कानपुर में ट्रैफिक सुधार के लिए डीसीपी रवीन्द्र कुमार का निरीक्षण, RTC स्कीम में हटाया अतिक्रमण

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रिपोर्ट – मुकेश वर्मा 

कानपुर: शहर की यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और प्रमुख मार्गों पर लगने वाले जाम से लोगों को राहत दिलाने के लिए कानपुर पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में शुक्रवार, 14 अगस्त 2026 को पुलिस उपायुक्त यातायात रवीन्द्र कुमार ने Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme के तहत शहर के कई प्रमुख और व्यस्त मार्गों का स्थलीय निरीक्षण किया।

निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने अमरुद मंडी तिराहा, गुरुदेव चौराहा, कल्याणपुर क्रॉसिंग, बिठूर कट तिराहा, इंद्रा नगर कट, पुरानी शिवली रोड और पनकी रोड का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने यातायात दबाव, सड़क किनारे अतिक्रमण, अवैध पार्किंग और ई-रिक्शा व ऑटो संचालन की स्थिति को देखा।

मौके पर ही डीसीपी ट्रैफिक ने सड़क किनारे किए गए अस्थायी अतिक्रमण को हटवाया। साथ ही, संबंधित दुकानदारों और वेंडरों को स्पष्ट चेतावनी दी गई कि दोबारा सड़क या सार्वजनिक मार्ग पर अतिक्रमण करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

RTC स्कीम के तहत यातायात सुधार पर जोर

कानपुर शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए पुलिस प्रशासन की ओर से RTC स्कीम के तहत विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों की पहचान की जा रही है। योजना का उद्देश्य यातायात के उन कारणों को कम करना है, जिनकी वजह से वाहन चालकों को लंबे समय तक जाम में फंसना पड़ता है।

डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात व्यवस्था को केवल तत्काल राहत तक सीमित न रखा जाए, बल्कि ऐसे स्थायी उपाय किए जाएं जिनसे भविष्य में भी जाम की समस्या कम हो।

इसके लिए प्रमुख चौराहों और तिराहों पर यातायात प्रवाह का अध्ययन करने के साथ-साथ सड़क के किनारे होने वाली गतिविधियों पर भी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए।

प्रमुख चौराहों से 100 मीटर दूर रुकेंगे ऑटो और ई-रिक्शा

निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने ई-रिक्शा, ऑटो और टेम्पो के संचालन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रमुख चौराहों और तिराहों से कम से कम 100 मीटर की दूरी पर ही ई-रिक्शा, ऑटो और टेम्पो को सवारी बैठाने या उतारने की अनुमति होगी।

इस व्यवस्था का उद्देश्य चौराहों के ठीक आसपास होने वाली अनावश्यक भीड़ को कम करना है। अक्सर सवारी बैठाने या उतारने के लिए ऑटो और ई-रिक्शा चौराहों के नजदीक रुक जाते हैं। इससे पीछे से आने वाले वाहनों की गति प्रभावित होती है और धीरे-धीरे यातायात दबाव बढ़ जाता है।

ऐसे में 100 मीटर की दूरी का नियम लागू होने से प्रमुख चौराहों के आसपास वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

अवैध पार्किंग पर विशेष अभियान

डीसीपी ट्रैफिक ने अवैध पार्किंग को भी यातायात जाम का एक प्रमुख कारण माना। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सड़क पर अनावश्यक रूप से वाहन खड़ा कर यातायात बाधित करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक मार्गों पर वाहनों की गलत पार्किंग से सड़क की उपयोगी चौड़ाई कम हो जाती है। परिणामस्वरूप, कम समय में अधिक वाहन गुजरने वाले मार्गों पर यातायात का दबाव बढ़ जाता है।

इसलिए यातायात पुलिस को ऐसे स्थानों की पहचान कर नियमित निगरानी करने के निर्देश दिए गए हैं। जरूरत पड़ने पर नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान की कार्रवाई भी की जाएगी।

‘चोक पॉइंट्स’ की पहचान कर समाधान के निर्देश

निरीक्षण के दौरान डीसीपी ट्रैफिक ने शहर के विभिन्न Choke Points यानी ऐसे स्थानों की पहचान करने पर जोर दिया, जहां किसी विशेष कारण से यातायात की गति बार-बार प्रभावित होती है।

इन स्थानों पर अतिक्रमण, गलत पार्किंग, सड़क किनारे वाहन खड़े करना, सवारी उतारना-बैठाना या अन्य गतिविधियों के कारण यातायात बाधित हो सकता है। ऐसे स्थानों को चिन्हित कर संबंधित समस्या को दूर करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस प्रशासन का उद्देश्य इन चोक पॉइंट्स को कम करना है, ताकि वाहनों का आवागमन अधिक सुचारु हो सके और यात्रियों के Maximum Travel Time को कम किया जा सके।

