इटावा में मिठाई की दुकान पर जमकर हुआ विवाद, फफूंदी लगी मिठाई मिलने की शिकायत पर जांच के निर्देश
रिपोर्ट – रोहित सिंह चौहान
इटावा: जिले के बकेवर थाना क्षेत्र में मिठाई की दुकान से कथित तौर पर फफूंदी लगी मिठाई मिलने के बाद विवाद का मामला सामने आया है। कृष्णा मिष्ठान भंडार से खरीदी गई मिठाई खराब मिलने का आरोप लगाते हुए एक ग्राहक जिलाधिकारी के पास शिकायत लेकर पहुंचा। ग्राहक का आरोप है कि जब उसने दुकानदार से खराब मिठाई के बारे में शिकायत की तो उसके साथ कथित तौर पर अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
मामले की शिकायत जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल तक पहुंचने के बाद उन्होंने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को जांच के निर्देश दिए हैं। अब विभाग की टीम मामले की जांच कर मिठाई की गुणवत्ता और दुकान से संबंधित अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाएगी।
खराब मिठाई मिलने का ग्राहक ने लगाया आरोप
पीड़ित ग्राहक अभिषेक सिंह राजावत के अनुसार, उन्होंने कृष्णा मिष्ठान भंडार से मिठाई खरीदी थी। घर ले जाने के बाद मिठाई की स्थिति देखने पर उसमें फफूंदी दिखाई दी। इसके बाद ग्राहक ने कथित तौर पर दुकानदार से इसकी शिकायत की।
ग्राहक का कहना है कि खराब मिठाई की शिकायत करने पर मामले को शांतिपूर्ण तरीके से सुलझाने के बजाय दुकानदार की ओर से उसके साथ गालीगलौज की गई। इसके बाद ग्राहक ने मामले की शिकायत अधिकारियों से करने का निर्णय लिया।
हालांकि, दुकानदार की ओर से लगाए गए आरोपों पर अभी विस्तृत पक्ष सामने नहीं आया है। इसलिए मामले में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच और संबंधित पक्षों के बयान महत्वपूर्ण होंगे।
डीएम के पास शिकायत लेकर पहुंचा ग्राहक
मिठाई की गुणवत्ता को लेकर शिकायत के बाद पीड़ित ग्राहक मामले को लेकर जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा। उसने जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी और खराब मिठाई भी अधिकारियों के सामने प्रस्तुत किए जाने की बात सामने आई है।
ग्राहक ने प्रशासन से मामले की जांच कराने और खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को मामले की जांच के निर्देश दिए।
इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई पर नजर बनी हुई है। विभाग की टीम मिठाई के नमूने, दुकान की स्थिति और खाद्य सुरक्षा से जुड़े आवश्यक मानकों की जांच कर सकती है।
खाद्य सुरक्षा विभाग करेगा जांच
जिलाधिकारी के निर्देश के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम मामले की जांच करेगी। खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों में विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, निर्माण और बिक्री की प्रक्रिया तथा स्वच्छता संबंधी मानकों की जांच की जाती है।
यदि जांच के दौरान मिठाई के नमूने में गुणवत्ता संबंधी कमी या खाद्य सुरक्षा नियमों का उल्लंघन पाया जाता है, तो नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, यदि जांच में शिकायत की पुष्टि नहीं होती है, तो उसकी स्थिति भी विभाग की रिपोर्ट के माध्यम से स्पष्ट होगी।
इसलिए फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले जांच रिपोर्ट का इंतजार करना उचित होगा।
दुकान पर ग्राहक से विवाद का भी आरोप
मामले में केवल मिठाई की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि ग्राहक और दुकानदार के बीच कथित विवाद भी चर्चा में है। पीड़ित ग्राहक का आरोप है कि खराब मिठाई की शिकायत करने पर दुकानदार ने उसके साथ गालीगलौज की।
ग्राहक के बयान के अनुसार, उसने मिठाई की गुणवत्ता को लेकर अपनी आपत्ति दर्ज कराई थी। इसके बाद विवाद बढ़ गया। हालांकि, इस आरोप की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और दुकानदार का पक्ष सामने आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की तस्वीर अधिक स्पष्ट हो सकेगी।
प्रशासन की ओर से फिलहाल खाद्य सुरक्षा से जुड़े पहलू की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर जिम्मेदारी अहम
