अंडमान हनीमून में मारपीट का आरोप, पीरियड आने से नाराज पति पर महिला ने लगाया गला दबाने का आरोप
Digital UP News Desk
गोरखपुर: शादी के बाद अंडमान निकोबार में हनीमून मनाने गई गोरखपुर की एक महिला ने अपने पति पर गंभीर मारपीट और जान से मारने की कोशिश करने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पीरियड के दौरान तबीयत खराब होने और अधिक रक्तस्राव के कारण वह परेशान थी। इसी बात से पति कथित तौर पर नाराज हो गया और होटल के कमरे में उसके साथ मारपीट की। महिला ने आरोप लगाया कि पति ने उसका गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की। हालांकि, होटल कर्मचारियों के हस्तक्षेप के बाद स्थिति संभली और उसकी जान बच सकी।
महिला की शिकायत के आधार पर पुलिस ने अब इस मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत में पति के अलावा सास और ननद पर भी प्रताड़ना के आरोप लगाए गए हैं। एसएसपी के निर्देश के बाद शनिवार रात करीब नौ बजे रामगढ़ताल थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
30 मई 2023 को हुई थी शादी
शिकायतकर्ता महिला की उम्र करीब 28 वर्ष बताई गई है और वह रामगढ़ताल क्षेत्र की रहने वाली है। महिला के अनुसार, उसकी शादी 30 मई 2023 को दिल्ली के पटपड़गंज स्थित एक मैरिज लॉन में दिल्ली के गाजीपुर थाना क्षेत्र निवासी निखिल मिश्रा से हुई थी। इससे पहले 30 अप्रैल को गोरखपुर में गोदभराई की रस्म हुई थी।
महिला ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि शादी से पहले और शादी के दौरान ससुराल पक्ष की ओर से दहेज की मांग की गई थी। उसके पिता ने कथित तौर पर 20 लाख रुपये नकद, हुंडई वेन्यू कार समेत 40 लाख रुपये से अधिक का सामान दिया था।
महिला का आरोप है कि शादी के बाद भी ससुराल पक्ष का व्यवहार उसके प्रति ठीक नहीं रहा। हालांकि, इन सभी आरोपों की पुलिस जांच कर रही है और मामले में लगाए गए आरोपों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।
अंडमान निकोबार में बिगड़ी स्थिति
महिला के मुताबिक, शादी के कुछ समय बाद उसका पति उसे हनीमून के लिए अंडमान निकोबार ले गया। यह यात्रा 4 जुलाई से 12 जुलाई 2023 के बीच बताई गई है। महिला का कहना है कि इसी दौरान उसे पीरियड आ गया और तेज दर्द के साथ अधिक रक्तस्राव होने लगा।
शिकायत के अनुसार, तबीयत खराब होने के कारण महिला भावुक होकर रोने लगी। आरोप है कि उसके रोने से पति नाराज हो गया और उसने होटल के कमरे में महिला के साथ कथित तौर पर लात-घूंसों और थप्पड़ों से मारपीट की। महिला ने आगे आरोप लगाया कि विवाद बढ़ने पर पति ने उसका गला दबाने की कोशिश की।
महिला के अनुसार, इसी दौरान होटल के कर्मचारियों ने कमरे का दरवाजा खटखटाया। कर्मचारियों की मौजूदगी का पता चलने के बाद कथित तौर पर पति ने उसे छोड़ दिया। महिला का दावा है कि होटल कर्मचारियों के हस्तक्षेप से स्थिति और गंभीर होने से बच गई।
इस घटना को लेकर महिला ने पुलिस से कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, अंडमान निकोबार में हुई घटना से जुड़े आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल सामने नहीं आई है। पुलिस अब शिकायत में बताए गए घटनाक्रम और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर जांच करेगी।
दिल्ली लौटने के बाद भी प्रताड़ना का आरोप
महिला का कहना है कि अंडमान निकोबार से दिल्ली लौटने के बाद भी वैवाहिक विवाद खत्म नहीं हुआ। उसने अपनी सास संजू मिश्रा और ननद नेहा पांडेय पर भी कथित तौर पर प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है।
शिकायत के मुताबिक, शादी के कुछ ही समय बाद 14 जुलाई को महिला को ससुराल से निकाल दिया गया। महिला ने इसे लेकर लंबे समय तक कार्रवाई की कोशिश की। उसका कहना है कि उसने करीब तीन साल तक संबंधित थाने के चक्कर लगाए, लेकिन उसे अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। इसके बाद उसने वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से शिकायत की।
महिला की शिकायत एसएसपी तक पहुंचने के बाद मामले में कार्रवाई के निर्देश दिए गए। इसके बाद रामगढ़ताल थाने में पति निखिल मिश्रा, सास संजू मिश्रा और ननद नेहा पांडेय के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई।
पुलिस ने शुरू की मामले की जांच
रामगढ़ताल थाना प्रभारी श्यामा नंद राय के अनुसार, महिला की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जांच के दौरान पुलिस घटना से संबंधित दस्तावेज, मेडिकल रिकॉर्ड, होटल से जुड़े उपलब्ध साक्ष्य और अन्य जरूरी जानकारी जुटा सकती है। इसके अलावा शिकायतकर्ता और नामजद लोगों के बयान भी दर्ज किए जा सकते हैं। यदि जांच में आरोपों की पुष्टि होती है तो कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
करीब तीन साल बाद दर्ज हुआ मुकदमा
इस मामले की खास बात यह है कि कथित घटनाओं के करीब तीन साल बाद प्राथमिकी दर्ज हुई है। महिला ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से कार्रवाई के लिए प्रयास कर रही थी। अब एसएसपी के निर्देश के बाद मुकदमा दर्ज होने से मामले की औपचारिक जांच शुरू हो गई है।
हालांकि, किसी भी आपराधिक मामले में प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने से पहले अंतिम सत्य नहीं माना जा सकता। इसलिए इस मामले में भी पुलिस की जांच और उपलब्ध साक्ष्यों का महत्व काफी अधिक है।
महिला ने न्याय की मांग की
महिला ने अपनी शिकायत के माध्यम से पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उसका आरोप है कि शादी के बाद उसे मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान किया गया। वहीं, हनीमून के दौरान हुई कथित घटना को उसने अपने जीवन का गंभीर अनुभव बताया है।
फिलहाल पुलिस ने मामले को दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। ऐसे मामलों में पुलिस की जांच के साथ-साथ दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध दस्तावेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस पूरे मामले ने शादी के बाद घरेलू विवाद, दहेज संबंधी आरोप और वैवाहिक संबंधों में उत्पन्न होने वाले विवादों को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। हालांकि, मामले में अभी जांच जारी है और आरोपों पर अंतिम निष्कर्ष जांच तथा न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही सामने आएगा।

