आजम खान को गृह मंत्री बनाने के बयान पर सियासत हुई तेज, पढ़िए CM योगी और संजय निषाद का सपा पर बड़ा हमला

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Digital Up News Desk

लखनऊ: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव के आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी बयान के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा है। वहीं, योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए सपा की राजनीतिक मंशा पर सवाल उठाए हैं।

दरअसल, सपा प्रमुख अखिलेश यादव के चाचा और पार्टी के वरिष्ठ नेता शिवपाल यादव ने आजम खान को लेकर गृह मंत्री बनाए जाने से संबंधित बयान दिया था। इसके बाद यह मामला राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया। भाजपा नेताओं ने इस बयान को लेकर समाजवादी पार्टी पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। दूसरी ओर, आजम खान को लेकर सपा नेताओं की ओर से लगातार समर्थन की बातें सामने आती रही हैं।

सीएम योगी ने सपा पर कसा तंज

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी बयान पर समाजवादी पार्टी पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि सपा के नेता आजम खान के लिए पैरोकारी कर रहे हैं।

सीएम योगी के इस बयान को विपक्ष पर राजनीतिक हमला माना जा रहा है। मुख्यमंत्री ने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी के नेताओं के रुख पर सवाल उठाते हुए यह संकेत दिया कि सत्ता से बाहर रहने के बाद आजम खान के राजनीतिक भविष्य को लेकर किए जा रहे दावों का अपना राजनीतिक संदर्भ है।

मुख्यमंत्री के बयान के बाद यह मुद्दा और चर्चा में आ गया। खास तौर पर इसलिए भी कि आजम खान लंबे समय से समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ और प्रभावशाली नेताओं में रहे हैं। उनके राजनीतिक भविष्य से जुड़ा कोई भी बयान उत्तर प्रदेश की सियासत में तुरंत चर्चा का विषय बन जाता है।

संजय निषाद ने शिवपाल के बयान पर दी प्रतिक्रिया

योगी सरकार के कैबिनेट मंत्री संजय निषाद ने भी आजम खान को लेकर बड़ा बयान दिया। उन्होंने शिवपाल यादव के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “मुंगेरी लाल के हसीन सपने हैं। किसी को भी कुछ भी बना दो।”

संजय निषाद ने सवाल उठाया कि जब समाजवादी पार्टी सत्ता में थी, तब आजम खान को गृह मंत्री क्यों नहीं बनाया गया। उन्होंने कहा कि आज इस तरह की बात करना बहुत देर से उठाया गया कदम है।

मंत्री ने कहा कि आजम खान लंबे समय से जेल में बंद हैं और अब उनके राजनीतिक भविष्य को लेकर इस तरह की बातें की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयानों के पीछे राजनीतिक उद्देश्य हो सकते हैं।

‘सत्ता में रहते हुए क्यों नहीं बनाया’

संजय निषाद ने समाजवादी पार्टी के पुराने कार्यकाल का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सपा सत्ता में थी, तब आजम खान को गृह मंत्री बनाने की बात नहीं की गई। उनके मुताबिक, अब इस तरह की चर्चा का क्या औचित्य है, यह सवाल उठना स्वाभाविक है।

उन्होंने कहा कि आजम खान का समाजवादी पार्टी की सरकार बनाने में कई बार योगदान रहा। इसके बावजूद उनके राजनीतिक सफर में कई उतार-चढ़ाव देखने को मिले। मंत्री ने दावा किया कि आजम खान ने पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई, लेकिन बदले में उन्हें राजनीतिक रूप से अपेक्षित सम्मान नहीं मिला।

हालांकि, संजय निषाद की ओर से लगाए गए ये राजनीतिक आरोप हैं। इस मामले में समाजवादी पार्टी की ओर से इस बयान पर प्रतिक्रिया सामने आना बाकी है।

आजम खान और समाजवादी पार्टी का पुराना संबंध

आजम खान उत्तर प्रदेश की राजनीति में लंबे समय से सक्रिय रहे हैं। रामपुर की राजनीति में उनका प्रभाव रहा है और उन्होंने कई बार विधानसभा तथा सरकार में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभाली हैं। समाजवादी पार्टी के गठन और उसके बाद के राजनीतिक दौर में भी उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।

आजम खान सपा के प्रमुख मुस्लिम चेहरों में गिने जाते रहे हैं। पार्टी के भीतर उनका राजनीतिक कद लंबे समय तक बड़ा रहा। यही वजह है कि उनके संबंध में पार्टी के किसी वरिष्ठ नेता का बयान सामने आने पर राजनीतिक दलों की प्रतिक्रिया भी तेज हो जाती है।

