औरैया में पुलिस चौकी के बगल मंदिर में चोरी, रात्रि गश्त पर उठे सवाल
रिपोर्ट- अंजुमन तिवारी
औरैया। उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में पुलिस की रात्रि गश्त और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े करने वाली घटना सामने आई है। सदर कोतवाली क्षेत्र में इंडियन ऑयल पुलिस चौकी के ठीक बगल स्थित श्री वीर विजय हनुमान मंदिर में अज्ञात चोरों ने ताला और कुंडा तोड़कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पुलिस चौकी से महज कुछ कदम की दूरी पर हुई इस घटना के बाद मंदिर से जुड़े लोगों के साथ-साथ आसपास के स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है।
घटना की जानकारी रविवार सुबह उस समय हुई, जब मंदिर की देखरेख करने वाले राम मनोहर पांडे, जिन्हें मंदिर में पंडितजी के नाम से भी जाना जाता है, पूजा-अर्चना और मंदिर खोलने के लिए पहुंचे। मंदिर के गेट के पास पहुंचने पर उन्हें वहां का कुंडा टूटा हुआ दिखाई दिया। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी मंदिर से जुड़े अन्य लोगों को दी। जब मंदिर के अंदर जाकर स्थिति देखी गई तो वहां से चांदी का मुकुट और दानपात्र गायब मिला।
सुबह मंदिर पहुंचने पर सामने आई चोरी
जानकारी के मुताबिक, रोज की तरह मंदिर की देखरेख करने वाले राम मनोहर पांडे सुबह मंदिर खोलने पहुंचे थे। हालांकि, गेट की स्थिति देखकर उन्हें कुछ अनहोनी का अंदेशा हुआ। गेट का कुंडा टूटा हुआ था और मंदिर के अंदर सामान भी अस्त-व्यस्त मिला।
जांच करने पर पता चला कि हनुमान जी की प्रतिमा पर लगाया गया चांदी का मुकुट और मंदिर का दानपात्र वहां मौजूद नहीं था। इसके बाद मंदिर से जुड़े लोगों को घटना की जानकारी दी गई। विनोद कुमार तिवारी उर्फ मुखिया ने भी मामले की सूचना संबंधित लोगों और पुलिस को दी।
घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। इसके साथ ही पुलिस ने चोरी की घटना से जुड़े संभावित साक्ष्यों को जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस
पुलिस के लिए इस मामले में मंदिर परिसर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे महत्वपूर्ण साबित हो सकते हैं। पुलिस द्वारा कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि चोरी की घटना किस समय हुई और वारदात में कितने लोग शामिल थे।
इसके अलावा पुलिस आसपास के इलाके में भी जानकारी जुटा रही है। चूंकि मंदिर पुलिस चौकी के बिल्कुल समीप स्थित है, इसलिए पुलिस के सामने आरोपियों तक जल्द पहुंचने की चुनौती भी है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना से पहले और बाद में संदिग्ध गतिविधियां तो नहीं हुई थीं।
मंदिर प्रबंधन की ओर से पुलिस को शिकायत देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।
पुलिस चौकी के बगल हुई घटना से उठे सवाल
इस चोरी की घटना ने सबसे ज्यादा चर्चा रात्रि गश्त और पुलिस की निगरानी व्यवस्था को लेकर पैदा की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस स्थान पर पुलिस चौकी मौजूद है, उसके ठीक बगल में मंदिर का ताला और कुंडा तोड़कर चोरी कर लेना सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है।
लोगों का कहना है कि यदि चोर रात के समय मंदिर में प्रवेश कर रहे थे और वहां चोरी की वारदात को अंजाम दे रहे थे, तो आसपास पुलिस की मौजूदगी और गश्त के बावजूद घटना का पता क्यों नहीं चल सका। हालांकि, इन सवालों का स्पष्ट जवाब जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
वहीं, पुलिस की ओर से अभी घटना की परिस्थितियों और आरोपियों की पहचान को लेकर जांच की जा रही है। ऐसे में किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच के परिणाम का इंतजार करना जरूरी है।
स्थानीय लोगों में नाराजगी
घटना की जानकारी सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। लोगों का कहना है कि धार्मिक स्थल लोगों की आस्था से जुड़े होते हैं और ऐसे स्थानों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता जरूरी है।
स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से रात के समय गश्त बढ़ाने की मांग की है। साथ ही लोगों का कहना है कि मंदिर के आसपास संदिग्ध गतिविधियों पर भी नजर रखी जानी चाहिए। इससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकने में मदद मिल सकती है।
लोगों ने चोरी की घटना का जल्द खुलासा किए जाने और आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसके अलावा मंदिर परिसर और आसपास सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की भी अपील की गई है।
चोरी के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर ध्यान देने की जरूरत
औरैया में हुई यह घटना एक बार फिर स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था और रात्रि गश्त को प्रभावी बनाने की जरूरत की ओर ध्यान खींचती है। खासतौर पर ऐसे स्थान जहां धार्मिक स्थल, बाजार, प्रतिष्ठान या अन्य संवेदनशील संस्थान मौजूद हों, वहां नियमित निगरानी महत्वपूर्ण होती है।
सीसीटीवी कैमरों की मौजूदगी के बावजूद अपराध होने की स्थिति में फुटेज की गुणवत्ता, कैमरों की दिशा और रिकॉर्डिंग की अवधि भी जांच में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसलिए स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ तकनीकी निगरानी को भी प्रभावी बनाए रखना जरूरी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। चोरी हुए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद ही घटना से जुड़ी पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

