लाल किले से पीएम मोदी के भाषण पर खरगे का निशाना, बोले- हर चीज का श्रेय लेते हैं

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Digital UP News

नई दिल्ली: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लाल किले से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री के विकास और बदलाव से जुड़े दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के अधिकारों और कल्याण से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की शुरुआत पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार के कार्यकाल में हुई थी।

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लाल किले से दिए गए भाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री हर चीज का श्रेय लेने की कोशिश करते हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि यह अच्छा है कि प्रधानमंत्री यह दावा नहीं करते कि दुनिया केवल उनकी वजह से चल रही है।

कांग्रेस अध्यक्ष की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है, जब स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री का लाल किले से संबोधन देश की सरकार की उपलब्धियों और आगामी लक्ष्यों पर केंद्रित रहा। इसके बाद विपक्ष की ओर से सरकार के दावों और नीतियों को लेकर प्रतिक्रिया सामने आने लगी।

प्रधानमंत्री के विकास के दावों पर खरगे का सवाल

मल्लिकार्जुन खरगे ने केंद्र सरकार के विकास और बदलाव से जुड़े दावों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि देश में आम नागरिकों के अधिकारों और सामाजिक सुरक्षा से संबंधित कई महत्वपूर्ण योजनाएं पहले की सरकारों के दौरान लागू की गई थीं।

खरगे का तर्क है कि आज जिन योजनाओं और व्यवस्थाओं को सरकार अपनी उपलब्धियों के तौर पर प्रस्तुत करती है, उनमें से कई की नींव पहले ही रखी जा चुकी थी। उन्होंने विशेष रूप से यूपीए सरकार के कार्यकाल में शुरू की गई कल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि इनके माध्यम से आम लोगों को अधिकार आधारित व्यवस्था उपलब्ध कराने का प्रयास किया गया था।

कांग्रेस अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर आरोप लगाया कि वह पूर्ववर्ती सरकारों के योगदान को पर्याप्त महत्व नहीं देती। उनके मुताबिक, विकास किसी एक सरकार या एक कार्यकाल का परिणाम नहीं होता, बल्कि लंबे समय तक किए गए प्रयासों का नतीजा होता है।

‘हर चीज का श्रेय लेते हैं प्रधानमंत्री’

खरगे ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि लाल किले से प्रधानमंत्री हर चीज का श्रेय लेते हैं। उन्होंने यह टिप्पणी सरकार की उपलब्धियों और योजनाओं के प्रचार के संदर्भ में की।

कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि किसी भी सरकार की उपलब्धियों का मूल्यांकन करते समय यह देखना जरूरी है कि किसी योजना या व्यवस्था की शुरुआत कब हुई और उसे विकसित करने में किन सरकारों का योगदान रहा।

उन्होंने कहा कि देश के विकास में अलग-अलग सरकारों और संस्थाओं की भूमिका रही है। इसलिए किसी एक सरकार को हर उपलब्धि का श्रेय देना उचित नहीं है।

इसी क्रम में खरगे ने व्यंग्य करते हुए कहा कि यह अच्छा है कि प्रधानमंत्री यह दावा नहीं करते कि दुनिया केवल उनकी वजह से चल रही है। उनका यह बयान राजनीतिक तंज के रूप में देखा जा रहा है।

यूपीए सरकार की योजनाओं का किया जिक्र

मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़ी कई बड़ी कल्याणकारी योजनाएं यूपीए सरकार के दौरान बनाई गई थीं। उनका कहना है कि इन योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करना था।

कांग्रेस लंबे समय से यूपीए सरकार के कार्यकाल में लागू की गई विभिन्न योजनाओं को अपनी उपलब्धियों के तौर पर प्रस्तुत करती रही है। पार्टी का तर्क रहा है कि अधिकार आधारित कानूनों और कल्याणकारी योजनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों, गरीब परिवारों और कमजोर वर्गों के लिए सहायता का आधार तैयार किया।

खरगे ने इसी राजनीतिक पृष्ठभूमि में मौजूदा सरकार के विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाए। उनका कहना है कि वर्तमान सरकार को पूर्ववर्ती सरकारों के योगदान को भी स्वीकार करना चाहिए।

हालांकि, जिन योजनाओं का खरगे ने उल्लेख किया, उनके विस्तृत नाम और वर्तमान सरकार के साथ उनकी तुलना को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दावे सामने आते रहे हैं। इसलिए योजनाओं के प्रभाव का आकलन करते समय उनके मूल स्वरूप, बाद में हुए बदलाव और वर्तमान स्थिति को अलग-अलग देखना जरूरी है।

स्वतंत्रता दिवस के मंच को लेकर सियासत

लाल किले से प्रधानमंत्री का स्वतंत्रता दिवस संबोधन देश के सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक भाषणों में शामिल होता है। इस भाषण में सरकार अपनी उपलब्धियों के साथ-साथ भविष्य के लक्ष्यों और नीतिगत प्राथमिकताओं को भी सामने रखती है।