शिवपाल यादव और आजम खान दोनों ही समाजवादी पार्टी की पुरानी राजनीतिक धारा से जुड़े रहे हैं। इसलिए शिवपाल के बयान को पार्टी के भीतर आजम खान की भूमिका और भविष्य से जोड़कर भी देखा जा रहा है।

बयान के राजनीतिक मायने

उत्तर प्रदेश की राजनीति में आजम खान का नाम लंबे समय से महत्वपूर्ण रहा है। उनके समर्थन में समाजवादी पार्टी के नेताओं की ओर से कई बार बयान सामने आए हैं। वहीं, भाजपा लगातार सपा पर आजम खान के मुद्दे को लेकर राजनीतिक हमला करती रही है।

ऐसे में शिवपाल यादव के गृह मंत्री बनाए जाने वाले बयान ने दोनों दलों के बीच राजनीतिक बहस को एक नया मुद्दा दे दिया है। भाजपा इसे सपा की राजनीतिक रणनीति के रूप में देख रही है, जबकि सपा की ओर से इसे अपने वरिष्ठ नेता के प्रति समर्थन के रूप में पेश किया जा सकता है।

इसके अलावा, यह मामला सपा के भीतर नेतृत्व और वरिष्ठ नेताओं की भूमिका को लेकर भी चर्चा पैदा करता है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि शिवपाल यादव का बयान किसी औपचारिक राजनीतिक प्रस्ताव का हिस्सा है या यह केवल राजनीतिक टिप्पणी है।

संजय निषाद ने ‘वोट’ की राजनीति का आरोप लगाया

संजय निषाद ने अपने बयान में समाजवादी पार्टी पर वोट की राजनीति करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि अब आजम खान के नाम पर केवल वोट हासिल करने की कोशिश की जा रही है।

मंत्री ने कहा कि आजम खान के राजनीतिक जीवन में ऐसे कई अवसर रहे हैं जब उन्होंने समाजवादी पार्टी के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके मुताबिक, इसके बावजूद आजम खान को उनके राजनीतिक योगदान के अनुरूप सम्मान नहीं मिला।

संजय निषाद ने कहा कि आजम खान को लेकर अब जो बातें कही जा रही हैं, उन्हें राजनीतिक परिस्थितियों के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उन्होंने अपने बयान के जरिए सपा नेतृत्व की नीतियों पर सवाल उठाए।

भाजपा और सपा के बीच बढ़ सकता है राजनीतिक विवाद

आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने संबंधी बयान ऐसे समय में सामने आया है, जब उत्तर प्रदेश की राजनीति में विभिन्न मुद्दों को लेकर सत्तारूढ़ भाजपा और विपक्षी दलों के बीच बयानबाजी जारी है। ऐसे में इस मुद्दे का राजनीतिक असर भी देखने को मिल सकता है।

एक ओर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सपा नेताओं पर आजम खान की पैरोकारी करने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, मंत्री संजय निषाद ने शिवपाल यादव के बयान को लेकर सवाल उठाए हैं। इससे साफ है कि भाजपा इस मुद्दे को राजनीतिक बहस में इस्तेमाल कर रही है।

वहीं, समाजवादी पार्टी के लिए आजम खान का राजनीतिक महत्व देखते हुए पार्टी की ओर से भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया आने की संभावना है। यदि सपा नेतृत्व इस बयान का समर्थन करता है, तो भाजपा को हमला करने का एक और मुद्दा मिल सकता है। दूसरी तरफ, यदि पार्टी इसे शिवपाल यादव का व्यक्तिगत बयान बताती है, तो राजनीतिक चर्चा का रुख बदल सकता है।

आगे क्या होगा, इस पर नजर

फिलहाल आजम खान को गृह मंत्री बनाए जाने की बात राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित है। उत्तर प्रदेश सरकार या समाजवादी पार्टी की ओर से ऐसा कोई आधिकारिक निर्णय सामने नहीं आया है। इसलिए इस बयान को मौजूदा राजनीतिक संदर्भ में ही देखा जाना चाहिए।

कुल मिलाकर, शिवपाल यादव के बयान के बाद आजम खान एक बार फिर उत्तर प्रदेश की सियासत के केंद्र में आ गए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के तंज और मंत्री संजय निषाद की प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को और चर्चा में ला दिया है। अब नजर इस बात पर रहेगी कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता इस पूरे मामले पर क्या रुख अपनाते हैं।

आने वाले दिनों में यदि सपा की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आती है, तो यह विवाद और राजनीतिक रूप ले सकता है। फिलहाल, भाजपा नेताओं के बयानों से यह साफ है कि आजम खान से जुड़ा मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर चर्चा का प्रमुख विषय बन गया है।

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