आज है अटल बिहारी बाजपेई जी की 8वीं पुण्यतिथि, लखनऊ में CM योगी ने दी श्रद्धांजलि और फिर जानिए क्या दिया सन्देश
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लखनऊ: पूर्व प्रधानमंत्री और भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर रविवार को देशभर में उन्हें श्रद्धापूर्वक याद किया गया। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का पूरा जीवन राष्ट्रसेवा, लोकतांत्रिक मूल्यों और सार्वजनिक जीवन की मर्यादा को समर्पित रहा। उन्होंने हर वर्ग के लिए काम किया और अपने राजनीतिक जीवन में हमेशा राष्ट्रहित को प्राथमिकता दी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ स्थित लोकभवन में अटल बिहारी वाजपेयी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि अटल जी भारतीय राजनीति के ऐसे व्यक्तित्व थे, जिन्होंने अपने विचारों, सहज व्यवहार और प्रभावशाली नेतृत्व से देश के सार्वजनिक जीवन को नई दिशा दी। उनके व्यक्तित्व में संवेदनशीलता, सरलता और दृढ़ संकल्प का अद्भुत समन्वय था।
राष्ट्र प्रथम की भावना अटल जी के जीवन का आधार
सीएम योगी ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी का संपूर्ण जीवन ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का जीवंत उदाहरण रहा। उन्होंने अपने लंबे राजनीतिक जीवन में देश के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। मुख्यमंत्री के अनुसार, अटल जी ने लोकतंत्र की गरिमा को बनाए रखते हुए राजनीति में मर्यादा और संवाद की परंपरा को मजबूत किया।
उन्होंने कहा कि अटल जी केवल एक राजनेता नहीं थे, बल्कि भारतीय लोकतंत्र के ऐसे शिखर पुरुष थे, जिनका प्रभाव राजनीति से आगे समाज और देश के व्यापक जीवन तक दिखाई देता है। उनके भाषणों में राष्ट्र के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ आम नागरिकों की आकांक्षाओं की झलक मिलती थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी के विचार आज भी देश और समाज को दिशा देने का काम करते हैं। विशेष रूप से युवाओं के लिए उनका जीवन यह संदेश देता है कि सार्वजनिक जीवन में सिद्धांत, अनुशासन और राष्ट्रहित को सर्वोच्च स्थान दिया जा सकता है।
इरादों के अटल थे अटल बिहारी वाजपेयी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने अटल बिहारी वाजपेयी के व्यक्तित्व का उल्लेख करते हुए कहा कि वह अपने इरादों के अटल थे। परिस्थितियां चाहे जैसी रही हों, उन्होंने अपने सिद्धांतों और राष्ट्रहित से समझौता नहीं किया। यही कारण है कि दशकों तक सक्रिय राजनीति में रहने के बावजूद अटल जी की पहचान एक ऐसे नेता के रूप में बनी, जिनके प्रति राजनीतिक मतभेद रखने वाले लोग भी सम्मान का भाव रखते थे।
उनकी राजनीतिक यात्रा लंबे समय तक चली और उन्होंने भारतीय लोकतंत्र के अलग-अलग दौर को करीब से देखा। इसके बावजूद उनके व्यवहार में सहजता और संवाद की भावना बनी रही। यही विशेषता उन्हें अन्य नेताओं से अलग पहचान देती है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल जी का व्यक्तित्व जितना विराट था, उनका व्यवहार उतना ही सरल था। वह आम लोगों से सहजता के साथ संवाद करते थे। उनके भाषणों में गंभीर राजनीतिक विचारों के साथ मानवीय संवेदनाएं भी दिखाई देती थीं।
हर वर्ग के लिए किया काम
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने समाज के हर वर्ग के लिए काम किया। उनके लिए विकास का अर्थ केवल किसी एक वर्ग या क्षेत्र की प्रगति नहीं था, बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक तक विकास का लाभ पहुंचाना था।
अटल जी के राजनीतिक जीवन में गांव, गरीब, किसान, युवा और समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े मुद्दों को महत्व मिला। उन्होंने देश की एकता, विकास और सामाजिक समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया। यही वजह है कि उनके योगदान को आज भी व्यापक रूप से याद किया जाता है।
सीएम योगी ने कहा कि अटल जी ने राजनीति को केवल सत्ता प्राप्ति का माध्यम नहीं माना। इसके बजाय उन्होंने इसे राष्ट्रसेवा का माध्यम बनाया। उनका जीवन सार्वजनिक जीवन में मूल्यों और आदर्शों की अहमियत को सामने रखता है।
सहज और सरल व्यक्तित्व की थी अलग पहचान
