सीएम योगी ने रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती पर किया नमन, बताया स्वतंत्रता संग्राम का अहम योद्धा
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लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धापूर्वक नमन किया। लखनऊ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रानी अवंती बाई लोधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में रानी अवंती बाई लोधी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उनके साहस, संघर्ष और देश के प्रति समर्पण को हमेशा याद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने अपने समय में देश और समाज के लिए जिस प्रतिबद्धता के साथ संघर्ष किया, वह आज भी प्रेरणा देती है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता आंदोलन के इतिहास में अनेक ऐसे वीर-वीरांगनाओं का योगदान रहा है, जिन्होंने देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित किया। रानी अवंती बाई लोधी भी उन्हीं महान व्यक्तित्वों में शामिल हैं।
रानी अवंती बाई लोधी को मुख्यमंत्री ने किया नमन
रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इसके साथ ही उन्होंने उनके जीवन और संघर्ष को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। मुख्यमंत्री ने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी का जीवन देशभक्ति, साहस और त्याग का प्रतीक है।
उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी ने देश की स्वतंत्रता के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके संघर्ष को नई पीढ़ी तक पहुंचाना समाज की जिम्मेदारी है। साथ ही, ऐसे महान स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन से युवाओं को प्रेरणा लेने की आवश्यकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत का स्वतंत्रता संग्राम केवल कुछ चुनिंदा लोगों के प्रयासों का परिणाम नहीं था, बल्कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने इसमें योगदान दिया। इसलिए, स्वतंत्रता आंदोलन के व्यापक इतिहास को समझना और उसमें योगदान देने वाले सभी महान व्यक्तित्वों को सम्मान देना आवश्यक है।
आजादी के संघर्ष में अहम योगदान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रानी अवंती बाई लोधी के योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने अपने समय में देशहित को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका जीवन संघर्ष और राष्ट्रभक्ति का उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी की वीरता आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम के दौरान देश के अनेक हिस्सों में लोगों ने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष किया। इन संघर्षों में महिलाओं की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही। रानी अवंती बाई लोधी का नाम इसी गौरवशाली परंपरा में सम्मान के साथ लिया जाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के लिए किए गए संघर्ष को केवल इतिहास की किताबों तक सीमित नहीं रखना चाहिए। बल्कि, युवाओं को स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन और उनके मूल्यों से परिचित कराना चाहिए। इससे उनमें राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी, सामाजिक समरसता और देशसेवा की भावना मजबूत होगी।
महिला शक्ति को लेकर सरकार की पहल
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला सशक्तीकरण से जुड़े विषयों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में महिलाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। विशेष रूप से पुलिस बल में बेटियों की संख्या में वृद्धि हुई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले पुलिस विभाग में महिलाओं की संख्या अपेक्षाकृत कम थी, लेकिन अब स्थिति में बदलाव देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में बेटियां पुलिस सेवा में शामिल होकर अपनी जिम्मेदारियां निभा रही हैं। यह महिला सशक्तीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव है।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को समान अवसर उपलब्ध कराने से समाज और प्रशासन दोनों मजबूत होते हैं। इसलिए, शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और प्रशासनिक सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना आवश्यक है। सरकार की विभिन्न योजनाओं और प्रयासों का उद्देश्य भी महिलाओं को आगे बढ़ने के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
बेटियों की बढ़ती भागीदारी को बताया सकारात्मक बदलाव
मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस बल में बेटियों की बढ़ती संख्या केवल आंकड़ों में बदलाव नहीं है, बल्कि यह समाज में बदलती सोच का भी संकेत है। महिलाएं अब कानून-व्यवस्था, प्रशासन और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाल रही हैं।
उन्होंने कहा कि बेटियों को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित और समान अवसर मिलना जरूरी है। इसके साथ ही परिवार और समाज की भूमिका भी महत्वपूर्ण है। जब बेटियों को शिक्षा और आगे बढ़ने का अवसर मिलता है, तो वे विभिन्न क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करती हैं।
मुख्यमंत्री ने रानी अवंती बाई लोधी के जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि भारतीय इतिहास में महिलाओं ने हमेशा महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि वीरांगनाओं के योगदान को याद करना वर्तमान पीढ़ी के लिए प्रेरणादायक है। इससे महिलाओं में आत्मविश्वास बढ़ता है और समाज में उनके योगदान को लेकर सकारात्मक दृष्टिकोण मजबूत होता है।
नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर जोर
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश के महान व्यक्तित्वों के जीवन से नई पीढ़ी को परिचित कराना जरूरी है। रानी अवंती बाई लोधी जैसी वीरांगनाओं के संघर्ष की जानकारी युवाओं तक पहुंचने से उनमें देश और समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होगी।
उन्होंने कहा कि इतिहास केवल अतीत की घटनाओं का संग्रह नहीं है, बल्कि वह वर्तमान और भविष्य के लिए प्रेरणा भी देता है। स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और संघर्ष को याद करने से नागरिकों में राष्ट्र के प्रति कर्तव्यबोध मजबूत होता है।
इसके साथ ही, मुख्यमंत्री ने सामाजिक एकता और राष्ट्र निर्माण की भावना को आगे बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि देश की प्रगति के लिए समाज के सभी वर्गों की भागीदारी जरूरी है। महिलाओं और युवाओं को आगे बढ़ने के अवसर मिलने से विकास की प्रक्रिया और मजबूत होती है।
रानी अवंती बाई लोधी की जयंती पर श्रद्धांजलि
रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम इसी सम्मान और स्मरण की परंपरा का हिस्सा रहा। मुख्यमंत्री ने उन्हें नमन करते हुए उनके योगदान को याद किया और कहा कि देश की आजादी के संघर्ष में उनका अहम योगदान रहा है।
कार्यक्रम में रानी अवंती बाई लोधी के जीवन, संघर्ष और देशभक्ति को याद किया गया। इस अवसर पर उनके आदर्शों को आगे बढ़ाने और नई पीढ़ी को उनके योगदान से परिचित कराने का संदेश भी दिया गया।
कुल मिलाकर, लखनऊ में रानी अवंती बाई लोधी की 196वीं जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि रानी अवंती बाई लोधी का जीवन देशभक्ति और साहस की प्रेरणा देता है। साथ ही, पुलिस बल में बेटियों की बढ़ती संख्या को महिला सशक्तीकरण की दिशा में सकारात्मक बदलाव बताया। इस अवसर पर स्वतंत्रता संग्राम के योगदान को याद करने के साथ ही महिलाओं की बढ़ती भागीदारी और नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ने पर भी जोर दिया गया।