मिठाई और अन्य खाद्य पदार्थ सीधे लोगों के स्वास्थ्य और दैनिक जीवन से जुड़े होते हैं। इसलिए खाद्य कारोबारियों के लिए निर्धारित गुणवत्ता और स्वच्छता मानकों का पालन करना महत्वपूर्ण है।
विशेष रूप से मिठाई की दुकानों पर दूध, खोया, छेना, क्रीम और अन्य जल्दी खराब होने वाली सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। ऐसे में इनके भंडारण और रखरखाव पर विशेष ध्यान देना जरूरी होता है।
यदि खाद्य पदार्थ सही तापमान और स्वच्छ परिस्थितियों में नहीं रखे जाएं तो उनकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। इसलिए दुकानदारों के साथ-साथ ग्राहकों के लिए भी खाद्य पदार्थ की ताजगी और गुणवत्ता पर ध्यान देना आवश्यक है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
फिलहाल इस मामले में ग्राहक की शिकायत के आधार पर जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम यह पता लगाएगी कि मिठाई की गुणवत्ता वास्तव में खराब थी या नहीं और यदि उसमें कोई कमी थी तो उसका कारण क्या था।
इसके अलावा, दुकान में खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता संबंधी व्यवस्था की भी जांच की जा सकती है। यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
वहीं, ग्राहक और दुकानदार के बीच हुए कथित विवाद की वास्तविक स्थिति भी संबंधित पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट हो सकती है।
प्रशासन ने लिया संज्ञान
मामले में जिलाधिकारी शुभ्रांत शुक्ल द्वारा खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए जाने से स्पष्ट है कि शिकायत को प्रशासनिक स्तर पर संज्ञान में लिया गया है। अब खाद्य सुरक्षा विभाग की रिपोर्ट इस मामले में आगे की कार्रवाई का आधार बन सकती है।
प्रशासन की ओर से जांच के निर्देश मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर भी इस मामले की चर्चा शुरू हो गई है। लोग खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और दुकानदारों की जिम्मेदारी को लेकर सवाल उठा रहे हैं।
ग्राहकों के लिए भी यह मामला एक संदेश देता है कि यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसकी शिकायत संबंधित विभाग या प्रशासन से की जा सकती है। साथ ही, शिकायत करते समय बिल, खाद्य पदार्थ का नमूना और अन्य उपलब्ध साक्ष्य सुरक्षित रखना उपयोगी हो सकता है।
पीड़ित ग्राहक ने प्रशासन से कार्रवाई की मांग की
पीड़ित ग्राहक अभिषेक सिंह राजावत ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि ग्राहक को गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिलना उसका अधिकार है और शिकायत करने पर उसके साथ उचित व्यवहार किया जाना चाहिए।
ग्राहक की ओर से मामले को जिलाधिकारी तक ले जाने के बाद अब खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच का इंतजार है। जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद यह स्पष्ट हो सकेगा कि मिठाई की गुणवत्ता में वास्तव में कोई कमी थी या नहीं।
साथ ही, दुकानदार पर लगाए गए कथित अभद्र व्यवहार के आरोपों को लेकर भी संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया महत्वपूर्ण होगी।
ग्राहकों को भी सावधानी बरतने की जरूरत
खाद्य पदार्थ खरीदते समय ग्राहकों को भी कुछ जरूरी सावधानियां बरतनी चाहिए। पैकिंग वाली मिठाई या अन्य खाद्य सामग्री खरीदते समय उसकी निर्माण और उपयोग की तारीख, पैकेजिंग तथा गुणवत्ता संबंधी जानकारी देखना उपयोगी होता है।
इसी तरह, खुले में बिकने वाली मिठाई खरीदते समय उसकी ताजगी, रंग, गंध और रखरखाव की स्थिति पर भी ध्यान दिया जा सकता है। यदि किसी खाद्य पदार्थ की गुणवत्ता संदिग्ध लगे तो उसे खाने से बचना और संबंधित विभाग को शिकायत करना उचित है।
कुल मिलाकर, इटावा के बकेवर थाना क्षेत्र में कृष्णा मिष्ठान भंडार से जुड़ी शिकायत के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग को जांच के निर्देश दिए हैं। ग्राहक ने मिठाई में फफूंदी होने का आरोप लगाया है और दुकानदार पर कथित गालीगलौज का भी आरोप लगाया है। अब खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट से मामले की वास्तविक स्थिति सामने आएगी। फिलहाल प्रशासन और संबंधित विभाग की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।