अटल बिहारी वाजपेयी अपने राजनीतिक व्यक्तित्व के साथ-साथ साहित्यिक प्रतिभा के लिए भी प्रसिद्ध रहे। वह एक प्रभावशाली वक्ता और कवि थे। उनके भाषणों में शब्दों का चयन और विचारों की स्पष्टता लोगों को प्रभावित करती थी। इसी के साथ उनका सहज और सरल व्यवहार भी उनकी पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अटल जी को याद करते हुए कहा कि उनका व्यक्तित्व अत्यंत सहज था। राजनीति के ऊंचे पदों पर रहने के बावजूद उन्होंने सामान्य लोगों से जुड़ाव बनाए रखा। यही कारण है कि आज भी देश के अलग-अलग हिस्सों में लोग उन्हें सम्मान और आत्मीयता के साथ याद करते हैं।
अटल जी की वाकपटुता और संवाद शैली भारतीय राजनीति की एक विशिष्ट पहचान बनी। उनके भाषणों में राष्ट्रहित के मुद्दों के साथ मानवीय संवेदना और लोकतांत्रिक मूल्यों का संतुलन दिखाई देता था।
लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा जीवन
मुख्यमंत्री ने कहा कि अटल बिहारी वाजपेयी ने लोकतंत्र की गरिमा को हमेशा महत्व दिया। उनके राजनीतिक जीवन में विचारों के मतभेद के बावजूद संवाद और लोकतांत्रिक मर्यादा को बनाए रखने की भावना दिखाई देती थी।
सीएम योगी ने कहा कि अटल जी ने भारतीय राजनीति में शुचिता और नैतिकता के उच्च मानदंड स्थापित किए। उनका जीवन आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने जिस तरह राष्ट्रहित को व्यक्तिगत और राजनीतिक हितों से ऊपर रखा, वह सार्वजनिक जीवन में काम करने वाले लोगों के लिए महत्वपूर्ण संदेश है।
अटल बिहारी वाजपेयी का निधन 16 अगस्त 2018 को हुआ था। वर्ष 2026 में उनकी आठवीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। इस अवसर पर देशभर में राजनीतिक दलों के नेताओं और आम लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। नई दिल्ली में भी राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और कई वरिष्ठ नेताओं ने ‘सदैव अटल’ स्मृति स्थल पहुंचकर पूर्व प्रधानमंत्री को श्रद्धांजलि दी।
अटल जी के विचार आज भी प्रासंगिक
अटल बिहारी वाजपेयी का राजनीतिक जीवन भारतीय लोकतंत्र के एक महत्वपूर्ण दौर का प्रतिनिधित्व करता है। उन्होंने विपक्ष में रहते हुए भी लोकतांत्रिक संस्थाओं और संसदीय परंपराओं में विश्वास बनाए रखा। वहीं, प्रधानमंत्री के रूप में उन्होंने देश की विकास यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि अटल जी की राष्ट्रनिष्ठा, लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति प्रतिबद्धता और आदर्श राजनीति आज भी समाज के लिए प्रेरणादायक है। उनके विचारों को याद करना केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि उनके दिखाए रास्ते से प्रेरणा लेना भी है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्र की उन्नति के लिए अटल जी का संकल्प आज भी देशवासियों को प्रेरित करता है। उनके जीवन से यह सीख मिलती है कि सार्वजनिक जीवन में पद से अधिक महत्वपूर्ण उद्देश्य और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी होती है।
लखनऊ से जुड़ी अटल जी की विशेष स्मृतियां
लखनऊ और अटल बिहारी वाजपेयी का संबंध भी विशेष रहा है। वह लखनऊ से लंबे समय तक सांसद रहे और यहां के लोगों से उनका गहरा जुड़ाव रहा। उनके निधन के बाद लखनऊ में कई स्थानों और कार्यक्रमों के माध्यम से उनकी स्मृतियों को संजोया गया है। हजरतगंज चौराहे का नाम बदलकर ‘अटल चौक’ किया जाना भी उनके प्रति सम्मान का एक उदाहरण है।
इसलिए लखनऊ में अटल जी की पुण्यतिथि का आयोजन केवल एक श्रद्धांजलि कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहर और उनके बीच रहे लंबे आत्मीय संबंधों को याद करने का अवसर भी बनता है।
अटल जी की विरासत को आगे बढ़ाने का संकल्प
अटल बिहारी वाजपेयी की आठवीं पुण्यतिथि पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन मूल्यों को याद किया। उन्होंने कहा कि अटल जी ने राष्ट्र प्रथम के भाव से काम किया, हर वर्ग की चिंता की और अपने इरादों पर हमेशा दृढ़ रहे।
आज उनकी पुण्यतिथि पर देश उन्हें एक कुशल राजनेता, प्रभावशाली वक्ता, संवेदनशील कवि और सरल व्यक्तित्व के रूप में याद कर रहा है। उनका जीवन यह संदेश देता है कि राजनीति में विचारों की दृढ़ता के साथ संवाद, लोकतांत्रिक मर्यादा और मानवीय संवेदनशीलता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। यही कारण है कि अटल बिहारी वाजपेयी की स्मृतियां और उनके विचार आज भी भारतीय सार्वजनिक जीवन में प्रासंगिक बने हुए हैं।