अमरुद मंडी से पनकी रोड तक निरीक्षण

डीसीपी ट्रैफिक ने निरीक्षण के दौरान शहर के कई महत्वपूर्ण मार्गों को कवर किया। अमरुद मंडी तिराहा से लेकर गुरुदेव चौराहा, कल्याणपुर क्रॉसिंग, बिठूर कट तिराहा, इंद्रा नगर कट, पुरानी शिवली रोड और पनकी रोड तक यातायात व्यवस्था का जायजा लिया गया।

इन इलाकों में दिन के अलग-अलग समय पर यातायात का दबाव बढ़ता है। इसलिए इन मार्गों पर यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए मौके पर मौजूद अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान सड़क किनारे मौजूद अस्थायी अतिक्रमणों को हटवाना भी इसी अभियान का हिस्सा रहा। पुलिस की कार्रवाई के बाद संबंधित मार्गों को यातायात के लिए अधिक व्यवस्थित बनाने का प्रयास किया गया।

दुकानदारों और वेंडरों को दी चेतावनी

अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के साथ ही डीसीपी ट्रैफिक ने दुकानदारों और वेंडरों को चेतावनी दी कि वे सड़क की सीमा में सामान रखकर यातायात प्रभावित न करें।

सड़क किनारे दुकान का सामान, ठेला या अन्य सामग्री रखने से कई बार पैदल यात्रियों और वाहनों के लिए उपलब्ध स्थान कम हो जाता है। इससे सड़क पर अनावश्यक दबाव बढ़ता है।

इसलिए संबंधित दुकानदारों और वेंडरों को सार्वजनिक मार्ग खाली रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, भविष्य में दोबारा अतिक्रमण मिलने पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

यातायात व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने का लक्ष्य

डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने कहा कि Reducing Traffic Congestion (RTC) Scheme का मुख्य उद्देश्य कानपुर के लोगों को सुगम, सुरक्षित और व्यवस्थित यातायात व्यवस्था उपलब्ध कराना है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यातायात संबंधी समस्याओं का समाधान केवल मुख्य चौराहों तक सीमित न रहे। इसके लिए प्रमुख मार्गों, कट, तिराहों और ऐसे स्थानों पर भी ध्यान दिया जाए जहां वाहन संचालन लगातार प्रभावित होता है।

साथ ही, यातायात पुलिस की टीम को जमीनी स्तर पर लगातार निगरानी रखने और जरूरत के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

यातायात पुलिस और स्थानीय टीम रही मौजूद

निरीक्षण के दौरान टीआई जोन पश्चिम द्वितीय, रूट मार्शल और संबंधित क्षेत्रों के सेक्टर प्रभारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने डीसीपी ट्रैफिक को क्षेत्र की यातायात स्थिति और स्थानीय समस्याओं के बारे में जानकारी दी।

मौके पर मिले निर्देशों के आधार पर यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित करने के लिए आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस प्रशासन की कोशिश है कि अलग-अलग क्षेत्रों की स्थानीय समस्याओं के आधार पर यातायात प्रबंधन की रणनीति तैयार की जाए।

जाम से राहत के लिए लगातार कार्रवाई की तैयारी

कानपुर में बढ़ते वाहनों की संख्या और प्रमुख मार्गों पर यातायात दबाव को देखते हुए जाम की समस्या को कम करना पुलिस प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती है। ऐसे में RTC स्कीम के तहत सड़क किनारे अतिक्रमण हटाने, अवैध पार्किंग पर कार्रवाई और ई-रिक्शा व ऑटो संचालन को व्यवस्थित करने जैसे कदम उठाए जा रहे हैं।

यदि इन निर्देशों का नियमित रूप से पालन कराया जाता है, तो प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर यातायात प्रवाह को बेहतर बनाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही, आम नागरिकों और वाहन चालकों का सहयोग भी इस व्यवस्था को सफल बनाने में महत्वपूर्ण रहेगा।

कुल मिलाकर, कानपुर में यातायात व्यवस्था को सुधारने के लिए डीसीपी ट्रैफिक रवीन्द्र कुमार ने RTC स्कीम के तहत कई प्रमुख क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान अस्थायी अतिक्रमण हटवाने के साथ ही अवैध पार्किंग, ई-रिक्शा और ऑटो संचालन तथा चोक पॉइंट्स को लेकर अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए। अब इन निर्देशों के पालन और नियमित निगरानी के जरिए शहर में जाम कम करने तथा यात्रियों के सफर को अधिक सुगम बनाने की कोशिश की जाएगी।

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