नोएडा में पिता की हत्या के बाद 16 वर्षीय किशोर ने की आत्महत्या, पत्नी ने नहीं लिया पति का शव
Digital UP News Desk
नोएडा: सेक्टर-121 स्थित गढ़ी चौखंडी में पिता की हत्या और उसके बाद 16 वर्षीय किशोर की आत्महत्या की घटना ने इलाके को स्तब्ध कर दिया है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किशोर ने कथित तौर पर घर में सो रहे अपने पिता पर हमला किया था। घटना के बाद वह घर से निकला और सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पहुंचा, जहां उसने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। पुलिस ने दोनों घटनाओं की जांच शुरू कर दी है।
घटना के बाद किशोर अमृत का शव उसकी मां लेकर गई, जबकि उसके पिता राजू शर्मा का शव पोस्टमॉर्टम के बाद लेने के लिए मां नहीं पहुंची। पुलिस के अनुसार, शव सौंपने के लिए महिला से कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उसने फोन रिसीव नहीं किया। इसके बाद पुलिस ने मृतक राजू शर्मा के भाई को बुलाकर शव सौंपा। परिजनों की मौजूदगी में उनका अंतिम संस्कार कराया गया।
घर में पिता-पुत्र के बीच विवाद की बात आई सामने
पुलिस जांच में पता चला है कि राजू शर्मा मूलरूप से झारखंड के बोकारो स्टील सिटी के रहने वाले थे। वह पहले नोएडा के सेक्टर-73 स्थित एक सोसायटी में रहते थे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, वहां रहने के दौरान भी पिता और बेटे के बीच कई बार विवाद होने की बात सामने आई थी।
स्थानीय लोगों ने पुलिस को बताया कि राजू का व्यवहार काफी सख्त था। वह अपने बेटे की गतिविधियों को लेकर बेहद सतर्क रहते थे और उसे घर से बाहर जाने की अनुमति कम ही देते थे। बताया गया है कि जब राजू ट्यूशन पढ़ाने के लिए बाहर जाते थे तो कभी-कभी घर को बाहर से लॉक कर देते थे और अमृत घर के अंदर अकेला रहता था।
इस संबंध में मकान मालिक ने भी राजू से बातचीत की थी। उस दौरान राजू ने बताया था कि उनका बेटा 11वीं कक्षा में पढ़ता है। उन्होंने यह भी बताया था कि उनकी पत्नी वर्ष 2021 से उनसे अलग रह रही हैं। पुलिस अब पारिवारिक परिस्थितियों और पिता-पुत्र के संबंधों से जुड़े पहलुओं की भी जानकारी जुटा रही है।
रिश्तेदारों से भी सीमित संपर्क
स्थानीय लोगों के अनुसार, राजू शर्मा का अपने रिश्तेदारों से भी ज्यादा संपर्क नहीं था। उनके व्यवहार और पारिवारिक परिस्थितियों को लेकर आसपास के लोगों में पहले से चर्चा थी। हालांकि, पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि पिता-पुत्र के बीच विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना से पहले उनके बीच किस तरह की परिस्थितियां बनी थीं।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, केवल स्थानीय लोगों की बातों के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। इसलिए घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अन्य संबंधित लोगों से जानकारी जुटा रही है।
रात के समय हुई घटना
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, घटना रात से सुबह के बीच हुई। पुलिस को आशंका है कि इसी दौरान अमृत ने अपने पिता पर हमला किया। गंभीर चोट लगने के कारण राजू शर्मा की मौत हो गई। इसके बाद किशोर घर से बाहर निकला।
बताया गया है कि घर से निकलते समय उसके पास एक बैग था। वह सेक्टर-52 मेट्रो स्टेशन पहुंचा और कुछ समय बाद ट्रेन के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने दोनों स्थानों पर पहुंचकर जांच की और आवश्यक कार्रवाई शुरू की।
पुलिस ने मामले में घटनास्थल से उपलब्ध साक्ष्यों को सुरक्षित किया है। साथ ही, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किशोर घटना के बाद किस रास्ते से मेट्रो स्टेशन तक पहुंचा। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी जांच का हिस्सा है।
मां ने नहीं लिया पति का शव
इस घटना का एक भावुक पहलू यह भी रहा कि किशोर अमृत का शव उसकी मां अपने साथ ले गई, लेकिन राजू शर्मा का शव लेने के लिए वह अस्पताल नहीं पहुंची। पुलिस ने बताया कि शव सौंपने के लिए महिला को पांच से अधिक बार फोन किया गया, लेकिन फोन का जवाब नहीं मिला।
इसके बाद पुलिस ने राजू के भाई से संपर्क किया और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव उन्हें सौंप दिया। परिजनों ने अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। पुलिस अब परिवार की पृष्ठभूमि और अलग रह रही पत्नी से जुड़े तथ्यों की भी जांच कर रही है, ताकि पूरे घटनाक्रम को समझा जा सके।
पुलिस कई पहलुओं पर कर रही जांच
नोएडा पुलिस इस पूरे मामले को केवल एक घटना के तौर पर नहीं, बल्कि उसके पीछे की परिस्थितियों को समझने के लिए भी जांच रही है। पुलिस यह जानने का प्रयास कर रही है कि पिता-पुत्र के बीच पहले किस तरह के विवाद होते थे, परिवार में लंबे समय से क्या परिस्थितियां थीं और घटना से पहले कोई ऐसी बात हुई थी या नहीं, जिससे स्थिति अचानक गंभीर हो गई।
इसके अलावा, किशोर के स्कूल, दोस्तों और आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटाई जा सकती है। पुलिस यह भी देख रही है कि उसके व्यवहार या दिनचर्या में हाल के दिनों में कोई असामान्य बदलाव तो नहीं आया था।
फिलहाल पुलिस की जांच जारी है और किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी तथ्यों की पुष्टि की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों और बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
परिवार और समाज के लिए गंभीर सवाल
यह घटना परिवार के भीतर संवाद और बच्चों की भावनात्मक स्थिति को समझने की जरूरत को भी सामने लाती है। किशोरावस्था में बच्चों के व्यवहार, पढ़ाई, पारिवारिक संबंधों और मानसिक दबाव में बदलाव दिखाई दे सकते हैं। ऐसे समय में अभिभावकों के साथ-साथ शिक्षकों और करीबी लोगों की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो जाती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी परिवार में लगातार तनाव, अत्यधिक नियंत्रण या संवाद की कमी होने पर स्थिति को गंभीरता से लेना चाहिए। यदि किसी किशोर के व्यवहार में अचानक बदलाव दिखाई दे, वह बहुत परेशान या अलग-थलग नजर आए अथवा किसी संकट के संकेत दे, तो उसके साथ शांतिपूर्वक बातचीत करना और जरूरत पड़ने पर किसी योग्य पेशेवर की मदद लेना जरूरी है।
नोएडा की इस घटना में पुलिस की जांच से ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि आखिर पिता-पुत्र के बीच क्या परिस्थितियां थीं और घटना के पीछे वास्तविक कारण क्या रहा। फिलहाल पुलिस सभी संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।

