शाइस्ता परवीन की तलाश क्यों बनी पहेली? बेटे अबान की मौत के बाद फिर चर्चा में आया अतीक परिवार
Digital UP News Desk
प्रयागराज के माफिया अतीक अहमद की पत्नी शाइस्ता परवीन एक बार फिर चर्चा के केंद्र में हैं। उनके सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत के बाद परिवार के लोग कसारी-मसारी कब्रिस्तान पहुंचे, लेकिन शाइस्ता परवीन वहां दिखाई नहीं दीं। इसके बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावे और वीडियो सामने आने लगे। कब्रिस्तान में मौजूद बुर्कानशीं महिलाओं के वीडियो भी प्रसारित हुए और कई लोगों ने उनमें शाइस्ता को तलाशने की कोशिश की। हालांकि, उनकी मौजूदगी की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई।
शाइस्ता परवीन लंबे समय से उत्तर प्रदेश पुलिस और अन्य जांच एजेंसियों की तलाश में हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, वह उमेश पाल हत्याकांड से जुड़े मामले में वांछित हैं। उनके खिलाफ इनाम भी घोषित है। यही वजह है कि अतीक परिवार से जुड़ी किसी भी घटना के दौरान सबसे बड़ा सवाल यही रहता है कि शाइस्ता परवीन आखिर कहां हैं।
बेटे की मौत के बाद फिर उठे सवाल
अबान की सड़क हादसे में मौत के बाद अतीक परिवार के कई सदस्य अंतिम संस्कार में पहुंचे। अतीक के बेटे उमर और अली जेल से आए। परिवार के अन्य लोगों ने भी कसारी-मसारी कब्रिस्तान में अंतिम संस्कार में हिस्सा लिया। लेकिन शाइस्ता परवीन वहां नजर नहीं आईं।
इससे पहले भी अतीक अहमद, अशरफ और असद की मौत के बाद शाइस्ता की मौजूदगी को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। असद की मौत के बाद उसका शव कसारी-मसारी कब्रिस्तान लाया गया था। उस समय भी पुलिस और जांच एजेंसियां शाइस्ता की तलाश में थीं। बाद में अतीक और अशरफ की मौत के बाद भी यही स्थिति रही।
हालांकि, सोशल मीडिया पर कई बार शाइस्ता के अंतिम संस्कार में पहुंचने के दावे किए गए, लेकिन उनकी मौजूदगी की स्पष्ट और आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई। इसलिए ऐसे दावों को तथ्य मानने के बजाय सावधानी से देखना जरूरी है।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद फरार होने का दावा
24 फरवरी 2023 को प्रयागराज में उमेश पाल और उनके सुरक्षा कर्मियों की हत्या हुई थी। इस मामले की जांच में अतीक अहमद के परिवार और उसके करीबियों के नाम सामने आए। पुलिस के मुताबिक, शाइस्ता परवीन पर भी इस मामले की साजिश और आरोपियों की मदद से जुड़े आरोप लगाए गए।
उमेश पाल हत्याकांड के बाद शाइस्ता परवीन के फरार होने की बात सामने आई। पुलिस ने उनकी तलाश के लिए अलग-अलग स्थानों पर अभियान चलाया। रिपोर्टों के अनुसार, उनकी संभावित लोकेशन प्रयागराज के हटवा गांव के अलावा दूसरे राज्यों में भी मिलने की बात कही गई थी। हालांकि, किसी भी स्थान से उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
इसी तरह अतीक के भाई अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा और अतीक की बहन आयशा नूरी भी पुलिस की तलाश में हैं। तीनों महिलाओं के खिलाफ अलग-अलग मामलों में कार्रवाई चल रही है और पुलिस रिकॉर्ड में उन्हें फरार बताया गया है।
आठ राज्यों तक पहुंची तलाश
शाइस्ता और जैनब की तलाश को लेकर उत्तर प्रदेश पुलिस ने दूसरे राज्यों की पुलिस से भी संपर्क किया था। दिल्ली समेत कुछ प्रमुख एयरपोर्ट पर भी उनकी जानकारी और तस्वीरें साझा किए जाने की बात सामने आई थी। इसके अलावा लुक आउट नोटिस जारी किए जाने की जानकारी भी सामने आई।
पुलिस के अनुसार, शाइस्ता परवीन पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है, जबकि जैनब फातिमा और आयशा नूरी पर 25-25 हजार रुपये का इनाम बताया गया है। शाइस्ता की तलाश में पुलिस के साथ एसटीएफ और स्थानीय खुफिया इकाइयों की भूमिका भी रही है। इसके अलावा प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी से जुड़ी जांच में भी उनका नाम सामने आया है।
हालांकि, लंबे समय तक तलाश के बावजूद शाइस्ता की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। यही कारण है कि उनकी लोकेशन को लेकर समय-समय पर तरह-तरह की चर्चाएं सामने आती रही हैं।
