आजमगढ़ में गैंगस्टर की 1.92 करोड़ की संपत्ति कुर्क, टप्पेबाज गैंग पर बड़ी कार्रवाई

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रिपोर्ट- पित्तेश्वर कुमार

आजमगढ़। संगठित अपराध और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत आजमगढ़ पुलिस और राजस्व विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। बिलरियागंज थाना क्षेत्र में अंतरजनपदीय टप्पेबाज और चोरी करने वाले गैंग के गैंगलीडर राज उर्फ सवारिया की करीब 1 करोड़ 92 लाख रुपये कीमत की 538.55 वर्ग मीटर भूमि कुर्क कर प्रशासनिक कब्जे में ले ली गई। यह कार्रवाई जिला मजिस्ट्रेट के आदेश पर गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत की गई।

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई संगठित अपराध के जरिए अर्जित संपत्ति पर आर्थिक चोट पहुंचाने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन का कहना है कि अपराध से अर्जित धन का इस्तेमाल संपत्ति खरीदने में किए जाने की पुष्टि जांच के दौरान हुई थी। इसके बाद राजस्व विभाग ने संबंधित भूमि का चिन्हांकन और मूल्यांकन किया, जिसके आधार पर इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.92 करोड़ रुपये सामने आई।

गैंग बनाकर टप्पेबाजी और चोरी के आरोप

पुलिस के मुताबिक, राज उर्फ सवारिया पुत्र सुरेश राम निवासी गड़ेरी पट्टी, थाना जीयनपुर पर गैंग बनाकर टप्पेबाजी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है। थाना जीयनपुर में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे की विवेचना के दौरान पुलिस को गैंग की गतिविधियों और कथित तौर पर अपराध से अर्जित संपत्ति के बारे में जानकारी मिली।

जांच में सामने आया कि गैंग के सदस्य भीड़भाड़ वाले स्थानों, धार्मिक स्थलों, मेलों और अन्य सार्वजनिक स्थानों को निशाना बनाते थे। पुलिस के अनुसार, प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ मंदिर वाराणसी और अयोध्या राम मंदिर जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर आने वाले श्रद्धालुओं के अलावा अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर भी टप्पेबाजी और चोरी की घटनाओं को अंजाम देने का आरोप है।

पुलिस का दावा है कि गैंग के सदस्य लोगों के सोने-चांदी के आभूषण और रुपये चोरी अथवा टप्पेबाजी के जरिए हड़प लेते थे। इन गतिविधियों से हासिल रकम का इस्तेमाल बाद में संपत्ति खरीदने और आर्थिक स्थिति मजबूत करने में किए जाने की बात जांच में सामने आई।

538.55 वर्ग मीटर भूमि पर प्रशासन की कार्रवाई

जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि राज उर्फ सवारिया के नाम से अलग-अलग स्थानों पर भूमि खरीदी गई थी। इसमें ग्राम नदौरा तकरकारी में 226.70 वर्ग मीटर और ग्राम गड़ेरी पट्टी में 311.85 वर्ग मीटर भूमि शामिल है। दोनों स्थानों की कुल भूमि 538.55 वर्ग मीटर है।

राजस्व विभाग की ओर से भूमि का मूल्यांकन किए जाने के बाद इसकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.92 करोड़ रुपये निर्धारित की गई। पुलिस के अनुसार, संपत्ति खरीदने और उससे संबंधित ऋण की किश्तों का भुगतान करने के लिए आरोपी की ओर से कोई वैध और पर्याप्त आय का स्रोत सामने नहीं आया।

इसके बाद जांच में उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी गई। मामले में जिला मजिस्ट्रेट, आजमगढ़ ने गैंगस्टर एक्ट की धारा 14(1) के तहत संबंधित संपत्ति को कुर्क करने का आदेश जारी किया। साथ ही तहसीलदार को कुर्क की गई संपत्ति का प्रशासक नियुक्त किया गया।

डुगडुगी पिटवाकर की गई कुर्की की कार्रवाई

जिला मजिस्ट्रेट के आदेश के अनुपालन में 14 अगस्त 2026 को बिलरियागंज पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम संबंधित गांवों में पहुंची। टीम ने ग्राम नदौरा तकरकारी और गड़ेरी पट्टी में नियमानुसार कार्रवाई करते हुए डुगडुगी पिटवाकर संपत्ति कुर्क किए जाने की सार्वजनिक सूचना दी।

इसके बाद दोनों स्थानों पर चिन्हित भूमि को प्रशासनिक कब्जे में ले लिया गया। कार्रवाई के दौरान राजस्व विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे। वहीं, जीयनपुर और बिलरियागंज थाने की पुलिस टीम ने भी मौके पर सुरक्षा व्यवस्था संभाली।

प्रशासन की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि पुलिस अब केवल आरोपियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं रहना चाहती, बल्कि अपराध से अर्जित संपत्ति के आर्थिक नेटवर्क पर भी कार्रवाई करने पर जोर दे रही है। इसी क्रम में गैंगस्टर एक्ट के तहत संपत्तियों की कुर्की को अपराधियों पर प्रभावी आर्थिक दबाव बनाने के महत्वपूर्ण माध्यम के रूप में देखा जा रहा है।

कई थानों में दर्ज हैं मुकदमे

पुलिस के मुताबिक, राज उर्फ सवारिया और उसके गैंग से जुड़े सदस्यों के खिलाफ चोरी, टप्पेबाजी और गैंगस्टर एक्ट से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। इनमें जीयनपुर, महराजगंज और लखनऊ के सुशांत गोल्फ सिटी थाने में दर्ज अभियोग शामिल बताए गए हैं।

पुलिस का कहना है कि अलग-अलग जिलों और स्थानों पर आपराधिक गतिविधियों से जुड़े मामलों की जांच के दौरान गैंग की गतिविधियों की जानकारी सामने आई। इसके बाद गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए अपराध से अर्जित संपत्ति का पता लगाने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई गई।

हालांकि, किसी भी आरोपी के खिलाफ आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत ही होगा। पुलिस और प्रशासन की ओर से की गई यह कार्रवाई जांच और उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर की गई है।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई

आजमगढ़ पुलिस के अनुसार, यह पूरी कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में की गई। अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण चिराग जैन के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी सगड़ी के निर्देशन में पुलिस एवं राजस्व विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई को अंजाम दिया।

कार्रवाई में नायब तहसीलदार सगड़ी आदर्श सिंह, राजस्व निरीक्षक सरजू प्रसाद शर्मा और हल्का लेखपाल अमरजीत यादव सहित जीयनपुर और बिलरियागंज थानों की पुलिस टीमें शामिल रहीं। अधिकारियों ने संबंधित भूमि का रिकॉर्ड और मौके की स्थिति के अनुसार कुर्की की प्रक्रिया पूरी की।

अपराध से अर्जित संपत्ति पर जारी रहेगी कार्रवाई

आजमगढ़ पुलिस ने कहा है कि संगठित अपराध, गैंगस्टरों, भूमाफिया और अपराध से अर्जित अवैध संपत्तियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस का उद्देश्य आपराधिक गतिविधियों से जुड़े आर्थिक नेटवर्क को कमजोर करना और अपराध से अर्जित संपत्ति पर कानूनी कार्रवाई करना है।

पुलिस के अनुसार, अपराधियों की आर्थिक गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाना कानून-व्यवस्था की प्राथमिकताओं में शामिल है। इसी वजह से आपराधिक मामलों की विवेचना के साथ-साथ आरोपियों की संपत्तियों और आय के स्रोतों की भी जांच की जा रही है।

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