इसके बाद विपक्षी दल अक्सर प्रधानमंत्री के दावों पर अपनी प्रतिक्रिया देते हैं। इस बार भी कांग्रेस अध्यक्ष खरगे ने विकास और कल्याणकारी योजनाओं से जुड़े मुद्दों को उठाते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा।

उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण को राजनीतिक दृष्टि से देखते हुए सरकार के दावों पर सवाल खड़े किए। वहीं, कांग्रेस ने यह संदेश देने की कोशिश की कि देश के विकास में पिछली सरकारों की भूमिका को भी याद किया जाना चाहिए।

विकास किसी एक सरकार की देन नहीं: खरगे

खरगे के बयान का एक प्रमुख हिस्सा यह रहा कि देश का विकास किसी एक सरकार की देन नहीं हो सकता। उनका कहना है कि विभिन्न सरकारों ने अलग-अलग समय में नीतियां बनाईं और योजनाएं लागू कीं, जिनका प्रभाव आगे की सरकारों के कार्यकाल में भी दिखाई देता है।

उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़ी कई व्यवस्थाएं पहले से मौजूद थीं और बाद की सरकारों ने उनमें बदलाव या विस्तार किया। ऐसे में किसी योजना को केवल वर्तमान सरकार की उपलब्धि के रूप में पेश करना पूरी तस्वीर नहीं बताता।

यह मुद्दा भारतीय राजनीति में लंबे समय से बहस का विषय रहा है। सत्ता पक्ष जहां अपनी सरकार के कार्यकाल में हुए कामों को उपलब्धि के तौर पर प्रस्तुत करता है, वहीं विपक्ष अक्सर यह बताने की कोशिश करता है कि उन योजनाओं की शुरुआत पहले की सरकारों ने की थी।

कांग्रेस ने सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

कांग्रेस अध्यक्ष ने अपने बयान के जरिए केंद्र सरकार की नीतियों और उपलब्धियों पर व्यापक सवाल उठाने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि जनता के अधिकारों से जुड़े विषयों को राजनीतिक श्रेय की बजाय उनके वास्तविक प्रभाव के आधार पर देखा जाना चाहिए।

कांग्रेस का कहना है कि सरकार को यह भी बताना चाहिए कि वर्तमान समय में रोजगार, महंगाई, सामाजिक सुरक्षा और आम नागरिकों की आर्थिक स्थिति जैसे मुद्दों पर क्या स्थिति है।

दूसरी ओर, केंद्र सरकार और भाजपा लगातार अपने कार्यकाल में हुए विकास कार्यों और विभिन्न योजनाओं को उपलब्धियों के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं। ऐसे में खरगे की टिप्पणी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच जारी राजनीतिक बहस का हिस्सा मानी जा रही है।

बयान से तेज हुई राजनीतिक बहस

खरगे की टिप्पणी के बाद स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिए गए प्रधानमंत्री के भाषण को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो सकती है। कांग्रेस जहां सरकार के दावों को चुनौती दे रही है, वहीं भाजपा सरकार की उपलब्धियों को सामने रखती रही है।

राजनीतिक दलों के बीच इस तरह की बहस लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा है। हालांकि, योजनाओं और विकास कार्यों का मूल्यांकन करते समय आधिकारिक आंकड़ों और उनके वास्तविक प्रभाव को आधार बनाना महत्वपूर्ण रहता है।

आम जनता के लिए भी यह समझना जरूरी है कि किसी योजना की घोषणा, उसका क्रियान्वयन और उसके परिणाम अलग-अलग स्तर होते हैं। इसलिए किसी भी राजनीतिक दावे को समझने के लिए पूरे संदर्भ को देखना आवश्यक है।

आगे भी जारी रह सकता है वार-पलटवार

स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री के भाषण के बाद कांग्रेस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया से स्पष्ट है कि सरकार और विपक्ष के बीच राजनीतिक वार-पलटवार आगे भी जारी रह सकता है।

खरगे ने जहां यूपीए सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और जनता के अधिकारों का उल्लेख किया, वहीं प्रधानमंत्री के विकास संबंधी दावों पर सवाल उठाए। इसके साथ ही उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज में प्रधानमंत्री पर हर उपलब्धि का श्रेय लेने का आरोप लगाया।

कुल मिलाकर, मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणी ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सरकार की उपलब्धियों और पूर्ववर्ती सरकारों के योगदान को लेकर राजनीतिक बहस को नया आधार दिया है। कांग्रेस का जोर इस बात पर है कि देश के विकास की कहानी को केवल वर्तमान सरकार के कार्यकाल तक सीमित करके नहीं देखा जाना चाहिए। वहीं, सरकार की ओर से अपनी नीतियों और उपलब्धियों को लेकर अलग पक्ष सामने रखा जाता रहा है।

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