मुरादाबाद हाईवे पर कांवड़ियों के लिए रखा गया भंडारा, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने बांटा प्रसाद

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रिपोर्ट – मोहम्मद अरशद 

मुरादाबाद: सावन के पावन महीने में कांवड़ यात्रा को देखते हुए मुरादाबाद में पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों की ओर से कांवड़ियों के लिए भंडारे का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय राजमार्ग के पास रोडवेज पुलिस चौकी क्षेत्र में आयोजित इस भंडारे में कांवड़ लेकर गुजर रहे श्रद्धालुओं के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ क्षेत्र के लोगों ने भी सेवा भाव से कांवड़ियों को प्रसाद वितरित किया।

सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर कांवड़ यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में कांवड़िए विभिन्न मार्गों से होकर अपने गंतव्य की ओर जा रहे हैं। ऐसे में रास्ते में उनके लिए पेयजल, भोजन और विश्राम जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए जगह-जगह सामाजिक संगठनों, स्थानीय नागरिकों और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाएं की जा रही हैं।

रोडवेज पुलिस चौकी के पास आयोजित हुआ भंडारा

मुरादाबाद हाईवे पर थाना गलशहीद क्षेत्र में कांवड़ियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए भंडारे का आयोजन किया गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की सहभागिता से आयोजित इस कार्यक्रम में हाईवे से गुजर रहे कांवड़ियों को प्रसाद और भोजन उपलब्ध कराया गया।

बताया गया कि थाना गलशहीद क्षेत्र के प्रभारी पवन कुमार और क्षेत्रवासियों के सहयोग से यह व्यवस्था की गई। कांवड़ लेकर जा रहे श्रद्धालुओं को भंडारे में प्रसाद दिया गया। साथ ही, उन्हें रास्ते में किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए सेवा में लगे लोगों ने श्रद्धालुओं की आवश्यकताओं का भी ध्यान रखा।

भंडारे के दौरान पुलिसकर्मी भी व्यवस्था संभालते नजर आए। पुलिस की मौजूदगी से हाईवे पर यातायात और श्रद्धालुओं की आवाजाही को व्यवस्थित बनाए रखने में भी मदद मिली।

कांवड़ियों की सेवा में आगे आए स्थानीय लोग

सावन के दौरान कांवड़ यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल होते हैं। ऐसे में रास्ते में सेवा शिविर और भंडारे श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी साबित होते हैं। मुरादाबाद में भी स्थानीय लोगों ने पुलिसकर्मियों के साथ मिलकर कांवड़ियों के लिए भोजन और प्रसाद की व्यवस्था की।

स्थानीय लोगों का कहना है कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सेवा करना धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक सहयोग की भावना को भी मजबूत करता है। इसलिए, क्षेत्र के लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर भंडारे की व्यवस्था में सहयोग किया।

भंडारे में कांवड़ियों को प्रसाद वितरित किया गया। हाईवे से गुजर रहे श्रद्धालुओं ने भी इस सेवा के लिए आयोजकों का आभार जताया। इस दौरान सेवा में लगे लोगों ने श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान सावधानी बरतने और निर्धारित मार्गों का पालन करने की अपील भी की।

सावन के तीसरे सोमवार को लेकर विशेष तैयारियां

सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ ही कांवड़ यात्रा भी जारी है। कांवड़िए पवित्र नदियों से जल लेकर अपने-अपने क्षेत्रों की ओर लौट रहे हैं। इसके मद्देनजर हाईवे और प्रमुख मार्गों पर प्रशासन तथा पुलिस की ओर से सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

इसी क्रम में कांवड़ियों की सुविधा के लिए जगह-जगह भंडारे और सेवा शिविर लगाए जा रहे हैं। मुरादाबाद हाईवे पर आयोजित भंडारा भी इसी व्यवस्था का हिस्सा रहा। यहां पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों ने मिलकर श्रद्धालुओं को भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया।

इसके अलावा, कांवड़ यात्रा के दौरान यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण होता है। हाईवे पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के कारण वाहन चालकों को भी सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।