बीमारी की चर्चाओं ने भी बढ़ाया रहस्य
शाइस्ता परवीन के लंबे समय से सामने नहीं आने के बीच उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर भी कई तरह की बातें सामने आईं। कुछ रिपोर्टों और चर्चाओं में उनके गंभीर रूप से बीमार होने तथा ब्रेन हैमरेज जैसी बातें कही गईं। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र और आधिकारिक पुष्टि के बिना इन्हें तथ्य के तौर पर स्वीकार करना उचित नहीं है।
इसी तरह यह चर्चा भी होती रही कि परिवार के कई सदस्यों की मौत और अन्य लोगों के जेल में होने के बाद पुलिस का महिलाओं के प्रति रुख बदल गया। लेकिन किसी भी मामले में कार्रवाई कानून और न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही तय होती है।
जैनब फातिमा भी लंबे समय से फरार
अशरफ की पत्नी जैनब फातिमा का नाम भी उमेश पाल हत्याकांड की जांच के दौरान सामने आया था। रिपोर्टों के मुताबिक, वह शुरुआत में प्रयागराज में सक्रिय थीं और परिवार के मामलों में कानूनी पैरवी करती थीं। बाद में उनके खिलाफ भी कार्रवाई तेज हुई और वह पुलिस की नजरों से दूर हो गईं।
पुलिस ने हटवा समेत कई इलाकों में तलाशी अभियान चलाया। कुछ मौकों पर ड्रोन की मदद से भी निगरानी किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बावजूद जैनब की गिरफ्तारी नहीं हो सकी।
वहीं, अतीक की बहन आयशा नूरी का नाम भी इस मामले में सामने आया। परिवार की ओर से समय-समय पर पुलिस और सरकार की कार्रवाई को लेकर आरोप लगाए जाते रहे हैं। दूसरी ओर, जांच एजेंसियां अपने मामलों में उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी प्रक्रिया के आधार पर आगे बढ़ती रही हैं।
अतीक परिवार की संपत्तियों पर भी हुई कार्रवाई
अतीक अहमद और उसके परिवार से जुड़े मामलों में पुलिस और प्रशासन की ओर से संपत्तियों पर भी कार्रवाई की गई। परिवार और करीबियों से जुड़ी कई संपत्तियों को लेकर जांच हुई और कुछ निर्माणों पर प्रशासनिक कार्रवाई की गई।
शाइस्ता परवीन के नाम दर्ज संपत्तियों को लेकर भी कार्रवाई की जानकारी सामने आई है। वहीं, जैनब फातिमा और उनके परिवार से जुड़ी संपत्तियों पर भी कार्रवाई किए जाने की बात रिपोर्टों में कही गई है।
हालांकि, संपत्ति से जुड़े मामलों में अंतिम स्थिति संबंधित जांच, दस्तावेजों और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही तय होती है। इसलिए आरोप और अंतिम कानूनी निष्कर्ष के बीच अंतर समझना जरूरी है।
परिवार बिखरने के बाद भी शाइस्ता की तलाश जारी
अतीक अहमद की मौत के बाद परिवार की स्थिति पूरी तरह बदल गई। अतीक का बड़ा बेटा उमर जेल में है, जबकि दूसरा बेटा अली भी जेल में बंद है। तीसरे बेटे असद की 2023 में पुलिस मुठभेड़ में मौत हुई थी। अब सबसे छोटे बेटे अबान की सड़क हादसे में मौत हो गई।
परिवार के इन लगातार बदलते हालात के बीच शाइस्ता परवीन का लंबे समय तक सामने नहीं आना इस कहानी को और रहस्यमय बनाता है। हर बार जब परिवार का कोई सदस्य सार्वजनिक रूप से सामने आता है, लोगों की निगाहें शाइस्ता को तलाशने लगती हैं।
अबान के अंतिम संस्कार के दौरान भी यही हुआ। कब्रिस्तान में मौजूद महिलाओं के बीच शाइस्ता की तलाश की गई और सोशल मीडिया पर कई दावे किए गए। लेकिन उनकी वास्तविक मौजूदगी की पुष्टि नहीं हो सकी।
फिलहाल शाइस्ता परवीन की लोकेशन को लेकर आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट जानकारी सार्वजनिक नहीं है। वह पुलिस के रिकॉर्ड में वांछित हैं और उनके खिलाफ कानूनी प्रक्रिया जारी है। ऐसे में सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों के बजाय पुलिस और अदालत से सामने आने वाली आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करना ही उचित होगा।
अतीक परिवार की कहानी में अब एक और दुखद अध्याय जुड़ गया है। लेकिन अबान की मौत के बाद उठे सवालों ने एक बार फिर सबसे बड़े सवाल को सामने ला दिया है—शाइस्ता परवीन आखिर कहां हैं? इस सवाल का जवाब तभी स्पष्ट होगा, जब जांच एजेंसियां उनकी सही लोकेशन तक पहुंचेंगी या वह खुद सार्वजनिक रूप से सामने आएंगी।

