के ‘सबका साथ, सबका विकास’ के संकल्प का उल्लेख करते हुए कहा कि विकास का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचना चाहिए।
किसानों के निजी नलकूपों के बिजली बिल में राहत
किसानों के लिए प्रदेश सरकार की ओर से किए गए प्रयासों का उल्लेख करते हुए मंत्री ने निजी नलकूपों से जुड़े बिजली बिल में राहत की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों की सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले निजी नलकूपों का बिजली बिल शत-प्रतिशत माफ किया गया है।
सरकार के अनुसार, इस फैसले का उद्देश्य किसानों की सिंचाई लागत को कम करना और उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत करना है। खेती में सिंचाई की लागत महत्वपूर्ण होती है, इसलिए बिजली बिल में राहत मिलने से किसानों को आर्थिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
इसके साथ ही समारोह में किसानों की आय और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जाने की बात कही गई।
डीएम ने समझाया स्वतंत्रता और स्व-तंत्रता का अर्थ
मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने समारोह को संबोधित करते हुए स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान देने वाले सभी वीरों और शहीदों को नमन किया। उन्होंने कहा कि देश की आजादी लंबे संघर्ष और अनेक बलिदानों के बाद मिली।
उन्होंने ‘स्वाधीनता’ और ‘स्व-तंत्रता’ के बीच अंतर को समझाते हुए कहा कि स्वतंत्रता के बाद अब देश को अपने तंत्र और मूल्यों के आधार पर आगे बढ़ने की दिशा में काम करना है।
डीएम ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि इसमें भारतीय भाषाओं, संस्कृति और देश की आवश्यकताओं के अनुरूप शिक्षा को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। उन्होंने इसे देश की शिक्षा व्यवस्था को अपनी जरूरतों और मूल्यों के अनुरूप विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
नए भारतीय कानूनों का भी किया उल्लेख
जिलाधिकारी ने वर्ष 2024 में लागू हुए नए आपराधिक कानूनों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश काल के तीन प्रमुख आपराधिक कानूनों की जगह भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू किए गए हैं।
उन्होंने इन कानूनों को भारतीय न्याय व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में रेखांकित किया। उनके अनुसार, देश अपनी आवश्यकताओं और परिस्थितियों के अनुरूप संस्थागत व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
उन्होंने कहा कि ऐसे बदलावों का व्यापक उद्देश्य नागरिकों को बेहतर व्यवस्था उपलब्ध कराना और देश को 2047 तक विकसित तथा आत्मनिर्भर राष्ट्र बनाने की दिशा में आगे बढ़ना है।
महिला, युवा, किसान और गरीबों के विकास पर जोर
डॉ. पैंसिया ने प्रधानमंत्री की उस सोच का उल्लेख किया, जिसमें महिला, युवा, किसान और गरीब वर्ग के उत्थान को प्राथमिकता दी गई है। उन्होंने कहा कि इन चारों वर्गों के विकास के बिना देश की समग्र प्रगति संभव नहीं है।
उन्होंने मुख्यमंत्री की ‘मिशन शक्ति’ योजना का भी उल्लेख किया और महिला सुरक्षा के साथ नागरिकों तथा व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता की बात कही।
जिलाधिकारी ने युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों के जीवन से प्रेरणा लेने का संदेश दिया। इस दौरान उन्होंने ओडिशा के युवा शहीद बाजी राउत और शहीद खुदीराम बोस के बलिदान को याद किया।
समाज सेवा और इंसानियत का संदेश
समारोह में डॉ. राजेंद्र पैंसिया ने गोस्वामी तुलसीदास की प्रसिद्ध पंक्ति “परहित सरिस धर्म नहिं भाई, पर पीड़ा सम नहिं अधमाई” का उल्लेख करते हुए समाज सेवा और इंसानियत का संदेश दिया।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता दिवस केवल उत्सव मनाने का अवसर नहीं है, बल्कि देश और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को समझने का भी दिन है। नागरिकों को अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए समाज के कमजोर वर्गों की सहायता के लिए आगे आना चाहिए।
उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
जनप्रतिनिधि और अधिकारी रहे मौजूद
स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुरादाबाद शहर के विधायक रितेश गुप्ता, एमएलसी गोपाल अंजान, जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पैंसिया, एसएसपी सतपाल अंतिल, मुख्य विकास अधिकारी मृणाली अविनाश जोशी सहित अन्य जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम के दौरान प्रदेश और देश के विकास के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान कल्याण और महिला सुरक्षा को लेकर सरकार की योजनाओं पर चर्चा हुई।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
समारोह के अंत में वर्ष 2047 तक भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने का सामूहिक संकल्प लिया गया। वक्ताओं ने कहा कि विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए सरकार के साथ नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
कुल मिलाकर, मुरादाबाद में 80वें स्वतंत्रता दिवस का समारोह केवल राष्ट्रीय पर्व तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, किसान कल्याण, महिला सुरक्षा और आर्थिक विकास से जुड़े विषयों को प्रमुखता मिली। मुरादाबाद मंडल में गुरु जम्भेश्वर जी महाराज के नाम पर राज्य विश्वविद्यालय की घोषणा को क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण शैक्षिक पहल के रूप में देखा जा रहा है। वहीं, प्रदेश की अर्थव्यवस्था, किसानों के लिए बिजली राहत और 2047 के विकसित भारत के लक्ष्य को लेकर सरकार की प्राथमिकताओं को भी सामने रखा गया।