पुलिस और नागरिकों के सहयोग से सेवा

भंडारे के आयोजन में पुलिसकर्मियों के साथ स्थानीय नागरिकों की भागीदारी रही। थाना गलशहीद क्षेत्र के प्रभारी पवन कुमार के माध्यम से आयोजित इस सेवा कार्यक्रम में क्षेत्रवासियों ने भी सहयोग किया।

पुलिस और आम नागरिकों के बीच इस तरह का सहयोग सामाजिक समन्वय का उदाहरण माना जा सकता है। सार्वजनिक आयोजनों के दौरान जब स्थानीय लोग प्रशासन के साथ मिलकर व्यवस्था में सहयोग करते हैं, तो इससे कार्यक्रम को सुचारु रूप से संचालित करने में मदद मिलती है।

मुरादाबाद हाईवे पर भी पुलिसकर्मियों ने कांवड़ियों की सुविधा के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर ध्यान दिया। वहीं, स्थानीय लोगों ने भंडारे की व्यवस्था संभालते हुए श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया।

कांवड़ यात्रा में सेवा की परंपरा

कांवड़ यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर श्रद्धालुओं के लिए भंडारे आयोजित करने की परंपरा रही है। इन भंडारों में कांवड़ियों को भोजन, फल, पेयजल और अन्य आवश्यक सामग्री उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा, कई स्थानों पर विश्राम और प्राथमिक सहायता की व्यवस्था भी की जाती है।

मुरादाबाद में आयोजित भंडारे में भी इसी सेवा भावना की झलक देखने को मिली। हाईवे से गुजरने वाले कांवड़ियों को भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराया गया। इससे लंबी दूरी की यात्रा कर रहे श्रद्धालुओं को कुछ समय के लिए राहत मिली।

सावन के दौरान धार्मिक यात्राओं में शामिल लोगों की संख्या बढ़ने के कारण ऐसे सेवा कार्यक्रमों की उपयोगिता भी बढ़ जाती है। हालांकि, इसके साथ ही आयोजकों के लिए यह जरूरी होता है कि सड़क और यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो तथा श्रद्धालुओं की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाए।

एसपी सिटी रणविजय सिंह ने दी जानकारी

कार्यक्रम के संबंध में मुरादाबाद के एसपी सिटी रणविजय सिंह ने भी जानकारी दी। उन्होंने कांवड़ यात्रा के दौरान पुलिस और स्थानीय लोगों की ओर से किए जा रहे सहयोग की जानकारी साझा की।

पुलिस प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराना है। इसके लिए प्रमुख मार्गों पर पुलिस बल की तैनाती के साथ-साथ यातायात व्यवस्था पर भी नजर रखी जा रही है।

वहीं, स्थानीय स्तर पर आयोजित भंडारे श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहयोग कर रहे हैं। पुलिस और नागरिकों की संयुक्त भागीदारी से सेवा कार्य को व्यवस्थित तरीके से संचालित किया गया।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधा और सुरक्षा पर जोर

कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ उनकी सुरक्षा भी महत्वपूर्ण है। विशेषकर हाईवे जैसे व्यस्त मार्गों पर पैदल चलने वाले कांवड़ियों और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखना जरूरी होता है। इसलिए पुलिस की मौजूदगी और स्थानीय नागरिकों का सहयोग महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

मुरादाबाद में आयोजित भंडारे के दौरान भी श्रद्धालुओं की सुविधा का ध्यान रखा गया। कांवड़ियों को भोजन और प्रसाद उपलब्ध कराने के साथ ही हाईवे पर व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया गया।

कुल मिलाकर, सावन के तीसरे सोमवार के अवसर पर मुरादाबाद हाईवे स्थित रोडवेज पुलिस चौकी क्षेत्र में आयोजित भंडारा सेवा और सामाजिक सहयोग का उदाहरण रहा। थाना गलशहीद प्रभारी पवन कुमार, पुलिसकर्मियों और स्थानीय लोगों के सहयोग से कांवड़ियों के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के साथ-साथ हाईवे की व्यवस्था पर भी ध्यान दिया गया। ऐसे आयोजनों से धार्मिक यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को आवश्यक सुविधाएं मिलती हैं और स्थानीय स्तर पर सहयोग की भावना भी मजबूत होती है।

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